asliazadi
दमण, दानह, दीव की खबरेंदेश

तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने ई20 पेट्रोल में नमी और क्लोराइड की मौजूदगी की जांच की

– 500 पीपीएम क्लोराइड और नमी की मौजूदगी के दावों की पुष्टि नहीं हुई

पीआईबी, नई दिल्ली, 09 अगस्त। ई20 पेट्रोल में नमी और क्लोराइड की मौजूदगी से जुड़ी हालिया मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजर, तेल विपणन कंपनियों ने ई20 पेट्रोल की पूरी आपूर्ति श्रृंखला को कवर करते हुए देशव्यापी गहन परीक्षण किया। जांच के नतीजे इस बात की पुष्टि करते हैं कि ईंधन की गुणवत्ता निर्धारित सीमा के भीतर ही बनी हुई है। कुछ दावों के विपरीत, वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए व्यापक यादृच्छिक परीक्षणों के आधार पर मिले सबूत बताते हैं कि ईंधन के संदूषण को लेकर किसी भी तरह की चिंता का कोई कारण नहीं है। ओएमसी अपने सभी सम्मानित ग्राहकों को आश्वस्त करना चाहता है कि हम ईंधन की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और वाहन के प्रदर्शन या उपभोक्ता के विश्वास को संभावित रूप से प्रभावित करने वाले किसी भी मुद्दे को वैज्ञानिक जांच और सुधारात्मक कार्रवाई के माध्यम से तुरंत हल किया जाता है। भारत सरकार ने पेट्रोल मिश्रण में प्रयुक्त एथेनॉल के लिए क्लोराइड के सख्त मानक निर्धारित किए हैं और संपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला में अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उच्च-आवृत्ति निगरानी तंत्र स्थापित किया है। रिफाइनरियों, डिस्टिलरियों, डिपो/टर्मिनलों और खुदरा दुकानों सहित आपूर्ति श्रृंखला के कई बिंदुओं पर क्लोराइड की निगरानी की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला में गुणवत्ता का निरंतर रखरखाव हो रहा है। पहले से स्थापित गुणवत्ता आश्वासन प्रोटोकॉल के अतिरिक्त, तेल विपणन कंपनियों ने प्रत्येक खुदरा आउटलेट पर प्रतिदिन 8-12 बार जल प्रवेश और घनत्व परीक्षण करके निगरानी को और मजबूत किया है। मोबाइल ईंधन गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाओं को भी विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है, और उच्चतम गुणवत्ता आश्वासन मानकों को सुनिश्चित करने के लिए परीक्षण परिणामों का स्वतंत्र रूप से ईंधन प्रयोगशालाओं द्वारा सत्यापन किया जा रहा है। आपूर्ति श्रृंखला में लागू किए गए इन बहुआयामी और उन्नत परीक्षण प्रोटोकॉल ने हमारे उच्चतम ईंधन गुणवत्ता मानकों को प्रमाणित किया है। रिफाइनरी से प्राप्त एमएस: पेट्रोल में क्लोराइड का वास्तविक स्तर 1 पीपीएम की सीमा के भीतर है। विभिन्न रिफाइनरियों में यादृच्छिक रूप से चुने गए 100 से अधिक पेट्रोल नमूनों के परीक्षण से पुष्टि होती है कि क्लोराइड की मात्रा लगातार कम बनी हुई है, और सभी नमूनों में यह 1 पीपीएम या उससे कम पाई गई है। यह भारत की सुदृढ़ शोधन और वितरण प्रक्रिया में अंतर्निहित गुणवत्ता जांच की निरंतर प्रभावशीलता को दर्शाता है। डिस्टिलरियों द्वारा आपूर्ति किए गए एथेनॉल – जो मुख्य मिश्रण घटक है – में भी क्लोराइड का स्तर निर्धारित विनिर्देश से काफी नीचे दर्ज किया गया है, जो उत्पादन चरण में मजबूत गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र को दर्शाता है। ओएमसी और सीएचटी के सदस्यों वाली एक समर्पित कार्यबल ने पिछले 10 दिनों में देश भर की 80 डिस्टिलरियों से एथेनॉल के नमूनों की जांच की है और सभी नमूनों में क्लोराइड की मात्रा 3 पीपीएम से कम पाई गई है।
ओएमसी के विपणन अवसंरचना के माध्यम से वितरित एथेनॉल मिश्रित एमएस (ई20): डिपो/टैंक ट्रक: डिपो और टर्मिनलों पर जांचे गए एथेनॉल और ई20 के नमूनों में क्लोराइड की मात्रा निर्धारित सीमा के भीतर पाई गई है। इस स्तर पर नियमित निगरानी से यह सुनिश्चित होता है कि ईंधन के भंडारण और वितरण नेटवर्क में आगे बढ़ने के दौरान गुणवत्ता बनी रहे। देश भर में विभिन्न ओएमसी टर्मिनलों से एकत्र किए गए 80 से अधिक नमूनों में क्लोराइड की मात्रा 3 पीपीएम से कम पाई गई।
खुदरा दुकानें (आरओ): 1000 से अधिक नमूनों के गहन निगरानी कार्यक्रम के तहत, पिछले कुछ दिनों में क्लोराइड की मात्रा के लिए अब तक 160 परीक्षण रिपोर्टों का विश्लेषण किया गया है और स्तर 0-3 पीपीएम की सीमा में हैं, जबकि दावों में इसे कई सौ पीपीएम बताया गया था। निगरानी प्रणाली ने केवल चार ऐसे मामलों की पहचान की है जहां क्लोराइड का स्तर बढ़ा हुआ पाया गया। इन मामलों को तुरंत निलंबित कर दिया गया, जिसके बाद आपूर्ति बहाल करने से पहले विस्तृत कारण विश्लेषण और उचित सुधारात्मक उपाय लागू किए गए।
जल प्रवेश परीक्षण: लगभग 90,000 खुदरा आउटलेटों पर भूमिगत भंडारण टैंकों का अनिवार्य निरीक्षण और निगरानी शुरू हो गई है। खुदरा आउटलेटों में स्थित भूमिगत टैंकों का प्रतिदिन 8-12 बार निरीक्षण किया जा रहा है और अब तक जल प्रवेश का कोई मामला सामने नहीं आया है। उपरोक्त परीक्षणों का सारणीबद्ध सारांश सीएचटी की आधिकारिक वेबसाइट ६६६.ूँ३.ॅङ्म५.्रल्ल पर उपलब्ध है। जैसे-जैसे और परीक्षण परिणाम उपलब्ध होंगे, इसे अपडेट किया जाएगा। तेल विपणन कंपनियां उपभोक्ताओं को आश्वस्त करना चाहती हैं कि ईंधन की गुणवत्ता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आपूर्ति श्रृंखला में गुणवत्ता की निरंतर निगरानी की जाती है, और जहां भी कोई कमी पाई जाती है, वहां तुरंत और निर्णायक सुधारात्मक कार्रवाई शुरू की जाती है। उपरोक्त के आधार पर उपभोक्ताओं को ई20 पेट्रोल का उपयोग आत्मविश्वास के साथ जारी रखना चाहिए, क्योंकि ओएमसी नेटवर्क के माध्यम से आपूर्ति किया जाने वाला ईंधन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है और मजबूत गुणवत्ता आश्वासन और निगरानी प्रणालियों द्वारा समर्थित है, जिन्हें आपूर्ति श्रृंखला के हर चरण में उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए डिज़ाइन किया गया है।

Related posts

प्रदेश भाजपा ने संगठनात्मक विस्तार को और अधिक सशक्त बनाने के लिए पटलारा भाजपा मंडल अध्यक्ष के रूप में सिद्धार्थ ईश्वर पटेल को किया नियुक्त

Asli Azadi

दीव एसपी रामकृष्ण सरन के नेतृत्व में पुलिस ने यातायात नियमों को लेकर चलाया सघन अभियान

Asli Azadi

आईएमडी ने दादरा नगर हवेली और दमण में मूसलाधार बारिश का जारी किया रेड अलर्ट

Asli Azadi

Leave a Comment