असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण, 19 जुलाई। दमण पुलिस ने अंतर-राज्यीय साइबर धोखाधडी करने वाले एक बडे सिंडिकेट का भंडाफोड किया है। पुलिस ने इस मामले में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन ठगों ने दमण की एक स्थानीय महिला और उसकी बेटी को अपनी ठगी का शिकार बनाया था। आरोपियों ने इंश्योरेंस पॉलिसी बंद कराने के नाम पर दोनों से कुल 5,39,194 रूपये ऐंठ लिए थे। पीडितों की शिकायत के बाद कचीगाम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पीडित मां-बेटी ने पुलिस को बताया कि मार्च और मई 2026 के बीच उन्हें कई अज्ञात नंबरों से फोन आए थे। फोन करने वालों ने खुद को इंडिया फर्स्ट लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारी बताया। उन्होंने पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी को बंद कराने और पैसे वापस दिलाने का झांसा देकर पीडितों का भरोसा जीता। इसके बाद आरोपियों ने फर्जी ऑनलाइन पेमेंट लिंक भेजकर मां-बेटी को झांसे में लिया और उनसे कई बार में कुल 5,39,194 रूपये ट्रांसफर करवा लिए। जैसे ही रकम खाते में आई, आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए और गायब हो गए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कचीगाम थाना प्रभारी अनिलकुमार टी.के. के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया, जिससे ठगों के दिल्ली में सक्रिय होने का सुराग मिला। दमण पुलिस तुरंत दिल्ली रवाना हुई और वेस्ट दिल्ली के रमेश नगर इलाके में जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को धरदबोचा। कडी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। दिल्ली की स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद पुलिस उन्हें दमण लेकर आई है। पुलिस ने उनके पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और कई इंश्योरेंस पॉलिसी धारकों के गोपनीय डेटा वाले रजिस्टर बरामद किए हैं। पकडे गए आरोपियों की पहचान 40 वर्षीय नजर अब्बास (निवासी ब्रिजपुरी, करावल नगर, दिल्ली) और 22 वर्षीय हिमांशु कुमार पांडेय (निवासी पदमनगर, सराय रोहिल्ला, दिल्ली) के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी नजर अब्बास दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में अवैध कॉल सेंटर चलाकर देशभर के लोगों को निशाना बनाता था। वह एक आदतन अपराधी है। इससे पहले दिसंबर 2025 में दिल्ली की सराय रोहिल्ला पुलिस ने उसके शास्त्री नगर स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारकर उसे और उसके 32 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जून 2026 में भी उसके एक अन्य कॉल सेंटर से 20 लोग पकडे गए थे। जेल से छूटने के बाद उसने हिमांशु के साथ मिलकर रमेश नगर में नया ठिकाना बना लिया और ठगी जारी रखी। फिलहाल, दोनों आरोपी पुलिस कस्टडी में हैं और इस नेटवर्क से जुडे अन्य बैंक खातों और मददगारों की तलाश की जा रही है।

