asliazadi
दमण, दानह, दीव की खबरें

दमण जिले में गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा में पीओपी की मूर्तियों के निर्माण, बिक्री, स्थापना एवं विसर्जन पर लगाया गया प्रतिबंध

असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 17 अगस्त। दमण जिले में पीओपी से बनी गणेश प्रतिमाओं और दुर्गा माता की प्रतिमाओं के बिक्री, स्थापना एवं विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस संबंध में दमण एसडीएम द्वारा आदेश जारी किया गया है। जिसमें बताया गया है कि दमण जिले में गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा जैसे त्योहारों के दौरान रिहायशी इलाकों, सोसायटियों, मंडपों और पंडालों में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से बनी मूर्तियों का निर्माण, परिवहन, बिक्री, प्रदर्शन और स्थापना किये जाने की जानकारी मिली है। इन त्योहारों के समापन के बाद ऐसी पीओपी मूर्तियों को जलाशयों में विसर्जित किया जाता है, जिससे प्रदूषण फैलता है, जलीय जीवन को खतरा होता है और सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने पीओपी मूर्तियों के उपयोग को हतोत्साहित करने और प्राकृतिक मिट्टी या अन्य बायोडिग्रेडेबल (प्राकृतिक रूप से नष्ट होने वाले) पदार्थों से बने पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की सिफारिश करने वाले दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसलिए उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उप-विभागीय मजिस्ट्रेट दमण आरती अग्रवाल ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश में बताया गया है कि दमण जिले में गणेश चतुर्थी और दुर्गा पूजा के दौरान विसर्जन के लिए पीओपी मूर्तियों का निर्माण, परिवहन, बिक्री, वितरण, प्रदर्शन और स्थापना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। दमण जिले के भीतर नदियों, झीलों, तालाबों और समुद्र सहित किसी भी जलाशय में पीओपी मूर्तियों का विसर्जन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। केवल प्राकृतिक मिट्टी/बायोडिग्रेडेबल पदार्थों से बनी पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों की ही अनुमति होगी। विसर्जन के उद्देश्य से दमण जिले में पीओपी मूर्तियों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है। सभी धार्मिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक संगठनों, मूर्ति निर्माताओं, विक्रेताओं और निवासियों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना होगा। पुलिस, दमण नगरपालिका, जिला पंचायत और अन्य संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना होगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करनी होगी। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडित किया जाएगा। यह आदेश व्यक्तिगत रूप से नहीं दिया जा सकता, इसलिए इसे जानकारी और आवश्यक कार्रवाई के लिए सार्वजनिक किया जा रहा है। यह आदेश 17/08/2026 को जारी किया गया है।

Related posts

नेताजी सुभाषचंद्र बोस मिलट्रिी एकेडमी सैनिक स्कूल का मनाया गया तीसरा वार्षिकोत्सव

Asli Azadi

संघ प्रदेश थ्रीडी भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्षा निशा भावर पहुंची दीव: महिलाओं को संगठन मजबूती पर दिया मार्गदर्शन

Asli Azadi

सांसद उमेश पटेल ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा के समक्ष नमो मेडिकल कॉलेज के पीजी फीस का उठाया मुद्दा

Asli Azadi

Leave a Comment