असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दीव, 29 जुलाई। गुरु-शिष्य परंपरा की अमिट छटा और भारतीय संस्कृति की पावनता का प्रतीक पर्व गुरु पूर्णिमा दीव की सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुचरवाडा में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक मनीष स्मार्ट के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में ज्ञान, संस्कार और कृतज्ञता के रंग बिखरे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पद्म प्रेमजी बारिया, अतिथि विशेष विद्यालय के पूर्व सेवानिवृत्त आचार्य आरिफ लाखावाल एवं समस्त शिक्षकगणों द्वारा मां सरस्वती और महर्षि वेद व्यास के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्जवलित कर किया गया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत करते हुए गुरुजनों का कुमकुम-तिलक और पुष्पों से पूजन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की। कक्षा 9 की मेधावी छात्रा ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर ओजस्वी विचार प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्रों द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम, गुरु वंदना, लघु नाटिका और गरबा ने सभागार को भक्तिमय बना दिया। हर प्रस्तुति में गुरु के प्रति समर्पण और सम्मान की झलक स्पष्ट दिखाई दी। मनीष स्मार्ट ने कहा कि गुरु का स्थान ईश्वर से भी श्रेष्ठ है, क्योंकि वहीं हमें अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। पद्म प्रेमजी बारिया ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि एक सच्चा गुरु अपने शिष्य के जीवन को तराश कर उसे समाज का रत्न बनाता है। आरिफ लाखावाल ने सभी को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन कक्षा 12 की होनहार छात्रा नजराना खलीफा ने किया। अंत में विद्यालय के शिक्षक रामजी वाजा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। शिक्षकों, शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों से यह कार्यक्रम अविस्मरणीय बन गया।

