असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 19 जुलाई। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण दमण-दीव के एड-हॉक मेंबर सेक्रेटरी राजेश एस. तिवारी के मार्गदर्शन में 18 जुलाई को सुबह 10 बजे से मोटी दमण कोर्ट परिसर के कोर्ट हॉल में कानूनी साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण दमण और एडवोकेट बार एसोसिएशन दमण के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में सीजेजेडी और जेएमएफसी दमण श्री ओमकार जे. कुलकर्णी ने जानकारी देते हुए कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से कई मामले निपटाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू, प्रॉपर्टी, परिवार एवं श्रम से जुड़े कई मामलों का निपटारा दोनों पार्टियों को समझाकर मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जा सकता है। ऐसे मामलों को प्री लिटिगेशन के दौरान ही सुलझाये जा सकते हैं। मध्यस्थता से मामलों का निपटारा होने से दोनों पार्टियों का समय और पैसे की भी बचत होती है। इसमें दोनों पक्षों और वकीलों को मध्यस्थता के बारे में विचार करने की अत्यंत आवश्यकता है। राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण दमण की को-मेंबर सेक्रेटरी श्रीमती पी. पी. भारस्कडे-वाघ ने कहा कि कोर्ट के समक्ष जब मामले आते हैं तो उन्हें सुलझाने में कई साल लग जाते हैं, आपको लंबा इंतजार भी करना पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोर्ट में बहुत सारे मैटर पेंडिंग पड़े रहते हैं। कई ऐसे मामले हैं जिसका समाधान आपस में बातचीत करके किया जा सकता है। अनेक मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निपटारा किया जा सकता है लेकिन कई बार दोनों पार्टियां सोचती हैं कि हमारी जीत होगी, हमारी जीत होगी, इसी बीच मामला काफी लंबा चलता है और इसमें दोनों पक्षों को परेशानी के साथ-साथ समय की बर्बादी होती है और उनका काफी पैसा भी चला जाता है। उन्होंने कहा कि 90% ऐसे मामले हैं जिसको मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा मामलों को मध्यस्थता से निपटाने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि इसमें वकीलों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ऐसे में किसी पार्टी की हार-जीत नहीं होती है दोनों पार्टियों को लगता है कि हमारी जीत हुई है। इस कार्यक्रम में वकील सीमा हंसराज ने मध्यस्थ के मौलिक अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई मामलों का निर्णय आने में सालों लग जाते हैं। दीवानी, प्रॉपर्टी जैसे मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से निपटाया जा सकता है। इसमें दोनों पार्टियों की बातों को सुनने के बाद दोनों लोगों के बीच आपसी सुलह करके उसका निदान किया जा सकता है। इसके लिए दोनों पार्टियों और वकीलों को समझने की जरूरत है। वकील स्मीता गोहिल ने मध्यस्थता के लाभ के बारे में कानूनी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यस्थता सालों से चली आ रही परंपरा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब गांव में दो लोगों के बीच झगड़ा होता है तो आपके गांव के मुखिया द्वारा दोनों पार्टियों को समझा बुझाकर इसका समाधान कराया जाता है इसे ही मध्यस्थ कहते हैं। कार्यक्रम का संचालन और आभार विधि वकील मानसी परमार ने किया।

