– एसओजी की टीम ने 42.180 किग्रा गांजा जप्त करने के साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया मामला
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, वलसाड/वापी, 3 अगस्त। वलसाड जिला पुलिस और एसओजी ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी का भंडाफोड़ किया है। एसओजी ने वापी के गीतानगर इलाके से ओडिसा से सिलवासा ले जाए जा रहे 42.180 किलोग्राम गांजे के साथ एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। जप्त किए गए गांजे की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 21,09,000 रुपये आंकी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, सूरत विभाग के पुलिस महानिरीक्षक प्रेम वीर सिंह और वलसाड जिला पुलिस अधीक्षक युवराज सिंह जाडेजा के मार्गदर्शन में जिले में अवैध मादक पदार्थों के संग्रह, बिक्री और हेराफेरी को रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एसओजी के पुलिस इंस्पेक्टर डी.डी. परमार और सब-इंस्पेक्टर एस.आर. सुसलादे की टीम लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान एसओजी वलसाड के हेड कांस्टेबल मोहम्मदशफी सुलेमान, कांस्टेबल वरुणकुमार हरिशचंद्र और महेंद्रदान जीलुभा को एक संयुक्त और पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने वापी के गीतानगर पुलिस चौकी के सामने, पुराने फाटक की तरफ जाने वाले रास्ते पर करिश्मा साड़ी होलसेल दुकान के सामने जाल बिछाया। पुलिस ने वहां से संदिग्ध हालत में खड़े एक युवक संजय उर्फ संजय मारवाडी पुत्र प्रकाश लुंबाजी परमार (उम्र-26) को रोका और तलाशी ली। जिसके पास मौजूद 5 थैलों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के पास से 42.180 किलोग्राम गांजे जत्था बरामद किया। जप्त गांजे की की कीमत 21,09,000 रूपये आंकी गयी है। इसके साथ ही एसओजी ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन और 3,300 रूपये नगद भी जप्त की हैं। गिरफ्तार युवक से पूछताछ करने पर पता चला की वह मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले के बाली गांव का रहने वाला है और वर्तमान में वह सिलवासा (दादरा नगर हवेली) के आमली रोड स्थित प्रतिभा कॉम्प्लेक्स के फ्लैट नं-15 में रह रहा था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वह बेरोजगार है और कम समय में मोटी कमाई करने के चक्कर में ओडिसा से भारी मात्रा में गांजा लाकर सिलवासा और आसपास के केंद्र शासित प्रदेशों में सप्लाई करने जा रहा था। एसओजी ने वापी टाउन पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 8(सी), 20(बी)(II)(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी संजय मारवाड़ी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। इससे पहले वर्ष 2025 में भिलाड़ पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(सी), 15(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज हो चुका है। इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में पीआई डी.डी. परमार, पीएसआई एस.आर. सुसलादे और एएसआई अशोककुमार रमाशंकर, भावेशकुमार मगनभाई, विक्रम मनुभाई, हेड कांस्टेबल मोहम्मदशफी सुलेमान, दिग्विजय विक्रमसिंह, अरशद युसुफ, नितीन मनजी, कीरीटसिंह धरमशीभाई, महेन्द्रदान जीलुभाई, वरुणकुमार हरिशचंद्र और ड्राइवर सुनीलकुमार सुरेशचंद्र की टीम ने सराहनीय भूमिका निभाई।

