– होटल और रेस्टोरेंट में असली बताकर नकली पनीर परोसा तो खैर नहीं: प्रशासन ने एक साल के लिए लगाई पाबंदी
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 17 अगस्त। संघ प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमण एवं दीव प्रशासन ने जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर कड़ा प्रहार किया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त एस. असकर अली द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार केंद्र शासित प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव में एनालॉग पनीर (कृत्रिम पनीर) के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन के मुताबिक एनालॉग पनीर असली डेयरी पनीर जैसा ही दिखाई देता है, लेकिन इसे दूध की मलाई (मिल्क फैट) के बजाय वनस्पति तेल (वेजिटेबल ऑयल) या वनस्पति फैट मिलाकर तैयार किया जाता है। बाजार में कई होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई विक्रेता ग्राहकों को बिना बताए इसे असली पनीर के नाम पर बेच रहे थे। इस नकली पनीर में न तो कोई पोषण होता है और न ही इसके लिए कोई सुरक्षित मानक तय हैं, जिससे यह सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। यह छोटा केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण यहां बिकने वाला ज्यादातर पनीर गुजरात और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों से आता है। हाल ही में महाराष्ट्र (30 जुलाई 2026) और गुजरात (5 अगस्त 2026) सरकारों द्वारा भी इस नकली पनीर पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। ऐसे में यहां के स्थानीय प्रशासन ने बिना समय गंवाए स्थानीय जनता, पर्यटकों और प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यह सख्त कदम उठाया है। नो मेन्यू फ्रॉड: कोई भी होटल, ढाबा या कैटरर अपने खाने की किसी भी डिश में एनालॉग पनीर का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। इसे असली पनीर की तरह परोसना कानूनन अपराध माना जाएगा। पैकेजिंग नियम: केवल असली और फुल-फैट पनीर ही खुला बेचा जा सकता है। मीडियम और लो-फैट पनीर को सिर्फ सीलबंद पैकेट में ही बेचना होगा, जिस पर सभी जरूरी जानकारियां लिखी होनी चाहिए। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले खाद्य ऑपरेटरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर सामग्री को जब्त कर नष्ट कर दिया जाएगा, साथ ही भारी जुर्माना और जेल की सजा भी हो सकती है।

