दादरा नगर हवेली में पीओपी मूर्तियों के निर्माण, बिक्री, परिवहन और विसर्जन पर सख्ती
असली आज़ादी न्यूज नेटवर्क, सिलवासा, 20 अगस्त। दादरा नगर हवेली जिला प्रशासन ने आगामी गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा को देखते हुए प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित मूर्तियों के उपयोग और विसर्जन पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया है। उप-विभागीय मजिस्ट्रेट अमित कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। प्रशासन के अनुसार पीओपी से बनी मूर्तियां पानी में आसानी से घुलती नहीं हैं। इनके जलाशयों में विसर्जन से जल प्रदूषण बढ़ने के साथ जलीय जीवों, सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा भी पीओपी मूर्तियों के उपयोग को हतोत्साहित करते हुए प्राकृतिक मिट्टी अथवा अन्य जैव-अवक्रमणीय सामग्री से बनी पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है। जिला प्रशासन के आदेश के तहत गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा के दौरान पीओपी की मूर्तियों के निर्माण, परिवहन, बिक्री, वितरण, प्रदर्शन और स्थापना पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा जिले की नदियों, झीलों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों में पीओपी मूर्तियों का विसर्जन भी पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विसर्जन के लिए केवल प्राकृतिक मिट्टी अथवा जैव-अवक्रमणीय सामग्री से निर्मित पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों की अनुमति होगी। साथ ही विसर्जन के उद्देश्य से पीओपी की मूर्तियों को दादरा नगर हवेली जिले में लाने पर भी रोक रहेगी। आदेश में सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक संगठनों, मूर्ति निर्माताओं, विक्रेताओं और नागरिकों से प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। पुलिस विभाग, सिलवासा नगर परिषद, जिला पंचायत तथा अन्य संबंधित प्राधिकरणों को आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। चूंकि आदेश व्यक्तिगत रूप से सभी को तामील कराना संभव नहीं है, इसलिए इसे सार्वजनिक सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए सार्वजनिक डोमेन में जारी किया गया है। प्रशासन ने नागरिकों से आगामी त्योहारों को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से मनाने और प्राकृतिक मिट्टी से बनी मूर्तियों को प्राथमिकता देने की अपील की है।

