एक छोटा प्रदेश, एक बड़ा रिश्ता
जो काम 55 वर्षों में नहीं हुआ, वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मात्र 10 साल में कर दिखाया। दादरा नगर हवेली और दमण-दीव पुर्तगालियों की गुलामी से आजाद हुआ यह छोटा सा संघ प्रदेश आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी प्रधानमंत्री का इतना गहरा और निरंतर स्नेह देख रहा है।
अगला पड़ाव: जून 2026
आने वाले जून के पहले सप्ताह में पीएम मोदी एक बार फिर इस प्रदेश की धरती पर कदम रखेंगे। यह उनका 10 वर्षों में 8वां दौरा होगा। एक ऐसी उपस्थिति जिसकी मिसाल भारतीय राजनीति के इतिहास में कहीं नहीं मिलती।
इस बार की सौगातो में
नया एयरपोर्ट टर्मिनल: दमण में आधुनिक हवाई अड्डे और मरवड सरकारी अस्पताल का लोकार्पण
सिग्नेचर ब्रिज: रामसेतु और नमो पथ को जोड़ने वाले इस पुल का भूमिपूजन,
कन्वेंशन सेंटर: प्रदेश में बड़े आयोजनों की नई संभावनाओं का शुभारंभ शामिल है। इसके अलावा भी अनेक विकास परियोजनाओं की सौगात मिलने की उम्मीद है।
इतिहास बनाम वर्तमान
आजादी से लेकर 2016 तक के 55-60 वर्षों में देश के तत्कालीन प्रधानमंत्रियों ने इस प्रदेश का दौरा मात्र 2 से 3 बार किया था और अब पिछले 10 वर्षों में 8 बार। यह केवल दौरों की गिनती नहीं है, यह हर बार नई सौगात, नया विश्वास और नई उम्मीद लेकर आने का सिलसिला है।
प्रफुल पटेल का सेतु
प्रदेश के प्रशासक प्रफुल पटेल के आग्रह पर पीएम मोदी हर बार इस छोटे से प्रदेश के निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार करते हैं। यही वह अटूट विश्वास है जो एक केंद्र शासित प्रदेश को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ता है। न भूतो न भविष्यति ऐसा न पहले हुआ, न आगे होगा।

