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हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ने से नहीं चलेगा-जनादेश का सम्मान करना सीखें: वर्षा दोशी

  • लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ रैली में भाजपा का विपक्ष पर तीखा प्रहार: एसआईआर के विरोध और वोट चोरी के आरोपों पर उठाए सवाल

असली आजादी न्यूज नेटवर्क, सिलवासा 24 अक्टूबर। संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव प्रदेश भाजपा द्वारा आज लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के अंतर्गत सिलवासा में विशाल जनरैली का आयोजन किया गया। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश भाजपा प्रभारी वर्षा दोशी की उपस्थिति तथा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेश आगरिया की अध्यक्षता में आयोजित इस रैली में हजारों की संख्या में महिलाओं, पुरुषों, युवाओं एवं युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सिलवासा स्टेडियम ग्राउंड से प्रारंभ हुई यह रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए बिरसा मुंडा चौक पर संपन्न हुई। रैली में शामिल कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, राजनीतिक अराजकता के विरोध और जनता के जनादेश के सम्मान का संदेश दिया। प्रदेश भाजपा प्रभारी वर्षा दोशी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र किसी परिवार की जागीर नहीं, जनता का अधिकार है। रैली को संबोधित करते हुए भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी वर्षा दोशी ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत देश की जनता और उसका मताधिकार है। लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर राजनीतिक भ्रम फैलाना, संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाना और चुनावी परिणामों को अपनी सुविधा के अनुसार स्वीकार या अस्वीकार करना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में किए जा रहे धरना-प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखना और सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना होना चाहिए। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूटने की आशंका है तो उसकी शिकायत का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए। लेकिन पूरी प्रक्रिया को बिना ठोस प्रमाण के चुनावी धांधली बताकर जनता के मन में संदेह पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव हारने के बाद बार-बार वोट चोरी का आरोप लगाने से किसी राजनीतिक दल की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। लोकतंत्र में अपनी हार के कारणों की समीक्षा करना और जनता के फैसले का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेश आगरिया ने अपने संबोधन में कहा कि जहां जीत मिले वहां जनादेश सही, जहां हार मिले वहां वोट चोरी यह दोहरा मापदंड क्यों? महेश आगरिया ने अपने संबोधन में कांग्रेस और विपक्षी दलों की चुनावी राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में चुनाव परिणाम जनता का निर्णय होते हैं। किसी दल को जीत मिलने पर वही चुनावी व्यवस्था सही और हार मिलने पर वही व्यवस्था संदिग्ध बताना राजनीतिक विरोधाभास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस को सत्ता मिली, जबकि केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को जनता का समर्थन प्राप्त हुआ। इन राज्यों में चुनावी जनादेश को स्वीकार किया जाता है, लेकिन जिन चुनावों में विपक्ष को अपेक्षित सफलता नहीं मिलती, वहां चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर वोट चोरी के आरोप लगाए जाते हैं। यदि चुनावी प्रक्रिया पर वास्तविक आपत्ति है तो उसका समाधान ठोस प्रमाणों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से होना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक आरोपों के जरिए। मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी व्यवस्था की शुद्धता से जुड़ा विषय है। पात्र मतदाताओं का नाम सूची में बना रहना और अपात्र या दोहराव वाली प्रविष्टियों की पहचान करना, दोनों महत्वपूर्ण हैं। भाजपा का पक्ष है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए और किसी भी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही प्रक्रिया को लेकर उठने वाली शिकायतों का तथ्यों के आधार पर निराकरण होना चाहिए। महेश आगरिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि घुसपैठियों के लिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को चुनावी संस्थाओं पर आरोप लगाने के साथ-साथ यह भी बताना चाहिए कि वे चुनावी हार के बाद आत्ममंथन करने के लिए कितने तैयार हैं। विपक्ष का दायित्व केवल विरोध करना नहीं, बल्कि जनता के सामने अपने विचार, नीतियां और विकल्प प्रस्तुत करना भी है। भाजपा के कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच जाकर राजनीतिक मुद्दों पर संवाद करेंगे और विपक्ष के आरोपों का तथ्यों के आधार पर जवाब देंगे। दादरा नगर हवेली और दमण-दीव में भाजपा विकास, जनसेवा और संगठन की मजबूती के संकल्प के साथ आगे बढ़ती रहेगी। भाजपा ने विपक्ष से सवाल किया कि यदि चुनावी प्रक्रिया को लेकर आपत्तियां हैं, तो उन्हें संबंधित संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष प्रमाणों के साथ प्रस्तुत कर समाधान की दिशा में काम क्यों नहीं किया जाना चाहिए? केवल धरना-प्रदर्शन और राजनीतिक आरोपों के माध्यम से लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास का माहौल बनाने से मतदाताओं की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। रैली के माध्यम से भाजपा ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन उसके साथ तथ्यों, जिम्मेदारी और जनादेश के सम्मान की भावना भी एवं राष्ट्र सुरक्षा भी आवश्यक है। इस विशाल रैली में दादरा नगर हवेली की सांसद कला डेलकर, प्रदेश भाजपा महामंत्री सुनील पाटिल एवं जिग्नेश पटेल, कार्यक्रम संयोजक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेश सिंह चौहान, सिलवासा नगरपालिका अध्यक्ष सोमनाथ पाटिल, दादरा नगर हवेली जिला पंचायत अध्यक्षा निशा भावर सहित भाजपा के विभिन्न पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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