- सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के साथ बेहद गंभीर हालत में महिला को लाया गया था नमो अस्पताल: चिकित्सा अधीक्षक
- जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि मरीज सांस लेने में तकलीफ एवं अन्य अंतर्निहित
बीमारी के लिए एक निजी अस्पताल में उपचार ले रही थीं तथा हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि अथवा उसे खारिज करने के लिए 2-D Echo जैसी उच्च स्तरीय जांच कराने की सलाह भी दी गई थी: नमो अस्पताल प्रशासन
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, सिलवासा 30 अक्टूबर। सिलवासा के नमो अस्पताल में 29 अक्टूबर को हुई गर्भवती महिला की मौत को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से खुलासा किया गया है। सिलवासा के नमो अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि सिलवासा के भस्ता फलिया सुरेश की चाल कमरा नं. 01, सुरभि होटल के पास निवासी 26 वर्षीय आठ माह की गर्भवती महिला को 29 अक्टूबर 2026 को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के साथ प्रात: 6:48 बजे नमो अस्पताल लाया गया एवं भर्ती किया गया। अस्पताल पहुंचने पर मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर पाई गई। उस समय उनकी नाड़ी की गति 128 प्रति मिनट, सिस्टोलिक रक्तचाप 70 ेेऌॅ तथा ऑक्सीजन संतृप्ति (रस्रड₂) मात्र 60 प्रतिशत थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सा दल द्वारा तत्काल उन्नत आपातकालीन उपचार शुरू किया गया, जिसमें नॉन-इनवेसिव वेंटिलेशन, वेंटिलेटर सपोर्ट, गहन चिकित्सा उपचार तथा आवश्यक दवाइयां शामिल थीं। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की टीम के साथ अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी मरीज का उपचार किया। तत्काल प्रसूति संबंधी अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था की गई, जिसमें गर्भस्थ शिशु की गर्भाशय के भीतर ही मृत्यु की पुष्टि हुई। लगभग प्रात: 7:30 बजे मरीज को हृदय गति रुकने की स्थिति (कार्डियक अरेस्ट) उत्पन्न हुई। लगातार निगरानी गहन चिकित्सा उपचार तथा बार-बार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देने के बावजूद मरीज को बचाया नहीं जा सका और प्रात: 8:08 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। दिनांक 29/10/2026 को अस्पताल में भर्ती होने से लेकर मृत्यु घोषित किए जाने तक मरीज अस्पताल में केवल 1 घंटा 20 मिनट तक ही भर्ती रहीं। गहन चिकित्सा उपचार के दौरान आवश्यकतानुसार उपचार की प्रत्येक महत्वपूर्ण जानकारी मृतका के निकट परिजनों को उचित सहमति एवं संवाद के साथ उपलब्ध कराई गई। मृत्यु के पश्चात परिजनों को आगे की पोस्टमार्टम प्रक्रिया हेतु शव को अस्पताल के शवगृह में स्थानांतरित किए जाने की जानकारी दी गई। अस्पताल के कर्मचारियों एवं मृतका के निकट परिजनों की उपस्थिति में शव को शवगृह में स्थानांतरित किया गया। दोपहर लगभग 1:22 बजे कुछ अन्य परिजन शवगृह में आक्रोशित हो गए तथा उन्होंने मृतका एवं गर्भस्थ शिशु की पुन: जांच की मांग करते हुए वहां व्यवधान उत्पन्न किया। नमो अस्पताल के चिकित्सकों की टीम द्वारा परिजनों को स्थिति एवं घटनाक्रम समझाने का प्रयास किया गया। हालांकि, इसके बाद कुछ परिजनों द्वारा बिना अधिकृत अनुमति के शव को शवगृह से बाहर ले जाकर दूसरे अस्पताल में ले जाया गया। इसके पश्चात दोपहर लगभग 1:45 बजे शव को पुन: नमो अस्पताल के कैजुअल्टी विभाग में लाया गया, जहां परिजनों को एक बार फिर समझाया गया तथा मरीज एवं गर्भस्थ शिशु की मृत्यु के संबंध में जानकारी दी गई। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि मरीज सांस लेने में तकलीफ एवं अन्य अंतर्निहित बीमारी के लिए एक निजी अस्पताल में उपचार ले रही थीं तथा हृदय संबंधी समस्या की पुष्टि अथवा उसे खारिज करने के लिए 2-ऊ एूँङ्म जैसी उच्च स्तरीय जांच कराने की सलाह भी दी गई थी। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के पश्चात मृत्यु के कारणों का पता लगाने हेतु विशेषज्ञ चिकित्सकों के एक पैनल का गठन कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया निर्धारित की गई। पोस्टमार्टम के दौरान मृतका में हृदय का अत्यधिक बढ़ा हुआ आकार (उं१्रिङ्मेीॅं’८), फेफड़ों के आसपास द्रव का जमाव (ढ’ी४१ं’ एाा४२्रङ्मल्ल) तथा हृदय विफलता (उं१्रिंू ऋं्र’४१ी) के संकेत पाए गए। मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि हेतु आवश्यक नमूने एकत्रित किए गए हैं, जिनकी आगे जांच की जाएगी। अस्पताल सक्षम प्राधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग करने तथा सभी निर्धारित चिकित्सकीय एवं कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। जीवन बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाते हैं, लेकिन कभी-कभी मरीज अस्पताल में अत्यंत गंभीर अवस्था में पहुंचते हैं और उपलब्ध सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाओं एवं उपचार के बावजूद परिणाम प्रतिकूल हो सकते हैं। नमो अस्पताल सिलवासा, दादरा नगर हवेली और दमण एवं दीव के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान है। अस्पताल के चिकित्सक, नर्स एवं समस्त स्वास्थ्यकर्मी चिकित्सा आपात स्थितियों में त्वरित उपचार प्रदान करने तथा विशेष रूप से माताओं एवं बच्चों सहित सभी जरूरतमंद मरीजों को सर्वोत्तम संभव स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर समर्पित हैं। अस्पताल प्रशासन आम जनता को आश्वस्त करता है कि इस घटना की निर्धारित चिकित्सकीय एवं कानूनी प्रक्रियाओं के तहत जांच की जा रही है। जांच के सभी निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए मातृ स्वास्थ्य सेवाओं, आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था एवं गहन चिकित्सा सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

