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दमणगंगा नदी और अरबी समुद्र के संगम पर नवनिर्मित श्री समुद्र नारायण मंदिर में समुद्र नारायण भगवान की हुई पुन: प्राण प्रतिष्ठा: समुद्र नारायणमय बन गया दमण

असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 2 फरवरी। संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव तथा लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल पटेल के मार्गदर्शन एवं सहयोग से श्री समुद्र नारायण भगवान का भव्य मंदिर का निर्माण संभव हुआ है। नानी दमण में दमणगंगा नदी और अरबी समुद्र के संगम पर नवनिर्मित श्री समुद्र नारायण मंदिर में आज श्री समुद्र नारायण भगवान की पुन: प्राण प्रतिष्ठा की गयी। दो दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का 1 फरवरी को शुभारंभ हुआ था और आज विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के बीच समुद्र नारायण भगवान के प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुआ। माछी समाज के कुलगुरु महंत गोपालदास की उपस्थिति में श्री समुद्र नारायण मंदिर टंडेल सेवा समिति के चेयरमैन गोपाल टंडेल (दादा) एवं उनकी धर्मपत्नी गंगा टंडेल सहित समाज समाज के कई जोडों ने पूजा में बैठकर विधिवत प्राण प्रतिष्ठा विधि संपन्न करायी। आज सुबह 8 बजे प्रांत पूजन एवं मंदिर वास्तु, सुबह 9.15 से 10 बजे तक धजा दंड, शिखर, कलश, घंट पूजन के बाद ध्वजारोहण किया गया। सुबह 11.15 बजे से दोपहर 12.27 बजे तक मूर्ति स्थापना और दोपहर 1 बजे पूर्णाहुति की गयी। दोपहर को महाप्रसाद का आयोजन किया गया। माछी समाज के आराध्य देव श्री समुद्र नारायण भगवान के पुन: प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में जनसैलाब उमड पडा था। माछी समाज के कुलगुरु महंत गोपालदास ने बताया कि समुद्र नारायण भगवान का पुन: प्राण प्रतिष्ठा हुई है। यह मंदिर पत्थर से बना हुआ है। माछी समाज की समुद्र नारायण भगवान में काफी आस्था है। माछी समाज वषार्ें से मच्छीमारी करने जाने से पहले या अपना व्यवसाय शुरु करने से पहले भगवान समुद्र नारायण के दर्शन कर उनकी आराधना करते है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में द्वारका और दमण में सिर्फ दो ही समुद्र नारायण भगवान के मंदिर है। महंत गोपालदास ने कहा कि समुद्र नारायण भगवान के पुन: प्राण प्रतिष्ठा में भारी संख्या में माछी समाज के लोग शामिल हुए और दमण का माछी समाज समुद्र नारायणमय बन गया। श्री समुद्र नारायण मंदिर टंडेल सेवा समिति के चेयरमैन गोपाल टंडेल (दादा) ने कहा कि माछी समाज ने मंदिर बनाने के लिए प्रशासक प्रफुल पटेल के समक्ष जगह देने का आग्रह किया था। प्रशासक प्रफुल पटेल ने माछी समाज की आस्था को ध्यान में रखते हुए हमें यहां समुद्र नारायण बनाने के लिए जगह आवंटित करायी थी। प्रशासक प्रफुल पटेल सानिध्य में ही दमणगंगा नदी और समुद्र के संगम पर भव्य मंंदिर बनकर तैयार हुआ है। आज समुद्र नारायण भगवान की पुन: प्राण प्रतिष्ठा हुई है। गोपाल टंडेल (दादा) ने बताया कि यहां पर हर गुरुवार को आरती की जाती है, लेकिन माछी समाज ने निश्चय किया है कि हर पूनम पर यहां महाआरती की जाये। उन्होंने कहा कि दमण एक पर्यटन स्थल है। दमण में आनेवाले पर्यटक पूनम की शाम को महाआरती देखकर काफी प्रफुल्लि हांेगे और उन्हें गंगा आरती का नजरा भी दिखेगा। गोपाल टंडेल ने बताया कि समुद्रनारायण भगवान का पूरे देश में दो ही मंदिर है। एक द्वारका में है और दूसरा हमारे दमण में है, दोनों मंदिर की मूर्तियां एक ही जैसी है। मंदिर को पत्थरों से निर्मित किया गया है, इस पर भूकंप का भी कोई असर नहीं होगा। श्री समुद्र नारायण मंदिर टंडेल सेवा समिति के सभी पदाधिकारियों ने समुद्र नारायण भगवान के पुन: प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को सफल बनाने में अपना पूरा सहोयग दिया। इस अवसर पर श्री समुद्र नारायण मंदिर टंडेल सेवा समिति के प्रमुख रजनीकांत टंडेल, ट्रेजरर आशीष प्रभाकर, ज्वाइंट ट्रेजरर एवं काउंसिलर चंद्रगिरी टंडेल, प्रदेश भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्षा और माछी समाज की अग्रणी सिंपल काटेला, गुजरात भाजपा ओबीसी मोर्चा प्रभारी एवं माछी समाज के अग्रणी विशाल टंडेल, माछी समाज के प्रमुख हरजी टंडेल, माछी समाज के ट्रस्टी एवं डीडीए चेयरमैन लखम टंडेल, प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष हरीश पटेल, जिला पंचायत सदस्य रीना पटेल, प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा जनरल सेक्रटेरी भरत पटेल और दुनेठा ग्राम पंचायत सरपंच सविता पटेल, दमण जिला भाजपा अध्यक्ष अस्पी दमणिया, प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा प्रमुख विशाल पटेल, माछी समाज के अग्रणी जोगीभाई टंडेल, माछी समाज के ट्रस्टी मुकेश भाठेला, माछी समाज के पूर्व प्रमुख प्रवीण मिठला सहित माछी समाज और विभिन्न समाजों के अग्रणी उपस्थित रहे।

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