असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 27 जुलाई। दमण में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की जेम्स ऑफ इंडिया पहल के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने एवं इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से एक बैठक का आयोजन किया गया। आज दमण में एक जागरूकता बैठक आयोजित की गई। यह बैठक क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी प्रियांशु सिंह की अध्यक्षता में समाहर्तालय के सभागार में आयोजित की गई।
क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी ने बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जेम्स ऑफ इंडिया पहल का पायलट चरण देश के 6 राज्यों एवं संघ प्रदेशों में प्रारंभ किया गया है। इस पायलट कार्यक्रम के अंतर्गत अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली तथा दमण एवं दीव, गोवा और लद्दाख को शामिल किया गया है। बैठक में मीडिया प्रतिनिधियों, कंटेंट क्रिएटर्स तथा माय भारत के जिला युवा समन्वयक ने भाग लिया। इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी ने प्रतिभागियों को जेम्स ऑफ इंडिया पहल के उद्देश्यों, इसकी कार्यप्रणाली तथा जनभागीदारी के महत्व से अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक धरोहर को जन- जन तक पहुँचाने के साथ-साथ नागरिकों, विशेषकर युवाओं को देश की अनमोल विरासत से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे अपने-अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं अन्य संचार माध्यमों के जरिए इस पहल का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और अधिक से अधिक लोगों को इसमें सहभागिता के लिए प्रेरित करें। प्रतियोगिता के प्रमुख मानदंडों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया गया कि प्रतिभागी अधिकतम 5 प्रविष्टियाँ भेज सकते हैं। प्रतियोगिता में 16 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी भाग लेने के पात्र होंगे। क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी ने कहा कि प्रविष्टियाँ 1 अगस्त 2026 से 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन जमा की जा सकेंगी, जबकि परिणामों की घोषणा 31 अक्टूबर 2026 को की जाएगी। प्रतिभागी 1 से 3 मिनट की अवधि वाले वीडियो अथवा शॉर्ट्स प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रत्येक प्रविष्टि का न्यूनतम आकार 2 एमबी तथा अधिकतम आकार 6 जीबी निर्धारित किया गया है। प्रतिभागी अपने जिले के पर्यटन स्थलों, लोक परंपराओं एवं कला, संस्कृति एवं विरासत, हस्तशिल्प एवं हथकरघा, स्थानीय व्यंजन, मौखिक परंपराओं एवं सामुदायिक कहानियों, प्रकृति एवं इको-टूरिज्म तथा जिले की अन्य विशिष्ट विशेषताओं पर आधारित रचनात्मक वीडियो एवं शॉर्ट्स तैयार कर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। बैठक के दौरान प्रतिभागियों के साथ संवाद भी किया गया, जिसमें अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई तथा उनके सुझाव आमंत्रित किए गए। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस पहल को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग एवं व्यापक जनजागरूकता फैलाने का आश्वासन व्यक्त किया।

