असली आजादी न्यूज नेटवर्क, कोणार्क /दमण30 जनवरी। संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव तथा लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल पटेल ने सहपरिवार कोणार्क सूर्य मंदिर में दर्शन किये। इस अवसर पर प्रशासक प्रफुल पटेल के साथ उनकी धर्मपत्नी, पुत्र सिद्धार्थ पटेल, पुत्रवधु एवं पौत्री मौजूद रहीं। कोणार्क सूर्य मंदिर में दर्शन करने के बाद प्रशासक प्रफुल पटेल ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा कि भारत की वास्तुकला की शानदार निशानी, 13वीं सदी में बना कोणार्क सूर्य मंदिर, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को एक शाश्वत श्रद्धांजलि है। अपने परिवार के साथ इस ऐतिहासिक स्मारक को देखना एक यादगार अनुभव था, जिसने यह एहसास दिलाया कि हमारी विरासत को बचाना और इन कहानियों को आने वाली पीढि़यों तक पहुँचाना कितना जरूरी है। उल्लेखनीय है कि कोणार्क सूर्य मंदिर भारत के ओड़िशा के पुरी जिले में समुद्र तट पर पुरी शहर से लगभग 35 किलोमीटर (22 मील) उत्तर पूर्व में कोणार्क में एक 13 वीं शताब्दी सीई (वर्ष 1250) सूर्य मंदिर है। मंदिर का श्रेय पूर्वी गंगवंश के राजा प्रथम नरसिंह देव को दिया जाता है। वर्ष 1984 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी है। भारतीय सांस्कृतिक विरासत के लिए इसके महत्व को दर्शाने के लिए भारतीय 10 रुपये का नोट के पीछे कोणार्क सूर्य मंदिर को दर्शाया गया है।

