असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 12 जून। संघ प्रदेश थ्रीडी के स्वास्थ्य सचिव गोपी कृष्ण के निर्देशों और हेल्थ संयुक्त सचिव अमित पमासी के मार्गदर्शन में नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम विभाग (दादरा नगर हवेली और दमण-दीव) ने आज दोपहर 3 बजे दमण इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, सोमनाथ के कॉन्फ्रेंस हॉल में दमण के इंडस्ट्रियल नोडल अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग आयोजित की। नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम विभाग के स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. गणेश वर्नेकर ने मच्छरों के पनपने और उनकी रोकथाम, लार्वा सर्वे और उन्हें खत्म करने, कीटनाशक स्प्रे, ‘फ्राइडे-ड्राई डे’ (साप्ताहिक सफाई अभियान) और इंडस्ट्रीज एरिया में सूचना देने एवं इलाज शुरू करने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इंडस्ट्रीज एसोसिएशन और इंडस्ट्रीज़ से इलाज के नियमों का पालन कराने में मदद करने और नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया। कंसल्टेंट विशालभाई ने नियमों का पालन न करने वालों से जुड़े कानूनी मुद्दों और जुर्माने की व्यवस्था के बारे में बताया और प्रोटोकॉल के अनुसार इंडस्ट्रीज़ में तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने इंडस्ट्रीज़ में वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल के लिए रोजाना की गतिविधियों का फ़ॉर्म भरने के बारे में भी जानकारी दी। इस प्रोग्राम में दमण इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के श्याम शेट्टी, मलेरिया इंस्पेक्टर हर्षदभाई और फाइलेरिया इंस्पेक्टर मेहुलभाई मौजूद थे। मच्छरों की विभिन्न लार्वा अवस्थाओं का, मच्छर प्रजनन स्थानों, लार्वानाशक दवा का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, मच्छर जनित रोगों से बचाव के लिए सुरक्षा उपकरणों, जल स्रोत प्रबंधन और स्थानीय स्तर पर अपनाए जाने वाले उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने इस बात पर जोर दिया कि वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम में औद्योगिक क्षेत्रों की भागीदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विभाग ने पिछले वर्षों में किए गए सकारात्मक प्रयासों की सराहना की और भविष्य में और अधिक सक्रिय भागीदारी की उम्मीद जताई। कार्यक्रम के अंत में एक संवादात्मक सत्र था, जिसमें उद्योग प्रतिनिधियों ने जमीनी स्तर की समस्याओं से संबंधित प्रश्न पूछे और विशेषज्ञों से उनके समाधान प्राप्त किए। यह प्रशिक्षण सत्र केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं था, बल्कि सामूहिक उत्तरदायित्व और साझा सोच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, जहाँ उद्योग और सरकार एक स्वस्थ भविष्य के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। बुखार आने पर अपने नजदीकी अस्पताल में खून की जांच अवश्य कराए और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक ही दवाएं लें।

