असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 17 फरवरी। मुंबई में आयोजित हुई वेस्टर्न रेलवे की ज़ोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी की बैठक में समिति सांसद उमेश पटेल ने मुंबई-गुजरात रेल सेक्शन, विशेषकर वापी-वलसाड-उमरगाँव-दहानू बेल्ट से जुड़े गंभीर यात्री सुरक्षा, ओवरक्राउडिंग, स्टाफ की कमी एवं अधूरी आधारभूत सुविधाओं के मुद्दे मजबूती से उठाए। यात्री सुरक्षा: दुर्घटना नहीं, सिस्टम फेल्योर पर सांसद उमेश पटेल ने कहा कि पिछले वर्षों में प्लेटफॉर्म से गिरने, ट्रैक क्रॉसिंग और ओवरक्राउडिंग से हुई मौतें व्यक्तिगत लापरवाही नहीं बल्कि प्रणालीगत विफलता (सिस्टेमिक फेल्योर) हैं। उन्होंने मांग की कि मुंबई-विरार-वलसाड-सूरत सेक्शन में हुई मौतों का स्टेशन-वार डेटा सार्वजनिक किया जाए और जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। ओवरक्राउडिंग बनाम मानव जीवन पर उन्होंने चर्चगेट-विरार/दहानू सेक्शन में ट्रेनों की डिज़ाइन क्षमता बनाम वास्तविक यात्री भार का विवरण मांगा और सवाल उठाया कि ओवरक्राउडिंग के बावजूद लोकल ट्रेनों की संख्या न बढ़ाना क्या मानव जीवन के प्रति लापरवाही नहीं है। एसी लोकल नीति पर सवाल सांसद उमेश पटेल ने कहा कि एसी लोकल चलाने से पहले न तो सुरक्षा प्रभाव अध्ययन किया गया और न ही यह देखा गया कि इससे सामान्य लोकल और पीक-आवर क्षमता पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसी लोकल एलीट सुविधा बनकर न रह जाए, इसकी जिम्मेदारी रेलवे की है। महिला सुरक्षा और लेडीज़ कोच की कमी का मुद्दा उठाते हुए उमेश पटेल ने कहा कि पीक आवर्स में महिलाओं की संख्या के अनुपात में लेडीज़ कोचेज़ की कमी को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने पूछा कि अब तक इसमें वृद्धि क्यों नहीं हुई और क्या कभी जेंडर सेफ्टी ऑडिट किया गया है? मुंबई-अहमदाबाद सेक्शन की समयबद्धता, विरार-वलसाड-सूरत सेक्शन की सबसे ज़्यादा लेट ट्रेनों और जिम्मेदार अधिकारियों पर की गई कार्रवाई का सांसद ने विवरण माँगा। साथ ही यात्रियों को समय पर रटर/अस्रस्र अलर्ट्स न मिलने पर पेनाल्टी क्लॉज़ लागू न करने को यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन बताया गया। वेस्टर्न रेलवे में लोको पायलट, गार्ड, ट्रैक मेंटेनर और सिग्नल स्टाफ़ के स्वीकृत बनाम रिक्त पदों का मुद्दा उठाते हुए उमेश पटेल ने कहा कि स्टाफ की कमी सीधे तौर पर सुरक्षा से खिलवाड़ है। ‘फ्रेट फर्स्ट, पैसेंजर लास्ट’ नीति पर आपत्ति जताते हुए सांसद ने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बावजूद पैसेंजर ट्रेनों को देरी और फ्रेट को प्राथमिकता देने के निर्णय पर सवाल उठाया गया और इसका प्रभाव आकलन सार्वजनिक करने की माँग की। सांसद ने मुंबई-गुजरात बेल्ट के कई स्टेशनों पर कार्य शुरू न होने, लागत में असामान्य वृद्धि और उअॠ/उश्उ जाँच न होने पर कड़ी आपत्ति जताई। तत्काल टिकट दलालों के खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी और सजा का स्टेशन-वार डेटा मांगा गया और कहा गया कि बिना अंदरूनी मिलीभगत इतना बड़ा नेटवर्क संभव नहीं। वापी-वलसाड-दमण-दीव क्षेत्र की उपेक्षा का मुद्दा उठाया। सांसद उमेश पटेल ने कहा कि दक्षिण गुजरात रेलवे को भारी राजस्व देता है, इसके बावजूद टएटव/ऊएटव सेवाएँ वर्षों से नहीं बढ़ीं, वापी स्टेशन पर वीआईपी कोटा लागू नहीं है, माल ढुलाई के लिए समय पर बोगी उपलब्ध नहीं है, प्लेटफॉर्म नंबर 2 की लिफ्ट तोड़कर 8 महीनों से नई लिफ्ट शुरू नहीं की गई। सांसद उमेश पटेल ने मांग करते हुए कहा कि पीक आवर्स में टएटव/ऊएटव सेवाएं तत्काल बढ़ाई जाएं। वापी, वलसाड, भिलाड स्टेशनों पर मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव बहाल किए जाएं। साथ ही उन्होंने भिलाड, वापी, वलसाड स्टेशनों पर विविध ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग की। सांसद ने ट्रेन नंबर 12921/12922 – फ्लाइंग रानी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 12935/12936 – सूरत-बीडीटीएस सुपरफास्ट एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 20907/20908 – सायाजी नगरी एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 22927/22928 – लोकशक्ति एक्सप्रेस को भिलाड रेलवे स्टेशन पर ठहराव स्वीकृत करने की मांग की। यह भी संज्ञान में लिया जाए कि वलसाड-बांद्रा पैसेंजर (ट्रेन नंबर 59046) को 5 जनवरी 2025 से अस्थायी रूप से रद्द किया गया था, जो आज तक पुन: प्रारंभ नहीं की गई है। समिति इस ट्रेन को शीघ्र बहाल करने की मांग करती है। प्लेटफॉर्म नंबर 1 की लंबाई को उत्तर दिशा में बढ़ाकर 24 कोच ट्रेनों के ठहराव योग्य बनाया जाए, इसके लिए मौजूदा गुड्स यार्ड को हटाकर रेलवे क्रॉसिंग गेट नंबर 74 के समीप दक्षिण दिशा में स्थानांतरित किया जाए। प्लेटफॉर्म नंबर 2 एवं 3 पर विस्तारित प्लेटफॉर्म क्षेत्र को कवर करने हेतु प्लेटफॉर्म शेड का विस्तार किया जाए। यात्रियों की सुविधा हेतु ट्रेन कोच इंडिकेटर सिस्टम शीघ्र स्थापित किया जाए। भिलाड़ स्टेशन पर ट्रेनों के स्टॉपेज बढ़ाए जाएं एवं यात्रियों के लिए एस्केलेटर लगाए जाएं। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं महिलाओं की सुविधा के लिए लिफ्ट एवं एस्केलेटर की व्यवस्था की जाए। वलसाड स्टेशन के लिए मांग करते हुए उन्होंने कहा कि मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव,जिला मुख्यालय एवं औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद वलसाड़ स्टेशन पर जिन प्रमुख मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव हटाया गया है, उन्हें पुन: बहाल किया जाए। यात्री सुरक्षा, वापी, वलसाड स्टेशन व आसपास के सेक्शन में अनाधिकृत ट्रैक क्रॉसिंग, प्लेटफॉर्म से गिरने की घटनाओं को रोकने हेतु फेंसिंग, एफओबी और सीसीटीवी कार्यों को टाइम-बाउंड पूरा किया जाए। स्टेशन सुविधाओं में वलसाड स्टेशन पर, पूर्ण प्लेटफॉर्म शेड, कार्यशील लिफ्ट/एस्केलेटर, बेहतर प्रकाश व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। वापी रेलवे स्टेशन पर विभिन्न ट्रेनों को ठहराव प्रदान किये जाने की मांग की। जिसमें ट्रेन नंबर 12951 / 12952 मुंबई-दिल्ली (मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली) सुपरफास्ट एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 12215 / 12216 बांद्रा टर्मिनस – हजरत निजामुद्दीन गरीब रथ एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 12903 / 12904 बांद्रा टर्मिनस – अमृतसर – बांद्रा टर्मिनस गोल्डन टेम्पल एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 12239 / 12240 मुंबई सेंट्रल – हिसार – मुंबई सेंट्रल दुरंतो एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 12939 / 12940 पुणे – जयपुर – पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 22451 / 22452- बांद्रा टर्मिनस-चंडीगढ-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट एक्सप्रेस शामिल हैं। खाटू श्याम जी के लिए ट्रेन स्टार्ट करने की मांग की। साथ ही साउथ गुजरात के सूरत के बाद सबसे ज्यादा रेवेन्यू देने वाले वापी से वीआईपी कोटा लागू करने की मांग की। एफओबी, फेंसिंग, सीसीटीवी और लिफ्ट/एस्केलेटर कार्य टाइम-बाउंड पूरे हों। प्लेटफॉर्म विस्तार, यात्री विश्राम गृह और बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अंत में उमेश पटेल ने स्पष्ट कहा कि वेस्टर्न रेलवे में हर साल दर्जनों मौतों के बाद केवल मुआवज़ा देकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता। सिस्टम सुधार व्यक्तिगत और प्रशासनिक जिम्मेदारी है और उसका मेज़रेबल आउटकम जनता के सामने आना चाहिए।

