असली आजादी न्यूज नेटवर्क, सिलवासा 15 मार्च। एसआईए द्वारा स्वास्थ्य, सुरक्षा, पर्यावरण और अग्नि (एचएसई और अग्नि) पर केंद्रित दो-दिवसीय ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रम सिलवासा के कला केंद्र में आयोजित किया गया। इसमें दानह की विभिन्न इंडस्ट्रीज़ से 275 से ज़्यादा सुरक्षा प्रोफेशनल्स और इंडस्ट्री प्रतिनिधियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इस कॉन्क्लेव का संयुक्त आयोजन आपदा प्रबंधन प्राधिकरण दादरा और नगर हवेली और दमण-दीव के प्रशासन और सिलवासा इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन द्वारा किया गया था। इसमें फेडरेशन ऑफ़ इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन, सीमा और डीएनएचआईए का बहुमूल्य सहयोग मिला। साथ ही इंडस्ट्रीज़ और उनके व्यावसायिक सहयोगियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि आरडीसी अभित कुमार के गर्मजोशी भरे स्वागत के साथ हुई। उनके साथ दानह प्रशासन, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अग्नि और आपातकालीन सेवा विभाग के गणमान्य व्यक्ति और विभिन्न इंडस्ट्री एसोसिएशनों के पदाधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह के साथ हुआ। इस अवसर पर आरडीसी अमित कुमार ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रियंका सिंह, अग्नि और आपातकालीन सेवाओं के निदेशक एम. एफ. दस्तूर, अग्नि और आपातकालीन सेवाओं के सहायक और विभिन्न इंडस्ट्री एसोसिएशनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। इस समारोह में इंडस्ट्री एसोसिएशनों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव भी उपस्थित थे, जिनमें अतुल शाह, महेश लखवानी, आर. के. नायर, आर. एन. पांडे, आर. एस. सुराना, कल्पेश सोलंकी, प्रशांत जगताप, पी. के. जाडिया और परेश गज्जर शामिल थे। यह कॉन्क्लेव एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जिसने इंडस्ट्री के दिग्गजों, सुरक्षा प्रोफेशनल्स, पर्यावरण विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों को एक साथ लाकर ज्ञान का आदान-प्रदान करने, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों पर चर्चा करने और इंडस्ट्रीज़ में सुरक्षा और स्थिरता की संस्कृति को मज़बूत बनाने का अवसर प्रदान किया। इस कार्यक्रम की मेज़बानी फेडरेशन ऑफ़ इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन सिलवासा के आयोजन सचिव परेश गज्जर ने की, जिनके साथ सह-मेज़बान के रूप में एसएसआर कॉलेज के डॉ. राजेश कुमार पांडे भी मौजूद थे। कॉन्क्लेव के पहले दिन कई जाने-माने विशेषज्ञों द्वारा जानकारीपूर्ण तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। जिनमें एम. एफ. दस्तूर – निदेशक, अग्नि एवं आपातकालीन सेवाएं, संघ प्रदेश थ्रीडी प्रशासन, किरण भाटिया – पूर्व मुख्य निरीक्षक, कारखाने एवं बॉयलर, कमांडर दीपक – सीएसओ एवं अग्नि अधिकारी (सनाथन टेक्सटाइल्स लिमिटेड), डॉ. सागरसिंह सोलंकी – निदेशक (उ्र३८ ऌीं१३ & ट४’३्र२स्रीू्रं’३८ ऌङ्म२स्र्र३ं’), डॉ. धवल नाइक – वरिष्ठ वैज्ञानिक (एल्लस्र१ङ्म एल्ल५्र१ङ्म३ीूँ एल्लॅ्रल्लीी१२ ढ५३. छ३ि.) शामिल थे। उनके सत्रों ने औद्योगिक सुरक्षा, व्यावसायिक स्वास्थ्य प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर बहुमूल्य जानकारी और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान किए, जिससे इसमें भाग लेने वाले सुरक्षा पेशेवरों के ज्ञान में वृद्धि हुई। दूसरे दिन भी विशेषज्ञों की एक विशिष्ट श्रृंखला मौजूद थी, जिन्होंने अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा की। जिसमें श्री वत्सल मिस्त्री – कार्बन फुटप्रिंट को कम करना (श्अरव कळ&रऊ), वी. जगदीश – एआई और सुरक्षा बुद्धिमत्ता समाधान (र३ी१’्र३ी उङ्मस्रस्री१, श्ील्लिं३ं), पी. के. जाडिया – कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं से निपटना (कार्यकारी सचिव, एसआईए सिलवासा), तेजस सावंत – सामग्री प्रबंधन में अगली पीढ़ी की सुरक्षा पद्धतियाँ (एचयूएल, दपाडा), प्रियंका सिंह – आपदा प्रबंधन के लिए तैयारी (डीएमए, दानह प्रशासन), ए. के. वाला – हाल की अग्नि घटनाएं: चुनौतियाँ और सीख (अग्नि एवं आपातकालीन सेवाएं, दानह-दमण-दीव) शामिल रहे। फेडरेशन ऑफ़ इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आर. एन. पांडे ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सुरक्षा कॉन्क्लेव केवल कार्यक्रम नहीं हैं, बल्कि ये ऐसे महत्वपूर्ण मंच हैं जो सुरक्षित कार्यस्थलों की दिशा में सीखने, सहयोग करने और साझा ज़म्मिेदारी निभाने की भावना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी पहल कार्यस्थल पर मौजूद खतरों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, उद्योगों में सुरक्षित पद्धतियों को बढ़ावा देने और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने के लिए उद्योगों तथा सरकारी अधिकारियों के बीच सहयोग को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाती हैं। दो दिवसीय इस कार्यक्रम का समापन वक्ताओं, प्रतिभागियों, प्रदर्शकों और स्थानीय कॉलेजों-जिनमें एसएसआर कॉलेज और हवेली लॉ कॉलेज शामिल थे। स्वयंसेवकों का सम्मान और प्रमाण पत्र वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण किरण भाटिया, पूर्व मुख्य कारखाना एवं बॉयलर निरीक्षक का सम्मान था, जिन्हें डीएनएच और डीडी के उद्योगों में उनके उल्लेखनीय योगदान और समर्पित सेवा के सम्मान में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, डीएनएच के चार प्रमुख उद्योगों – मेसर्स आलोक इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, मेसर्स भिलोसा इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड और मेसर्स सनातन इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड को भी अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों के दौरान उनके उत्कृष्ट सहयोग तथा पड़ोसी उद्योगों को सहायता प्रदान करने के लिए सम्मानित किया गया। आयोजकों ने दानह और दमण-दीव के प्रशासन, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, अग्नि एवं आपातकालीन सेवा विभाग, उद्योग संघों, प्रदर्शकों, विशेषज्ञ वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

