बीते एक दशक में देश ने तेजी के साथ तरक्की की: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
पीआईबी, नई दिल्ली 14 अगस्त। 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर (14 अगस्त 2026) देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम अपना संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने देश को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि हमारे स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर, मैं आप सभी को इस राष्ट्रीय पर्व की हार्दिक बधाई देती हूं। कुछ ही घंटों में हमारे देश अपनी आजादी के 80वें वर्ष की शुभ शुरुआत का साक्षी बनेगा। देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीय इस त्योहार को बड़े उत्साह के साथ मनाते हैं। हमारा तिरंगा हमारी आजादी का प्रतीक है। हम इसे बहुत गर्व के साथ फहराते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी का असली मतलब यह पक्का करना है कि सभी नागरिक अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मौकों का फायदा उठा सकें। भारत को दुनिया का सबेस आगे का देश बनाने के लक्ष्य की दिशा में काम कर सकें। राष्ट्रपति ने कहा कि 15 अगस्त 1947 के दिन भारत माता पराधीनता की बेड़ियों से मुक्त हुईं। सभी देशवासी, स्वतंत्र भारत की नियति के निर्माता बने। निष्ठावान विद्यार्थी और शिक्षक, विकास के लिए तत्पर वैज्ञानिक और इंजीनियर, स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी, मेहनती श्रमिक और अन्नदाता किसान, अपने प्रयासों से राष्ट्र-निर्माण कर रहे हैं अन्य क्षेत्रों में सक्रिय, असंख्य देशवासी, तथा संविधान में निहित, मूल कर्तव्यों का पालन करने वाले सभी नागरिक, राष्ट्र-निर्माण में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। मैं उन सभी की हृदय से सराहना करती हूं। उन्होंने कहा कि अपनी समृद्ध विरासत और स्वाधीनता संग्राम के आदर्शों को अपनाते हुए हम आधुनिक विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। वयं राष्ट्रे जागृयाम, यह वेद-वाक्य हमें प्रेरणा देता है कि हम राष्ट्र के लिए सदैव जागरूक रहें।

