– मौसम विभाग के अनुसार 22 जुलाई को दक्षिण गुजरात के नवसारी, वलसाड तथा केंद्र शासित प्रदेश दमण एवं दादरा नगर हवेली के कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है
गांधीनगर (ईएमएस)। दक्षिण गुजरात और संघ प्रदेश दमण और दादरा नगर हवेली में भारी बारिश होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य में आगामी दिनों में मानसून के दौरान भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए सोमवार को गांधीनगर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (एसईओसी) में राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा की अध्यक्षता में वेदर वॉच ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संभावित वर्षा की स्थिति के मद्देनजर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा आपदा प्रबंधन के लिए प्रशासन की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा ने सभी संबंधित विभागों से वर्षा की संभावित स्थिति और उनकी तैयारियों की जानकारी प्राप्त की तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी सूचना तत्काल राज्य नियंत्रण कक्ष (स्टेट कंट्रोल रूम) को दी जाए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।
उन्होंने बताया कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए सैटेलाइट चित्रों और नवीनतम मौसम पूर्वानुमानों के आधार पर दक्षिण गुजरात सहित राज्य के उन सभी क्षेत्रों पर, जहां भारी वर्षा की आशंका है, स्टेट कंट्रोल रूम द्वारा चौबीसों घंटे लगातार निगरानी रखी जा रही है। राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीमों को आवश्यक उपकरणों एवं संसाधनों के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से ही तैनात कर दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जा सके। मौसम विभाग के अनुसार गुजरात में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन तथा अरब सागर में विकसित हुई मौसम प्रणाली के प्रभाव से आगामी सात दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। विशेष रूप से दक्षिण गुजरात में व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 22 जुलाई को दक्षिण गुजरात के नवसारी, वलसाड तथा केंद्र शासित प्रदेश दमण एवं दादरा नगर हवेली के कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना है। इसी प्रकार 22 और 23 जुलाई को उत्तर एवं मध्य गुजरात के अरावली, पंचमहल, दाहोद, महिसागर, नर्मदा, सूरत, डांग और तापी जिलों के कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। वहीं 24 जुलाई को साबरकांठा, अरावली, बनासकांठा, मेहसाणा, गांधीनगर, आनंद, खेड़ा, पंचमहल, दाहोद, महिसागर तथा दक्षिण गुजरात के सभी जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। राहत आयुक्त गौरांग मकवाणा ने बताया कि राज्य के बुनियादी ढांचे एवं जलाशयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम स्तर पर आवश्यक योजना तैयार कर ली गई है। जल संसाधन एवं सिंचाई विभाग द्वारा राज्य के प्रमुख बांधों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारी वर्षा के कारण किसी क्षेत्र में सड़कें बंद होती हैं, तो आवागमन बनाए रखने के लिए सड़क एवं भवन विभाग को वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त ऊर्जा विभाग को भी निर्देशित किया गया है कि यदि वर्षा के कारण कहीं विद्युत आपूर्ति बाधित होती है तो उसे न्यूनतम समय में पुन: बहाल करने के लिए आपातकालीन टीमें पूरी तरह स्टैंडबाय पर रहें। बैठक में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड), भारतीय नौसेना, स्वास्थ्य विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग तथा राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और मानसून के दौरान संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अपनी तैयारियों की जानकारी प्रस्तुत की।

