असली आज़ादी न्यूज नेटवर्क, वलसाड, 19 अगस्त। खाद्य सामग्री में मिलावट और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ वलसाड प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला खाद्य एवं औषधि नियामक तंत्र (Food and Drugs Department) की टीम ने बुधवार को वलसाड शहर के हालर रोड स्थित ‘गोपाल डेयरी’ पर अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान डेयरी से भारी मात्रा में संदिग्ध पनीर जब्त किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, गोपाल डेयरी में जांच के दौरान बिना लेबल वाला 57 किलोग्राम संदिग्ध पनीर बरामद हुआ। इस पनीर की अनुमानित कीमत लगभग 15,775 रुपये आंकी गई है। नियमों का उल्लंघन होने के कारण, नगर पालिका के सहयोग से इस पूरे जत्थे को मौके पर ही पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कु. भाविका बी. पटेल ने बताया कि यह कार्रवाई डेजिग्नेटेड ऑफिसर ए.आर. वलवी के मार्गदर्शन में की गई। टीम ने संदिग्ध पनीर का एक सैंपल (नमूना) लेकर उसे प्रयोगशाला (लैबोरेट्री) में जांच के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद डेयरी संचालक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग के डेजिग्नेटेड ऑफिसर ए.आर. वलवी ने स्पष्ट किया कि बाजार में ‘एनालॉग पनीर’ (मिलावटी या कृत्रिम पनीर) बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। नियमों के अनुसार केवल दूध से बने असली पनीर को ही बेचा जा सकता है। इसके अलावा, पनीर के पैकेट पर ‘मिल्क पनीर’, ‘लो फैट पनीर’ या ‘फुल फैट पनीर’ का साफ लेबल होना अनिवार्य है। अगर किसी दुकान पर बिना लेबल का पनीर मिलता है, तो उसे संदिग्ध मानकर तुरंत नष्ट करने का नियम है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों से खिलवाड़ करने वाले होटल और डेयरी संचालकों को बख्शा नहीं जाएगा।

