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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दमण-दीव और दादरा नगर हवेली में अत्यंत प्रभावी शासन मॉडल और तेज विकास की प्रशंसा की

पीआईबी दिल्ली, 05 जून। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज दमण में लगभग 2,970 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और राष्ट्र को समर्पित करते हुए आधारशिला रखी। स्थानीय नेताओं और नागरिकों की उपस्थिति को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत भारी जनसमर्थन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए की। अपनी पिछली यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि कैसे उनका पूर्व अवलोकन वास्तविकता में तब्दील हो गया है, और यह क्षेत्र अब गर्व से राष्ट्र की विविधतापूर्ण और जीवंत छवि का प्रतिनिधित्व कर रहा है। श्री मोदी ने कहा, दमण लघु भारत का एक जीवंत उदाहरण बन गया है, जहां विभिन्न क्षेत्रों के लोगों का निवास पूरे देश की एक सुंदर झलक प्रस्तुत करता है। केंद्र शासित प्रदेशों की प्रशासनिक प्रगति पर गहरी संतुष्टि व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्री ने दमण, दीव और दादरा एवं नगर हवेली में सक्रिय रूप से लागू किए जा रहे अत्यंत प्रभावी शासन मॉडल की सराहना की। श्री मोदी ने कहा, जब भी मैं यहां आता हूं, मुझे लगता है कि मेरी पिछली यात्रा की तुलना में यह क्षेत्र विकास के पथ पर मीलों आगे बढ़ चुका है। क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि को चिह्नित करते हुए, उन्होंने कनेक्टिविटी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और शहरी अवसंरचना से संबंधित कई परिवर्तनकारी परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन पहलों के पीछे अथक प्रशासनिक प्रयासों को स्वीकार करते हुए, उन्होंने युवाओं के लिए आधुनिक सुविधाओं और नए अवसरों को सुगम बनाने के लिए नेतृत्व की प्रशंसा की। श्री मोदी ने कहा, ये विकास कार्य लोगों के जीवन को अत्यंत सुगम बनाएंगे और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगे। राष्ट्रीय आर्थिक परिदृश्य पर बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने नवीनतम उत्साहजनक जीडीपी आंकड़े साझा किए और अंतिम तिमाही में 7.8 प्रतिशत की शानदार वृद्धि का श्रेय देश के मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी सुधार एजेंडा को दिया। श्री मोदी ने कहा, वैश्विक संकट के इस कठिन दौर में भी, 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक प्रयासों से भारत खुद को संभाले हुए है और अग्रणी बने रहने का प्रयास कर रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राष्ट्र के अवसंरचना संबंधी लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए, उन्होंने दीव की उस ऐतिहासिक उपलब्धि का बखान किया, जिसके तहत सभी सरकारी भवनों को पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित किया जा रहा है। विकेंद्रीकृत हरित ऊर्जा उत्पादन के भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए, उन्होंने वर्तमान में चल रहे व्यापक वृक्षारोपण अभियानों और छतों पर सौर ऊर्जा परियोजनाओं की सराहना की। श्री मोदी ने कहा, हमें इसे और आगे ले जाना होगा ताकि घरों को भी सौर ऊर्जा से बिजली मिल सके और परिवार अतिरिक्त ऊर्जा से आय अर्जित कर सकें। स्थानीय जनता द्वारा प्रदर्शित गहन नागरिक चेतना की सराहना करते हुए, प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से क्षेत्र में चल रहे व्यापक स्वच्छता अभियानों की प्रशंसा की। श्री मोदी ने कहा, जनता की यह सक्रिय भागीदारी स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि स्वच्छता वास्तव में लोगों के बीच एक भावना बन गई है। केंद्र शासित प्रदेश और सिंगापुर के ऐतिहासिक आर्थिक विकास के बीच एक दूरदर्शी तुलना करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नामो हवाई अड्डे और प्रतिष्ठित दमणगंगा पुल जैसी विशाल अवसंरचना परियोजनाएं केवल स्थानीय स्तर पर किए गए सुधार नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर ख्याति प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं। श्री मोदी ने कहा, इस तरह की सभी अवसंरचनाओं के माध्यम से, हम भविष्य के महान संकल्पों के लिए एक मजबूत नींव रख रहे हैं। स्थानीय विकास एजेंडा के रसद संबंधी लाभों पर विस्तार से बताते हुए, प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सुगम आवागमन किस प्रकार व्यापार और आतिथ्य सत्कार के विस्तार में प्रत्यक्ष रूप से योगदान देता है। श्री मोदी ने कहा, ट्रांसपोर्ट नगर जैसी सुविधाएं निस्संदेह हमारे व्यापार और रसद को एक नई और सशक्त गति प्रदान करेंगी। भारत की व्यापक समुद्री रणनीति का विस्तार करते हुए, उन्होंने क्षेत्र की स्थानीय प्रगति को देश की समग्र नीली अर्थव्यवस्था की परिकल्पना से अटूट रूप से जोड़ा और लक्षद्वीप में चल रहे बंदरगाह विकास का उदाहरण दिया। श्री मोदी ने कहा, उच्च तकनीक वाले बुनियादी ढांचे द्वारा संचालित ये सभी लक्षित प्रयास नीली अर्थव्यवस्था में देश की ताकत को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएंगे। सरकार के मूल विकास दर्शन को परिभाषित करते हुए, प्रधानमंत्री ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और डिजिटल स्वास्थ्य मिशन जैसी समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से हाशिए पर पड़े समुदायों, गरीबों, आदिवासियों और मध्यम वर्ग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। श्री मोदी ने कहा, ”आज सबसे गरीब लोगों के पास भी आयुष्मान कार्ड की सुविधा और 5 लाख रुपये तक के मुफ्त चिकित्सा उपचार का ठोस आश्वासन है।” इन लक्षित कल्याणकारी योजनाओं से मिली व्यापक वित्तीय राहत का ब्यौरा देते हुए प्रधानमंत्री ने आम परिवारों को मिले ठोस आर्थिक लाभों को दर्शाया। श्री मोदी ने कहा, केवल आयुष्मान कार्ड और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से ही गरीब और मध्यम वर्ग के लगभग सवा दो लाख करोड़ रुपये सफलतापूर्वक बचाए गए हैं। वर्तमान चिकित्सा अवसंरचना की तुलना अतीत की कमियों से करते हुए, उन्होंने सिलवासा में नामो अस्पताल की सफल परिचालन स्थिति और दमण में इसके समकक्ष अस्पताल के उद्घाटन के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत का जश्न मनाया। श्री मोदी ने कहा, इस क्षेत्र के लोगों को अब और भी बेहतर और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का भरपूर लाभ मिलेगा। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के व्यापक आंकड़ों का हवाला देते हुए, प्रधानमंत्री ने संस्थागत प्रसव और बाल टीकाकरण में हुई अभूतपूर्व वृद्धि का उल्लेख किया, जो मिशन इंद्रधनुष जैसी पहलों की सफलता को साबित करता है। श्री मोदी ने कहा, आज आयुष्मान भारत ने इन आंकड़ों को मौलिक रूप से बदल दिया है, और अब 60 प्रतिशत से अधिक परिवारों को यह महत्वपूर्ण सुरक्षा मिल रही है। सरकार द्वारा किए गए व्यापक स्वास्थ्य सेवा सुधार से सबसे अधिक लाभान्वित होने वाले जनसांख्यिकीय समूह का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं की ओर ध्यान केंद्रित किया। श्री मोदी ने कहा, ”यदि किसी को स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार के ईमानदार प्रयासों से सबसे अधिक लाभ हुआ है, तो वह नि:संदेह देश की नारी शक्ति हैं।” केंद्र शासित प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे पुनर्जागरण को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने उच्च शिक्षा के लिए युवाओं के जबरन पलायन पर रोक लगने की सराहना की और स्मार्ट कक्षाओं और स्वामी विवेकानंद शिक्षा केंद्र की तेजी से स्थापना का जश्न मनाया। श्री मोदी ने कहा, ”मुझे खुशी है कि केंद्र शासित प्रदेश शिक्षा के इस अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र में धीरे-धीरे और दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है।” शिक्षा के क्षेत्र में चल रही क्रांति के अंतर्गत लैंगिक समानता के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उन्होंने युवा महिलाओं के उत्थान के लिए विशेष रूप से तैयार की गई स्थानीय पहलों की प्रशंसा की। श्री मोदी ने कहा, सरस्वती साइकिल योजना और सरस्वती विद्या योजना जैसी योजनाएं यहां की बेटियों की बहुत मदद कर रही हैं। शैक्षणिक डिग्रियों को व्यावहारिक वैश्विक अवसरों से सहजता से जोड़ने की राष्ट्रीय रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए, प्रधानमंत्री ने ड्रोन, आईटी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विशेष शिक्षा के माध्यम से कार्यबल के आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने कहा, व्यावसायिक क्षेत्रों में हमारी वर्तमान लक्षित तैयारी भारत के भावी कार्यबल को मौलिक रूप से मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री ने एनआईएफटी के अठारहवें परिसर की नींव रखने और आईटीआई दमण में उन्नत तकनीकी पाठ्यक्रमों की शुरुआत की घोषणा करते हुए इन संस्थानों को विश्व के लिए महत्वपूर्ण द्वार बताया। श्री मोदी ने कहा, यह प्रमुख संस्थान यहां के युवाओं को अमूल्य वैश्विक अनुभव से स्थायी रूप से जोड़ेगा। देश की खेल संस्कृति के क्रांतिकारी लोकतंत्रीकरण पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री ने खेलो इंडिया जैसी पहलों की सराहना की, जिन्होंने महानगरों के स्टेडियमों से ध्यान हटाकर स्थानीय मैदानों पर केंद्रित किया है। उन्होंने विशेष रूप से दीव के एक प्रमुख बीच स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में उभरने का उल्लेख किया। श्री मोदी ने कहा, खेलो इंडिया जैसे प्रयासों ने छोटे क्षेत्रों के युवाओं को अपनी अद्भुत प्रतिभा दिखाने के लिए एक बिल्कुल नया मंच प्रदान किया है। भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता का लाभ उठाने के लिए अपनाई गई रणनीतिक रणनीति का विस्तार से वर्णन करते हुए, प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘देखो अपना देश’ जैसे अभियान विरासत, पर्यावरण और साहसिक पर्यटन क्षेत्रों को सक्रिय रूप से पुनर्जीवित कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा, हमारा अंतिम प्रयास यह है कि पर्यटन लगातार स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा दे, साथ ही छोटे स्थानों को विशाल अवसरों से जोड़े। पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन में दस गुना हुई आश्चर्यजनक वृद्धि का खुलासा करते हुए, उन्होंने इस आर्थिक उछाल का श्रेय स्थानीय समुद्र तटों के उत्कृष्ट रखरखाव और आधुनिक समुद्री तटों और विरासत परिसरों के तीव्र विकास को दिया। श्री मोदी ने कहा, दमण नाइट मार्केट और नमो पथ समुद्री तट जैसे कई स्थान आज इस पूरे क्षेत्र के लिए एक नई पहचान बनाने में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं। इस क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता को पहचानते हुए, विशेष रूप से दादरा और नगर हवेली को राष्ट्रीय मानव निर्मित फाइबर राजधानी का दर्जा प्राप्त होने के कारण, प्रधानमंत्री ने एक मजबूत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए स्थानीय लघु एवं मध्यम उद्यमों को दिए जा रहे निरंतर वित्तीय समर्थन पर जोर दिया। श्री मोदी ने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र निश्चित रूप से विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र बन जाएगा। संवेदनशील शासन को जमीनी स्तर पर त्वरित परिवर्तन से जोड़ते हुए अपने संबोधन का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने विकास के अगले चरण का नेतृत्व करने के लिए स्थानीय युवाओं, किसानों और उद्यमियों पर अटूट विश्वास व्यक्त किया। श्री मोदी ने कहा, केंद्र सरकार आपके सपनों को साकार करने के लिए हमेशा आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी। संघ प्रदेश थ्रीडी को कई विकास परियोजनाओं की सौगात देने के लिए दमण दौरे पर आए पीएम मोदी का अभिवादन करते हुए प्रशासक प्रफुल पटेल ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि, प्रदेश में आठवीं बार दौरा करने के लिए मैं प्रदेशवासियों की ओर से आपका स्वागत और अभिनंदन करता हूँ। उन्होंने कहा कि देश को वैश्विक पहचान दिलाने वाले पीएम मोदी ने आजाद भारत में लगातार 25 वर्ष हेड ऑफ गवर्नमेंट के रूप में बिना कोई अवकाश लिये काम किया है, यह परिश्रम की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि, आपश्री ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बहार निकाला है, गरीबों की चिंता करते हुए करोड़ों लोगों को कच्चा मकान से पक्का मकान दिया है। जिनके लिए बैंक सपना होता था, ऐसे करोड़ों लोगों का जीरो बैलेन्स से खाता खुलवाया है। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा उपलब्ध कराई है। प्रधानमंत्री आरोग्य योजना, मोदी केयर, आयुष्यमान कार्ड योजना सहित के स्वास्थ्य सुविधाएँ भी प्रदान की है। उज्जवला योजना के माध्यम से गैस उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि असंभव कार्य को संभव कर दिखाया। जिसमें अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाना, त्रिपल तलाक जैसे कार्य किये है। इतना ही नहीं दुश्मन देश के घर में घुसकर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया है। पिछले एक दशक में आपके नेतृत्व में प्रशासनिक प्रक्रिया पादर्शी और गतिशील बनी है। वहीं भारत मोबाइल का सबसे ज्यादा उत्पादन वाला देश बना है। नारी शक्ति वंदन के तहत महिलाओं को सत्ता में भागीदारी मिली है। प्रशासक प्रफुल पटेल ने राजा विक्रमादित्य का जिक्र करते हुए कहा कि वे सबके दु:ख में भागीदार बनते थे, हरेक की सेवा के लिए तत्पर रहते थे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की संवेदना साधारण मनुष्य के लिए राजा विक्रमादित्य के जैसी ही है, उन्होंने पीएम मोदी की तुलना राजा विक्रमादित्य से करते हुए उन्हें ‘पर-दु:खभंजन’ बताया। प्रशासक प्रफुल पटल ने कहा कि आपने अपना पूरा जीवन सेवा कार्य में लगा दिया। उन्होंने कहा कि आपने लक्षद्वीप में एक डुबकी लगाकर 3,000 पर्यटकों की संख्या को काफी कम समय में ही 1,30,000 तक पहुँचा दिया। कोरोना काल के दौरान आपके आह्वान को जिस तरह लोगों ने माना उसी तरह तेल बचाओं आह्वान को भी लोग सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का व्यक्तित्व पारसमणी जैसा है। पहले भी योजनाएँ बनती थी, लेकिन कितना साकार होती थी इसका पता नहीं। पिछले 10 वर्षों में संघ प्रदेश की दिशा और दशा बदल गयी है, प्रदेश का पूरा कायापलट कर दिया है। इस संघ प्रदेश पर आपकी असीम कृपा बनी हुई है। प्रदेश को अनेक सौगातें देने के लिए प्रशासक प्रफुल पटेल ने उपस्थित विशाल जन समुदाय को मोबाइल का फ्लैश जलाकर भारत माता की जयकारें के साथ पीएम मोदी का स्वागत कराते हुए अपने संबोधन को विराम दिया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी के हाथों नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्त प्रमाणपत्र भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर दादरा नगर हवेली की सांसद कला डेलकर, दमण नगरपालिका प्रमुख दीपिका टंडेल, दमण जिला पंचायत प्रमुख धरम पटेल, सिलवासा नगरपालिका प्रमुख सोमनाथ देवरे, दादरा नगर हवेली जिला पंचायत प्रमुख निशा भावर, दीव नगरपालिका प्रमुख हरेश कापडिया, दीव जिला पंचायत प्रमुख रंजीता कोटिया की मंच पर मौजूदगी रही। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों में उपस्थित रहकर पीएम मोदी का अभिवादन किया। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दीव और लक्षद्वीप में भी देखा गया।

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