नई दिल्ली,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि भारत और बेल्जियम सैन्य आदान-प्रदान व प्रशिक्षण सहयोग को बढ़ाएंगे, उन्होंने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को दोनों देशों के संबंधों का मुख्य स्तंभ बताया। नई दिल्ली में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ एक संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित कर पीएम मोदी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार-आधारित अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच मजबूत संबंध भारत और बेल्जियम को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दिया कि दोनों देश मिलिट्री एक्सचेंज और प्रशिक्षण सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। हमारी सरकारों और रक्षा उद्योगों के बीच हुए समझौते रक्षा क्षेत्र में मिलकर विकास और उत्पादन के नए अवसर पैदा करने वाले है। इसके अतिरिक्त, खुफिया जानकारी साझा करने और अपराध के खिलाफ सहयोग को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने जोरावर टैंक जैसे आधुनिक रक्षा उपकरणों पर मिलकर काम करने और काकीनाडा में दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स में से एक को विकसित करने का उल्लेख किया। पीएम मोदी ने भारत और बेल्जियम के संबंधों की जड़ों को इतिहास में गहरा बताकर प्रथम विश्व युद्ध में बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान को साझा स्मृति का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में दोनों देशों की साझेदारी ने उल्लेखनीय प्रगति की है, पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक फैल गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आर्थिक वृद्धि की सराहना कर कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों और अन्य चुनौतियों के बावजूद, भारत की अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बनाए रखी है। पिछली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए, भारत की विकास गाथा आज दुनिया के लिए विश्वास और नए अवसरों का स्रोत बन रही है। इस वर्ष की शुरुआत में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हस्ताक्षरित ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) भी वैश्विक स्थिरता, विकास और साझा समृद्धि को नई मजबूती देगा, जिससे हमारे आर्थिक संबंधों के लिए नई संभावनाएं खुली हैं। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और बेल्जियम के बीच हुए समझौते (एमओयू) से स्थिरता पर दोनों देशों के सहयोग को नई गति मिलेगी।

