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दमण-दीव के जन नेता पूर्व सांसद डाह्याभाई पटेल की पांचवी पुण्यतिथि आज

100 साल से मोटी दमण और नानी दमण की जनता ब्रिज का इंतजार कर रही थी उस सपने को डाह्याभाई पटेल ने अपने सांसद काल में पूरा किया था ल्ल विभिन्न समाजों के लिए कम्युनिटी हॉल और दमण के सबसे बडे कोली पटेल समाज के लिए भव्य समाज हॉल का निर्माण स्वर्गीय डाह्याभाई पटेल ने अपने संसदीय कार्यकाल में करवाया था ल्ल 60 के दशक में सरपंच के रूप में राजनीति की सफर शुरू करने वाले डाह्याभाई पटेल ने 1995 में संयुक्त दमण-दीव जिला पंचायत प्रमुख, 1999 और 2004 में दो बार लोकसभा में दमण-दीव का किया था प्रतिनिधित्व
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 02 मई। दमण-दीव के जन नेता पूर्व सांसद डाह्याभाई पटेल की आज पांचवी पुण्यतिथि है। कोरोना काल की दूसरी लहर में जनता ने अपना नेता खो दिया था। डाह्याभाई पटेल ने अपने संसदीय कार्यकाल में दमण-दीव की स्थानीय नागरिक पटेल, माछी, मांगेला, मिटना, कोली, खारवा, भंडारी, कामली सहित 60% आबादी को ओबीसी आरक्षण का लाभ दिलाया था। डाह्याभाई पटेल ने दमण-दीव के युवाओं को सरकारी नौकरियों में डोमिसाइल का अधिकार भी दिलाया था, जिसके कारण बडी संख्या में स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरियों में मौका मिला। डाह्याभाई पटेल का मोटी दमण और नानी दमण के बीच कनेक्टिविटी बढाने में भी बडा योगदान है। मोटी दमण और नानी दमण की जनता पिछले 100 सालों से एक मजबूत और भारी वाहनों की आवाजाही वाला ब्रिज का इंतजार कर रही थी। डाह्याभाई पटेल जब 1999 में सांसद बने तब केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार थी। जबकि डाह्याभाई पटेल कांग्रेस के सांसद थे। फिर उन्होंने अपने व्यक्तिगत संबंधों का इस्तेमाल करते हुए दमण की जनता के लिए मोटी दमण और नानी दमण के बीच आधुनिक ब्रिज निर्माण की मंजूरी दिलाई। जब इस ब्रिज का शिलान्यास हो रहा था तब डाह्याभाई पटेल ने तत्कालीन गृह राज्यमंत्री हरिन पाठक की उपस्थिति में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में कहा था कि इस ब्रिज का शिलान्यास मैने कराया है और इस ब्रिज का उद्घाटन भी मैं कराऊंगा। सही में ऐसा ही हुआ, 2008 में तत्कालीन यूपीए सरकार में इस ब्रिज का उद्घाटन डाह्याभाई पटेल के सांसद काल और उनकी उपस्थिति में श्रीमती सोनिया गांधी ने किया था। डाह्याभाई पटेल ने अपने 10 वर्ष के सांसद कार्यकाल में अपनी सांसद निधि से अनेक विकास कार्य किए थे। उन्होंने दमण के विभिन्न समाजों को कम्युनिटी हॉल बनाकर दिया था। दमण के सबसे बडे समाज कोली पटेल समाज को भेंसलोर चार रास्ता के पास भव्य समाज का हॉल बनाकर दिया था जो आज भी सर्व समाज के शादी एवं अन्य कार्यक्रमों के लिए आशीर्वाद समान है। गौरतलब है कि डाह्याभाई पटेल ने 60 के दशक में दाभेल ग्रुप ग्राम पंचायत के सरपंच के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरूआत की थी। 3 दशक से ज्यादा दमण की सबसे बडी पंचायत के सरपंच रहने के बाद 1995 में दमण-दीव जिला पंचायत का गठन होने के बाद उन्होंने जिला पंचायत का चुनाव लडा और उस वक्त की संयुक्त दमण-दीव जिला पंचायत के प्रमुख भी बने। 1999 में दूसरे प्रयास में उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीता। 10 वर्षों तक डाह्याभाई पटेल लोकसभा में दमण-दीव का प्रतिनिधित्व किया। 2009 में डाह्याभाई पटेल को लोकसभा चुनाव में हार मिली, लेकिन उन्होंने सक्रिय राजनीति जारी रखी। लोकसभा चुनाव के महज एक-डेढ साल में हुए स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव में अपनी स्थानीय पैनल को दमखम के साथ उतारकर अनेक ग्राम पंचायतों, नगरपालिकाओं और जिला पंचायत पर शासन स्थापित करवाया। उनके निधन के कुछ महीने पहले 2020 में हुए स्थानीय स्वराज संस्थाओं के चुनाव में भी अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायत एवं जिला पंचायत की सीटों को समरस कराकर राजनीति में उनकी पकड का परिचय दिया था। दमण-दीव के जन नायक डाह्याभाई पटेल को आज उनकी पुण्यतिथि पर जनता-जनार्दन के साथ-साथ वे सभी पूर्व एवं वर्तमान जनप्रतिनिधि याद करेंगे जिन्हें डाह्याभाई पटेल सक्रिय राजनीति में लाए थे।

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