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दमण में ड्रग्स नियंत्रण अधिकारियों का हुआ राष्ट्रीय संमेलन

– पिछले 7-8 सालों मंे दमण में अद्भुत विकास हुआ है, इसका श्रेय प्रशासक प्रफुल पटेल को जाता है: दमण ड्रग्स इंस्पेक्टर डॉ. धर्मेश अग्रवाल – किसी भी व्यक्ति द्वारा ली जाने वाली दवाईयाँ सुरक्षित, असरदार और गुणवत्तायुक्त होनी चाहिए यह देखने की जिम्मेदारी ड्रग्स कंट्रोलर की है: जी. कोटेश्वर राव – नकली दवाओं के ऑर्गेनाइज्ड कारोबार को जड़ से खत्म करना जरूरी है: केशव कुमार – नशीलें पदार्थों पर नियंत्रण, कॉस्मेटिक और आयुर्वेदिक उत्पादों के नियमन, एआई आधारित स्मार्ट गवर्नेंस और राज्य एवं केन्द्र सरकार के बीच तालमेल जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा – भारत सिर्फ फार्मेसी में ही नहीं संशोधन में भी नंबर-1 होना चाहिए: सुदर्शन जैन – अधूरी जानकारी और पुराने नियमों का अमल फार्मा कंपनियों के लिए चिंता का विषय: हरीश जैन – एमएसएमई को स्पर्धात्मक बनाने के लिए एकेडमियों और उद्योगों के बीच भागीदारी अनिवार्य: शैलेन्द्र शराफ

असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण, 11 जुलाई। दमण में ड्रग्स नियंत्रण ऑफिसर्स (इंडिया) वेलफेयर एसोसिएशन की वार्षिक संमेलन आयोजित किया गया। जिसमें विशेषज्ञों ने दवा नियमन व्यवस्था को ज्यादा असरदार, पारदर्शक और टेक्नोलॉजी आधारित बनाने के लिए विचार प्रस्तुत किए। कॉस्मेटिक्स एवं आयुर्वेदिक उत्पादनों, गुणवत्ता नियंत्रण, लाइसेंसिंग, लेबलिंग, मार्केट सर्विलांस और ग्राहक सुरक्षा के नियमों को ज्यादा असरदार तरीके से लागू करने के लिए प्रस्तुत किया गया। दमण में आयोजित ड्रग्स नियंत्रण ऑफिसर्स (इंडिया) वेलफेयर एसोसिएशन की चौथी वार्षिक संमेलन में देश भर से 400 से ज्यादा ड्रग नियंत्रणरों ने हिस्सा लिया। जिनमें अलग-अलग फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल थे। जहां भ्रामक एवं धोखा देने वाली दवाओं और हेल्थ से जुड़े विज्ञापनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर चर्चा हुई। देश में नारकोटिक्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के बढ़ते गैर-कानूनी इस्तेमाल और गलत इस्तेमाल पर ज्यादा असरदार नियंत्रण के लिए अलग-अलग रेगुलेटरी एजेंसियों के बीच मजबूत तालमेल बनाने की जरूरतों पर जोर दिया गया। एसोसिएशन के नेशनल प्रेसिडेंट जी. कोटेश्वर राव ने कहा कि ड्रग नियंत्रण की यह जिम्मेदारी है कि वह देखे कि किसी भी नागरिक द्वारा ली जाने वाली दवा सुरक्षित, असरदार और क्वालिटी वाली हो। जैसे-जैसे नई रिसर्च, नए बायोलॉजिकल उत्पादनों, एडवांस्ड मेडिकल डिवाइस, एआई, डिजिटल फार्मेसी, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और पर्सनलाइज्ड दवाओं की वजह से हेल्थकेयर इको-सिस्टम तेजी से बदल रहा है, इसे रेगुलेट करने की चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं। जिसके लिए एसोसिएशन इस ड्रग्स नियंत्रण सिस्टम को मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। इस सेशन में सीबीआई के रिटायर्ड एडिशनल डायरेक्टर केशव कुमार ने कहा कि नकली दवाओं के ऑर्गेनाइज्ड कारोबार को जड़ से खत्म करना जरूरी है। इसके लिए सबसे अच्छे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के जाँच तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। नकली दवाओं के धंधे में सप्लाई चेन शामिल होने से जांच सिर्फ नकली दवाओं को पकड़ने तक सीमित रहने के बजाय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तक नहीं पहुँचती है तो लड़ाई अधूरी मानी जाएगी। हाल ही में देश में नकली दवाओं के दो बड़े मामले सामने आए, जिनके कनेक्शन पुडुचेरी की फैक्ट्री के साथ जुड़े थे, जिसका वार्षिक टर्नओवर 200 करोड रुपये था। इस काले कारोबार की वित्तिय हेराफेरी और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट, जीएसटी और सीबीआई ने मिलकर जांच करने पर जोर दिया। इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस के जनरल सेक्रेटरी सुदर्शन जैन ने कहा कि जब तक स्वस्थ भारत नहीं होगा, तब तक विकसित भारत की कल्पना नहीं की जा सकती। जिसके लिए सख्त नियम की जरूरत है। फार्मा इंडस्ट्रीज अपनी इनकम का 31 प्रतिशत रिसर्च और डेवलपमेंट पर खर्च करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अभी 200 से ज्यादा देशों को दवाएं एक्सपोर्ट करके नंबर वन है, लेकिन रिसर्च में भी नंबर वन होना जरूरी है। फेडरेशन ऑफ फार्मा एन्थ्रोपीनियर के प्रेसिडेंट हरीश जैन ने कहा कि देश में नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी (एनएसक्यू) दवाओं का प्रमाण 3 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करना एक नेशनल प्रोजेक्ट है। जो प्रोडक्ट एनएसक्यू होगा, उसके लिए सबसे अच्छा फॉर्मूलेशन दिया जाएगा। हालांकि, अधूरी जानकारी और पुराने नियमों का लागू होना फार्मा कंपनियों के लिए एक रुकावट बन जाता है। जिसकी वजह से छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को एक्सपोर्ट एनओसी में काफी मुश्किल हो रही है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च के डायरेक्टर प्रोफेसर शैलेंद्र शराफ ने कहा कि यूनिवर्सिटियों एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट में विकसीत हुई नई टेक्नोलॉजी, रिसर्च और नए आइडिया को एमएसएमई तक पहुंचाकर उत्पादन की गुणवत्ता, नवीनता और निकास क्षमता में उल्लेखनीय बढोत्तरी हो सकती है। इसके लिए एकेडेमिया और इंडस्ट्री के बीच एक मजबूत भागीदारी अनिवार्य है। दमण ड्रग्स इंस्पेक्टर डॉ. धर्मेश अग्रवाल ने कार्यक्रम के दौरान धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि दमण एक छोटा सा यूनियन टेरेटरी है। हम यहां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं यह सभी के लिए गर्व की बात है। पिछले 7-8 सालों में इस प्रदेश का अद्भुत विकास हुआ है। यहां से नेशनल लेवल की फ्लाइट दिल्ली टू दमण और दमण और अहमदाबाद शुरु होने जा रही है। यहां हुए विकास को आप सभी ने देखा होगा। जो यहां 5 साल पहले आए थे तब का दमण और अब का दमण में इतना अंतर है इसका अंदाजा यहां हुए विकास को लेकर लगा सकते हैं। धर्मेश अग्रवाल ने कहा कि नया भारत की तरह ही हमारा नया दमण है। यह सब माननीय प्रशासक प्रफुल पटेल की दूरदर्शी सोच और नेतृत्व में हुआ है। इसके लिए मैं प्रशासक प्रफुल पटेल का विशेष आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने बताया कि पिछला सम्मेलन हैदराबाद में हुआ था तब मैंने नेशनल अध्यक्ष से दमण में सम्मेलन आयोजित करने की मंशा जाहिर की थी। अध्यक्ष महोदय ने हमारी राय को प्राथमिकता देते हुए दमण में कांफ्रेंस करने की मंजूरी दी। जिसके बाद हमने दमण में नेशनल सम्मेलन आयोजित किया है। इसके लिए अध्यक्ष महोदय का भी धन्यवाद देता हूं। इस कार्यक्रम में संघ प्रदेश थ्रीडी के स्वास्थ्य सचिव ए. गोपी कृष्णा, दमण एसपी केतन बंसल सहित 400 से ज्यादा ड्रग्स अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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