दमण-दीव सांसद उमेश पटेल ने लोकसभा में उठाए प्रदेश हित के दो महत्वपूर्ण मुद्दें
– केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात कर सांसद उमेश पटेल ने मधुबन बांध एवं बाढ सुरक्षा एवं प्रभावित लोगों के पुनर्वास जैसे मुद्दों को लेकर सौंपा ज्ञापन
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली/दमण, 31 जुलाई। दमण-दीव के सांसद उमेश पटेल ने आज अपने संसदीय क्षेत्र से जुडे दो अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाया। एक ओर उन्होंने लोकसभा में तारांकित प्रश्न संख्या 197 के माध्यम से नमो मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान संस्थान सिलवासा की पीजी फीस, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शुल्क असमानता तथा मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों का गंभीर मुद्दा उठाया। वहीं दूसरी ओर उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से भेंटकर मधुबन बांध की सुरक्षा, दमणगंगा बेसिन के बाढ प्रबंधन एवं प्रभावित लोगों के पुनर्वास का विषय प्रमुखता से रखा। लोकसभा में सांसद उमेश पटेल द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न में देशभर के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों की फीस में व्याप्त असमानता पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया। विशेष रूप से नमो मेडिकल कॉलेज सिलवासा की पीजी फीस की समीक्षा कर उसे विद्यार्थियों के लिए अधिक तर्कसंगत एवं आर्थिक रूप से उपयुक्त बनाने की मांग की गई। इसके साथ ही उन्होंने मेडिकल कॉलेज में नियमित प्राध्यापकों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं अन्य स्वीकृत पदों में रिक्तियों का विस्तृत विवरण मांगा तथा पूछा कि इन रिक्तियों का चिकित्सा शिक्षा, क्लिनिकल प्रशिक्षण और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर क्या प्रभाव पड रहा है तथा इन्हें शीघ्र भरने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है? दुर्भाग्यवश, सदन में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल सुचारु रूप से नहीं चल सका, जिससे सांसद उमेश पटेल को अपना प्रश्न मौखिक रूप से पूछने तथा मंत्री से प्रत्यक्ष उत्तर प्राप्त करने का अवसर नहीं मिला। हालांकि, उनका प्रश्न लोकसभा के पटल पर आधिकारिक रूप से दर्ज हुआ और सरकार ने उसका लिखित उत्तर प्रस्तुत किया। इसी दिन सांसद उमेश पटेल ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से मुलाकात कर हाल ही में दादरा नगर हवेली, दमण, गुजरात के वापी तथा महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में आई भीषण बाढ के कारण उत्पन्न स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि रिकॉर्ड वर्षा, मधुबन बांध से छोडे गए अत्यधिक जल, लगातार वर्षा तथा समुद्र में उच्च ज्वार (हाई-टाइड) के संयुक्त प्रभाव से पूरे दमणगंगा बेसिन में गंभीर बाढ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई। इस आपदा में हजारों परिवार प्रभावित हुए, अनेक घर एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान जलमग्न हुए, किसानों की फसलें नष्ट हुईं तथा मछुआरों की नौकाओं को भारी नुकसान पहुँचा। सांसद उमेश पटेल ने वर्ष 2004 की दर्दनाक घटना का भी उल्लेख किया। जिसमें मधुबन बांध से जल छोडे जाने के बाद आई त्रासदी में लगभग 32 स्कूली बच्चों सहित लोगों की मृत्यु हुई थी। उन्होंने कहा कि हाल की घटना ने लोगों के मन में वही भय पुन: जीवित कर दिया है और भविष्य में ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए दीर्घकालीन एवं वैज्ञानिक समाधान आवश्यक है।
ज्ञापन के माध्यम से सांसद उमेश पटेल ने मधुबन बांध का राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र सुरक्षा ऑडिट, केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी), राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की संयुक्त विशेषज्ञ समिति द्वारा निरीक्षण, बांध की संरचनात्मक एवं भूकंपीय क्षमता का वैज्ञानिक अध्ययन, डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में प्रोटेक्शन डैम/फ्लड बफर डैम का निर्माण, दमणगंगा बेसिन के लिए इंटीग्रेटेड फ्लड मैनेजमेंट प्लान, आधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम, एसएमएस अलर्ट, सायरन वार्निंग सिस्टम, सार्वजनिक एसओपी, बाढ प्रभावितों के लिए राहत एवं पुनर्वास तथा मधुबन बांध एवं दमणगंगा बेसिन की सुरक्षा पर व्हाइट पेपर जारी करने की मांग की। मुलाकात के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने सांसद उमेश पटेल की बातों को गंभीरता से सुना और कहा कि उन्हें हाल की बाढ की पूरी जानकारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय पर जल्द से जल्द उचित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर सांसद उमेश पटेल ने कहा कि संसद के भीतर हो या मंत्रालय के स्तर पर, मेरी प्राथमिकता केवल और केवल मेरे संसदीय क्षेत्र के लोगों के हितों की रक्षा करना है। एक ओर हम युवाओं के लिए सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की लडाई लड रहे हैं, तो दूसरी ओर लाखों लोगों की सुरक्षा, बाढ प्रबंधन और भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति रोकने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष लगातार आवाज उठा रहे हैं। मैं प्रदेश की जनता के हर महत्वपूर्ण विषय को पूरी मजबूती के साथ संसद और संबंधित मंत्रालयों तक पहुँचाता रहूँगा। सांसद उमेश पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार दोनों विषयों- चिकित्सा शिक्षा सुधार एवं मधुबन बांध तथा दमणगंगा बेसिन की सुरक्षा पर संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश की जनता को राहत प्रदान करेगी।

