असली आजादी न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली 23 फरवरी। दमण एवं दीव के लोकसभा सांसद उमेश पटेल ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के चेयरमैन वीर विक्रम यादव से औपचारिक मुलाकात कर वापी तथा उससे संबद्ध औद्योगिक इकाइयों से दमण सहित आसपास के क्षेत्रों में फैल रहे गंभीर औद्योगिक प्रदूषण के संबंध में एक विस्तृत, तकनीकी एवं तथ्यात्मक आवेदन पत्र सौंपा। सांसद उमेश पटेल ने सीपीसीबी के चेयरमैन को अवगत कराया कि वापी-दमण औद्योगिक कॉरिडोर लंबे समय से देश के सबसे अधिक प्रदूषित औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल रहा है। इसके बावजूद, वर्षों से की गई निरीक्षण रिपोर्टों में गंभीर एवं निरंतर उल्लंघन दर्ज होने के बाद भी प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई का अभाव अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि लगातार 14 संयुक्त निरीक्षण रिपोर्टों में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की विफलता दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे पर्यावरण, जनस्वास्थ्य, औद्योगिक श्रमिकों की सुरक्षा एवं मानव जीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। अपने आवेदन में सांसद उमेश पटेल ने रीयल-टाइम प्रदूषण निगरानी प्रणाली के अभाव, ढट2.5 एवं श्डउ जैसे खतरनाक प्रदूषकों की वैज्ञानिक निगरानी की कमी, मिट्टी एवं भू-जल प्रदूषण के लिए राष्ट्रीय मानकों की अनुपस्थिति तथा श्रमिक स्वास्थ्य निगरानी तंत्र के न होने जैसे गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से रेखांकित किया। सांसद उमेश पटेल ने सीपीसीबी से यह मांग की है कि वापी-दमण क्षेत्र में तत्काल और सख़्त प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उएढक (उङ्मेस्र१ीँील्ल२्र५ी एल्ल५्र१ङ्मल्लेील्ल३ं’ ढङ्म”४३्रङ्मल्ल कल्लिी७) का पुनर्मूल्यांकन किया जाए, आधुनिक निगरानी अवसंरचना स्थापित की जाए तथा जनस्वास्थ्य प्रभाव अध्ययन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वापी सहित जो भी औद्योगिक इकाइयां प्रदूषण फैलाने में दोषी पाई जाती हैं, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि यह पहल किसी उद्योग के विरुद्ध नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त दायित्व, पर्यावरण संरक्षण तथा आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के अधिकार की रक्षा के उद्देश्य से की गई है। दमण को औद्योगिक प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से सांसद उमेश पटेल निरंतर एवं सतत प्रयासरत हैं। इसी क्रम में उन्होंने कुछ दिन पहले भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राज्य मंत्री से भी मुलाकात कर दमण तथा उससे सटे क्षेत्रों मे फैल रहे गंभीर प्रदूषण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।

