– प्रशासन ने जारी किया सर्कुलर, प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनी प्रतिमाओं को ही अनुमति
असली आज़ादी न्यूज नेटवर्क, दमण, 11 अगस्त। आगामी गणेश चतुर्थी पर्व को देखते हुए दमण जिला प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। समाहर्ता कार्यालय दमण की ओर से जारी सर्कुलर में प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दमण जिले में किसी भी परिस्थिति में पीओपी की प्रतिमाओं का विसर्जन नहीं किया जाएगा। सर्कुलर के अनुसार गणेश प्रतिमाओं के निर्माण में केवल प्राकृतिक, जैव-अवक्रमणीय और पर्यावरण अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इनमें प्राकृतिक मिट्टी के साथ कॉर्न, पालक, गेहूं, सब्जियों तथा अन्य जैव-अवक्रमणीय पदार्थों का उपयोग किया जा सकता है। प्रतिमाओं की सजावट के लिए हल्दी, चंदन, गेरू और वनस्पति आधारित प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। हानिकारक रासायनिक पेंट और सिंथेटिक रंगों से बचने के निर्देश दिए गए हैं। सभी भक्तों और आयोजकों से अनुरोध है कि वे यह सुनिश्चित करें कि मूर्तियों का विसर्जन केवल निर्धारित पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन टैंकों या प्राकृतिक जल स्रोतों में ही किया जाए, ताकि जलीय जीवन या आसपास के पर्यावरण पर कोई बुरा असर न पड़े। समुदायों को टिकाऊ तरीकों को अपनाने और त्योहार के दौरान पर्यावरण की सुरक्षा और जल स्रोतों के संरक्षण के महत्व के बारे में जनता के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आयोजकों से प्रतिमाओं का विसर्जन निर्धारित पर्यावरण अनुकूल विसर्जन टैंकों या ऐसे प्राकृतिक जलस्रोतों में ही करने की अपील की है, जिससे जलीय जीवों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। निर्देशों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

