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सिलवासा में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक, वायु गुणवत्ता सूचकांक 207 पर पहुंचा

  • वायु गुणवत्ता बिगड़ने के पीछे दादरा नगर हवेली में तेजी से हो रहे निर्माण कार्यों को भी माना जा रहा है
  • पीएम 2.5 और पीएम 10 की बढ़ी मात्रा से स्वास्थ्य पर पड़ सकता है प्रतिकूल प्रभाव, संवेदनशील लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

(संजय सिंह)

असली आजादी न्यूज नेटवर्क, सिलवासा 25 अक्टूबर। दादरा नगर हवेली की राजधानी सिलवासा में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। उपलब्ध वायु गुणवत्ता संबंधी आंकड़ों के अनुसार सिलवासा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 207 दर्ज किया गया है। यह स्तर स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का संकेत देता है। हालांकि, अलग-अलग निगरानी मंचों पर आंकड़ों में अंतर देखा गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिलवासा में सूक्ष्म कण पीएम 2.5 की मात्रा 131 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 10 की मात्रा 146 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस बताया गया है। हवा में मौजूद ये सूक्ष्म कण सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। प्रदूषण संबंधी आंकड़ों के अनुसार दादरा में एक अन्य निगरानी मंच पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 92 दर्ज किया गया, जिसे मध्यम श्रेणी में रखा गया है। वहां पीएम 2.5 की मात्रा 31.3 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर बताई गई है। वहीं, सिलवासा के लिए एक अन्य मौसम पूर्वानुमान मंच पर वायु गुणवत्ता सूचकांक लगभग 113 से 114 के बीच दर्शाया गया है, जो अस्वास्थ्यकर श्रेणी में आता है। विभिन्न मंचों पर आंकड़ों में अंतर होने के कारण प्रदूषण की वास्तविक स्थिति जानने के लिए संबंधित समय और स्थानीय निगरानी केंद्र के आधिकारिक आंकड़ों को देखना आवश्यक है। स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की अपील तेजी से दादरा नगर हवेली के बिगड़ते वायु गुणवत्ता के पीछे के कर्म को अगर समझा जाए तो दादरा नगर हवेली सहित पूरे सिलवासा शहर में अंधाधुंध हो रहे निर्माण कार्य इसके प्रमुख वजह हो सकते हैं। दादरा नगर हवेली का कुल क्षेत्रफल 492 वर्ग किलोमीटर है जबकि इसके 60% हिस्से को रिजर्व फॉरेस्ट घोषित किया गया है और 40% हिस्से पर ही खेती उद्योग और दूसरे व्यवसाय किए जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में खासकर पिछले दो दशकों में दादरा नगर हवेली में वाहनों की संख्या तेजी से बड़ी है जिससे वायु गुणवत्ता पर इसका प्रतिकूल असर पड़ा है। भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय और सड़क परिवहन मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दादरा नगर हवेली तथा दमण और दीव में कुल पंजीकृत मोटर वाहनों की संख्या लगभग 57,985 है। एक के अनुपात के हिसाब से देखा जाए तो यहाँ प्रति 1,000 लोगों पर वाहनों की संख्या का घनत्व काफी अधिक है। ऐतिहासिक आंकड़ों (जैसे कि विकिपीडिया सूचकांकों) के अनुसार यहाँ प्रति 1,000 जनसंख्या पर लगभग 228 पंजीकृत वाहन हैं, जो इसे भारत में उच्च वाहन घनत्व वाले क्षेत्रों में शामिल करता है। वायु प्रदूषण का बढ़ता स्तर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा पहले से सांस या हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से परेशानी का कारण बन सकता है। प्रदूषण का स्तर अधिक रहने पर लोगों को खुले में अधिक समय तक व्यायाम करने से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर बाहर निकलते समय उपयुक्त कण-रोधी मास्क का उपयोग करना चाहिए तथा सांस लेने में परेशानी, खांसी या सीने में जकड़न होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। सिलवासा में प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए नागरिकों को वायु गुणवत्ता के ताजा आंकड़ों पर नजर रखने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की आवश्यकता है।

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