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केंद्र सरकार के समक्ष सांसद उमेश पटेल ने मछुआरों को ऋण और संघ प्रदेश की पंचायती संस्थानों को अधिकार देने की उठाई मांग

– सांसद उमेश पटेल ने केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी और पंचायती राज विभाग सचिव विनीत जोशी से मुलाकात कर तत्काल कार्रवाई की रखी मांग, दोनों विषयों पर सकारात्मक आश्वासन मिलने का दावा
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली/ दमण 27 अक्टूबर। दमण-दीव सांसद उमेश पटेल ने आज नई दिल्ली में संबंधित वरिष्ठ सचिवों से व्यक्तिगत मुलाकात कर अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़े दो अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से उठाया। जिसमें पहला विषय दीव के मछुआरों के लिए राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा स्वीकृत लगभग 15 करोड़ रूपये की 16 परियोजनाओं के बैंक ऋण में हो रही देरी से संबंधित था, जबकि दूसरा विषय दादरा नगर हवेली और दमण-दीव की ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों के प्रशासनिक, संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों की बहाली से जुड़ा था। सांसद उमेश पटेल ने दीव के मछुआरों के लिए 15 करोड़ की स्वीकृत परियोजनाओं का लाभ तत्काल दिलाने की मांग की। सांसद उमेश पटेल ने भारत सरकार के मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी से मुलाकात कर बताया कि राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड द्वारा दीव के मछुआरों के लिए 16 प्रस्ताव स्वीकृत होने के बावजूद सरकारी, राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के कथित असहयोग और ऋण प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब के कारण लाभार्थियों को योजनाओं का वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारियों द्वारा पूर्व में सहयोग का आश्वासन दिए जाने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। इस मुद्दे पर सांसद उमेश पटेल ने प्रमुख रूप से सभी लंबित ऋण आवेदनों का समयबद्ध निपटारा किये जाने, राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड, बैंक अधिकारियों एवं संबंधित विभागों की तत्काल संयुक्त बैठक बुलाने, अनावश्यक विलंब के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, दीव में विशेष बैंक ऋण सहायता शिविर आयोजित करने, परियोजनाओं की निगरानी के लिए वरिष्ठ नोडल अधिकारी नियुक्त किये जाने और 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) उपलब्ध कराने जैसी मांगे रखी। सांसद उमेश पटेल ने स्पष्ट कहा कि बढ़ती डीजल कीमतों और मछली पकड़ने की बढ़ती लागत के कारण मछुआरा समुदाय पहले से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। ऐसे में स्वीकृत सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलना अत्यंत आवश्यक है। सांसद उमेश पटेल ने संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव की ग्राम पंचायतों एवं जिला पंचायतों के अधिकारों की बहाली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। सांसद उमेश पटेल ने संघ प्रदेश के पंचायती राज संस्थाओं से संबंधित सचिव के समक्ष ग्राम पंचायतों एवं जिला पंचायतों के लगातार सीमित होते अधिकारों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई पंचायतें दुकान एवं व्यापार लाइसेंस, आवश्यक एनओसी, स्थानीय प्रशासनिक नोटिस तथा विकास कार्यों से जुड़े वित्तीय निर्णय जैसे महत्वपूर्ण अधिकारों का प्रभावी उपयोग नहीं कर पा रही हैं। सांसद उमेश पटेल ने सवाल उठाया कि जब पंचायतों से उनके राजस्व अर्जित करने के अधिकार ही सीमित कर दिए गए हैं तो उनसे अपनी आय बढ़ाने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है? उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 40, 243जी, 243एच, 243आई तथा 73वें संविधान संशोधन की भावना का उल्लेख करते हुए स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को वास्तविक रूप से सशक्त बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। सांसद उमेश पटेल ने अपनी प्रमुख मांगे रखी। जिनमें ग्राम पंचायतों के वैधानिक प्रशासनिक अधिकारों की समीक्षा कर उनकी बहाली करने, व्यापार लाइसेंस, स्थानीय एनओसी एवं अन्य अनुमतियों के अधिकार कानून के अनुसार पंचायतों को दिए जाने, ग्राम पंचायतों एवं जिला पंचायतों को पर्याप्त और नियमित वित्तीय अनुदान उपलब्ध कराये जाने, पंचायतों को निर्धारित नियमों के अंतर्गत अपने फंड के उपयोग एवं विकास कार्यों की स्वीकृति का अधिकार देने, स्थानीय कर, शुल्क एवं अन्य वैध स्रोतों से राजस्व बढ़ाने की व्यवस्था सुदृढ़ करने, धन, अधिकार एवं कर्मचारियों का प्रभावी हस्तांतरण सुनिश्चित करने, पंचायतों के अधिकार सीमित करने वाले आदेशों एवं अधिसूचनाओं की समीक्षा करने, निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी से उच्चस्तरीय समीक्षा समिति बनाने एवं 30 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट और सुधार की समयसीमा उपलब्ध कराने की मांग की। सांसद उमेश पटेल ने दोनों महत्वपूर्ण विषयों पर संबंधित सचिवों के साथ विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा की। सांसद उमेश पटेल ने बताया कि संबंधित सचिवों ने उठाए गए विषयों को गंभीरता से सुना तथा नियमानुसार हरसंभव सहयोग और आवश्यक कार्रवाई का सकारात्मक आश्वासन दिया। सांसद उमेश पटेल ने स्पष्ट संदेश दिया कि दीव के मछुआरों को स्वीकृत योजनाओं का लाभ दिलाना और हमारे प्रदेश की निर्वाचित पंचायतों को उनके वैधानिक अधिकार वापस दिलाना मेरी प्राथमिकता है। सरकारी योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए और लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव ग्राम पंचायतों को अधिकार एवं संसाधनों से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। मछुआरों को उनका हक, पंचायतों को उनके अधिकार और जनता को विकास का वास्तविक लाभ मिले, इसके लिए मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा। सांसद उमेश पटेल ने कहा कि दोनों विषयों पर संबंधित विभागों से निरंतर संपर्क रखते हुए समयबद्ध एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित कराने के प्रयास जारी रहेंगे। उपरोक्त जानकारी सांसद कार्यालय द्वारा प्रेसनोट जारी की दी गई है।

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