– सम्मान समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. बिनल नायक और अन्य अतिथियों ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को किया सम्मानित
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 5 सितंबर। दमण लायंस परिवार दमण द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शिक्षक दिवस पर स्व.एडवोकेट ईश्वरभाई नायक एवं उनकी धर्मपत्नी स्व. उर्मिलाबेन नायक की याद में 5 सितंबर को दमण के होटल उमेश में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में मनोज नायक की सुपुत्री डॉ. बिनल नायक, अतिथि विशेष के रूप में रिजनल चेयरपर्सन लायन बिपीन पटेल (एमजेएफ) एवं जोन चेयरपर्सन ज्योति रविंद्र (एमजेएफ) उपस्थित रहें। मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त शिक्षक राजेन्द्र डी टंडेल उपस्थित रहे और उन्होंने शिक्षक दिवस से संबंधित संबोधन दिया। इस समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. बिनल नायक ने अपने संबोधन में शिक्षकों के महत्व और उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मेरी दादी स्व. उर्मिलाबेन नायक भी शिक्षक थी, जो विद्यालय की प्रिंसिपल रहते हुए 60 वर्ष की उम्र में सेवानिवृत्त हुई थी। इसके बाद उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि, अभी दो दिन पहले मैंने एक सोशल मीडिया पर रील देखी। जिसमें कुछ इस तरह था कि उसमें एक डायस था, उसमें चार लोगों को बिठाया गया था। चारों के सामने नेम प्लेट थी। जिसमें एक के सामने लिखा था कैप्टन विक्रम, दूसरे के सामने स्मिता पटेल और एक के सामने डॉ. अमित शर्मा और एक थे जस्टीस सीमा। इसके बाद सामने तीन यंगस्टर को बिठाया था, जो कि स्कूल या कॉलेज जातें होंगे। उनसे पूछा गया कि यह चार लोग बैठे है, उनमें से सबसे अधिक इंपोर्टन्ट कौन है? एक ने कहा कि कैप्टन है, वजह बताई कि वह बॉर्डर पर रहता है, अपनी फैमिली को छोड़ कर लड़ाई लड़ता है क्योंकि हम यहाँ अपनी फैमिली के साथ निश्चिंत होकर रह सकें। किसी ने कहा कि डॉक्टर, क्योंकि 2020 में हम लॉकडाउन में थे। तब हम घर के अंदर थे और डॉक्टर्स घर के बाहर थे जो कि हमारे लिए फाईट कर रहे थे। तो किसी ने कहा कि जस्टीस, जज इंपोर्टन्ट है, क्योंकि यदि कोई क्राइम होता है, तब न्याय दिलाता है। कंस्टीट्युशन की रक्षा करता है। इसके बाद उन्हें यह सवाल किया गया कि, यह चारों में से सबसे कम इंपोर्टन्ट कौन है? इसमें तीनों का एक ही जवाब था, स्मिता पटेल। क्योंकि हमें पता नहीं यह कौन मैडम है? उनका प्रोफेशन क्या है? वह क्या करते हैं? हमें कोई आईडीया नहीं है। इस पर स्मिता पटेल को कहा गया कि आप अपनी पहचान साझा करें। तब स्मिता पटेल ने कहा कि मैं स्मिता पटेल हूँ। मैं एक स्कूल टीचर हूँ और यह तीनों मेरे छात्र है। यह सुनने के बाद तीनों छात्रों का माइंड चेन्ज हो गया। उन्होंने कहा कि स्मिता पटेल इज मोस्ट इंपोर्टन्ट। उन्होंने कहा कि आज के जमाने में यह फास्ट जनरेशन एआई की जनरेशन है। हमें कुछ जानना है, तो हम तुरंत गुगल पर जाते हैं। लेकिन गुगल भी हमें सिर्फ इंफोर्मेशन देता है। नॉलेज नहीं देता है। इंफोर्मेशन और नॉलेज दो अलग चीजें है और वह नॉलेज हमें शिक्षक के पास से मिलता है। शिक्षक वह पहला व्यक्ति है जो बचपन से ही बच्चों के गुण को देखकर उसे उसी तरह डायरेक्ट करते हैं। मेरा तो मानना यह है कि, सरकारी नियम के अनुसार शिक्षक को रिटायरमेंट लेनी पडती है। मैं तो कहती हूँ कि रिटायरमेंट एक एज लिमिट की वजह से होती है, किन्तु उनका नॉलेज अनलिमिटेड है और उसका कोई अंत नहीं है। शिक्षक के लिए जितना कहे उतना कम है। डॉ. बिनल नायक ने कहा कि हमारे प्रदेश से दमण की शिक्षिका पूर्णिमा पटेल को दिल्ली में आज राष्ट्रपति महोदया के हाथों बेस्ट शिक्षक अवार्ड मिला है, जो हमारे लिए गर्व की बात है। इस अवसर पर उपस्थित विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिए यहीं पढाई का सही समय है। यह सम्मान विद्यार्थियों के लिए मोटिवेशन और अन्य के लिए इंप्रेशन है। डॉ. बिनल नायक ने अपने दादा की कहीं हुई बातों को शेयर करते हुए कहा कि सफलता उन्हें मिलती है जो पसीने से नहाते हैं और जो पसीने से नहाता है वहीं इतिहास लिखता है। इस सम्मान समारोह के दौरान इस वर्ष सेवानिवृत्त हुए सरकारी एवं अन्य विद्यालयों के शिक्षकों का शॉल ओढाकर एवं पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया। इसके साथ ही 10वीं और 12वीं बोर्ड में उत्कृष्ट अंकों से उत्तीर्ण तेजस्वी विद्यार्थियों का भी सम्मान लायंस परिवार द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में दमण लायंस क्लब परिवार, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

