नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारतीय संसद ने दो महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित किया है। जिससे देश में कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े बड़े बदलाव देखने को मिल सकते है। लोकसभा ने जहां पेपर लीक जैसे गंभीर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सख्त प्रावधानों वाला लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 ध्वनि मत से पारित हुआ। वहीं राज्यसभा ने राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026) को मंजूरी देकर वंदे मातरम् को जन-गण-मन के समान कानूनी संरक्षण दिया। लोकसभा में विधेयक पर नौ घंटे तक गहन चर्चा हुई, जिसमें बुधवार को विपक्ष की ओर से राहुल गांधी ने भी अपनी बात रखी। हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच यह विधेयक पास हुआ। नए कानून के तहत, पेपर लीक या अन्य अनुचित साधनों में शामिल होने वाले दोषियों को अधिकतम 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखना और लाखों छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना है।
दूसरी ओर, राज्यसभा द्वारा पारित राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक अब वंदे मातरम् के अपमान, अनादर या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाएगा। यह राष्ट्रीय गीत को जन-गण-मन के समान संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा, जिससे उसके सम्मान को सुनिश्चित कर सके।
संसदीय कार्यवाही के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर विधेयकों के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा सदन में दिए गए कुछ बयानों पर आपत्ति व्यक्त की, जिन्हें तथ्यात्मक रूप से गलत बताया। इन विधेयकों के पारित होने से देश में सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

