– दमण कोर्ट ने 15 साल पुराने मामले में सुनाई है दो साल की सजा – सांसद बनने के इच्छुक उम्मीदवार के समर्थक सोशल मीडिया पर लगातार उठा रहे हैं सवाल, दूसरी ओर सांसद उमेश पटेल लगातार लोकसभा में उपस्थित रहकर प्रदेश की विकास जरुरतों का उठा रहे हैं मुद्दे
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण/दिल्ली, 7 अगस्त। दमण-दीव के सांसद उमेश पटेल को लेकर पिछले एक हफ्ते से पूरे प्रदेश में असमंजश की स्थिति बनी हुई है। दमण कोर्ट ने एक हफ्ते पहले 15 साल पुराने एक मामले में सांसद उमेश पटेल को दो साल की सजा सुनाई थी। सांसद उमेश पटेल ने कोर्ट के इस फैसले को सेशन कोर्ट में चुनौती दी है और सजा रद्द करने की मांग भी की है। दूसरी ओर सांसद उमेश पटेल के बारे में लोकसभा स्पीकर की ओर से अभी तक कोई भी पत्र या आदेश जारी नहीं हुआ है। हालांकि संघ प्रदेश थ्रीडी में दमण-दीव की लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने की चाह रखने वाले संभवित उम्मीदवारों के समर्थक लगातार सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहें है। दूसरी ओर इन सभी बातों को दरकिनार कर सांसद उमेश पटेल लोकसभा में नियमित हाजिरी भी दे रहे है और प्रदेश की विकास जरुरतों के मुद्दे भी उठा रहे है। यहाँ बताना जरुरी है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में उमेश पटेल ने दो-दो राष्ट्रीय पार्टियां भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को हराकर लोकसभा का चुनाव जीता था। दमण-दीव की खर्चीली चुनावी प्रक्रिया से हटकर बिना कोई एक्स्ट्रा खर्चा किये उमेश पटेल ने सांसद का चुनाव जीतकर सभी को अचंभित कर दिया था। शुरुआत के डेढ साल सांसद उमेश पटेल ने लगातार शासन-प्रशासन के खिलाफ संघर्ष वाली नीति अपनाई हुई थी। लेकिन पिछले 6 महीने से सांसद उमेश पटेल ने शासन-प्रशासन के साथ संघर्ष का मार्ग छोड़़कर विकास का साथ देने का रुख अपनाया हुआ है। हालांकि सांसद उमेश पटेल ने लोकसभा में पहले दिन से मोदी सरकार के सभी बिलों का समर्थन करते हुए सरकार के पक्ष में मतदान किया है। जानकारों की माने तो सांसद उमेश पटेल के मामले में आने वाले 10-12 दिनों में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। ऐसे में सभी को समय का इंतजार करना चाहिए। क्योंकि सांसद के बारे में निर्णय लोकसभा स्पीकर ही ले सकता है।

