असली आजादी न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली 12 मार्च। केंद्र शासित प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव के लिए शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राज्यसभा में विधानसभा की गठन का बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। राज्यसभा के माध्यम से संजय राउत ने कहा कि मैं देश के ऐसे विशाल केंद्र शासित प्रदेश की जनता की मांग को सदन में उठाना चाहता हूं, जिस प्रदेश का कोई सदस्य राज्यसभा में नहीं है। दादरा नगर हवेली और दमण-दीव के लाखों नागरिक लंबे समय से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। वहां के लोगों की मांग है कि दादरा नगर हवेली और दमण दीव को एक विधानसभा दे और अधिकारी राज की बेड़ियों से हमें मुक्त करें। वर्ष 2014 में गृहमंत्रालय की संसदीय समिति ने इस केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा के गठन की सिफारिश की थी। इस समिति ने अपनी रिपोर्ट न केवल गृह मंत्रालय को बल्कि राज्यसभा को भी सौंपी थी। लेकिन 12 साल बीत जाने के बाद भी यह सिफारिश धूल फांक रही है! क्या लोकतंत्र के प्रति हमारी कमिटमेंट पर सवाल नहीं उठाता? आज इस क्षेत्र में विधानसभा का अभाव एक गंभीर समस्या बन चुकी है। चुने हुए जनप्रतिनिधि यानी नगरपालिका, जिला पंचायत को शक्तिहीन कर दिया है और सारी सत्ता जो प्रशासनिक अधिकारी है उनके हाथों में केंद्रित हो रही है, जो अपने हिसाब से नियम-कानून बनाते हैं और स्थानिक जनप्रतिनिधियों को पूछते तक नहीं। विधानसभा न होने के कारण इस क्षेत्र का राज्यसभा में कोई प्रतिनिधि नहीं है। क्या आप उसे उचित समझते हैं कि भारत के एक हिस्से को संसद के उच्च सदन में अपनी आवाज उठाने का अधिकार ही ना मिले? वहां के लोग सवाल उठाते हैं कि जब सिक्किम, गोवा, पुडुचेरी जैसे छोटे राज्य जिनके पास एक या दो लोकसभा की सीट है सीमित राजस्व है उनको विधानसभा का दर्जा दे सकते हो तो दादरा नगर हवेली और दमण-दीव को ये अधिकार क्यों नहीं? इस क्षेत्र के पास लोकसभा की दो सीट हैं। इसका रेवेन्यू उन छोटे राज्यों से कई गुना ज्यादा है। आबादी बढ़ रही है फिर भी उनके साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों है? पहले यह क्षेत्र पुर्तगीज की गुलामी में जकड़ा था। आज आजादी के इतने वर्षों बाद भी अधिकारी राज के चंगुल में फंसे हुए हैं। क्या यह हमारी डेमोक्रेटिक व्यवस्था का माखौल नहीं है। लोग कहते हैं कि हमें इन परिस्थितियों से निकालकर संवैधानिक अधिकार दे दो और यह बिल्कुल सही भी है। मैं केंद्र सरकार से पूछना चाहता हूं, इस क्षेत्र को विधानसभा देने में तकलीफ क्या है? अगर छोटे-छोटे और राज्य है उनको केंद्र शासित प्रदेश होने के बावजूद विधानसभा देते हो तो दादरा नगर हवेली और दमण दीव के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों? दादरा नगर हवेली और दमण-दीव के लोगों को लोकशाही का पूर्ण अधिकार मिलना चाहिए ऐसी जोरदार मांग शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के सांसद संजय राउत ने की है।

