– हत्या, डकैती, लूट, यौन अपराध और हथियार मामलों के आरोपी बने भीड़ का हिस्सा: सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली 27 जुलाई। संसद मार्च के दौरान पिछले सोमवार भड़की हिंसा में शामिल लोगों को लेकर दिल्ली पुलिस की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हिंसा, पुलिसकर्मियों पर हमले और सरकारी एवं निजी वाहनों में तोड़फोड़ करते दिखाई देने वाले 2,873 लोगों का सत्यापन किया गया। इनमें से 989 लोगों के खिलाफ हत्या, डकैती, लूट, यौन अपराध, हथियार और मादक पदार्थों से जुड़े गंभीर आपराधिक मामले दर्ज पाए गए। सूत्रों के मुताबिक, हिंसा में शामिल लोगों में 101 ऐसे आरोपी शामिल थे जिनके खिलाफ हत्या के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा 284 लोग डकैती और लूट, 92 आरोपी महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों, 135 स्नैचिंग, 229 आर्म्स एक्ट, 67 एनडीपीएस एक्ट तथा 19 अपहरण के मामलों में पहले से आरोपी रह चुके हैं। दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि चिन्हित किए गए आरोपियों में बड़ी संख्या आदतन अपराधियों (हैबिचुअल ऑफेंडर्स) की है। हत्या के मामलों में शामिल 101 आरोपियों में से 42 के खिलाफ दो या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि 12 आरोपियों का आपराधिक इतिहास 10 या उससे अधिक मामलों तक फैला हुआ है।
इसी प्रकार, डकैती और लूट के 284 आरोपियों में से 155 के खिलाफ एक से अधिक आपराधिक मामले दर्ज पाए गए। इनमें 31 आरोपी ऐसे हैं जिन पर 10 या उससे अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, हिंसा में शामिल लोगों की आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी गई है। रिपोर्ट में हिंसा में शामिल व्यक्तियों के आपराधिक इतिहास और उनके खिलाफ दर्ज मामलों का विस्तृत विवरण शामिल है। सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

