असली आजादी न्यूज नेटवर्क, सिलवासा/दमण, 30 अगस्त। संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव के शिक्षा निदेशालय ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभाग में एक बड़ा फेरबदल किया है। शिक्षा निदेशालय द्वारा 29 अगस्त 2026 को जारी एक आधिकारिक आदेश के तहत प्रदेश के 16 वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षकों के कार्यभार में तत्काल प्रभाव से बदलाव करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। शिक्षा निदेशक और समग्र शिक्षा की राज्य परियोजना निदेशक महिमा तोमर द्वारा जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का सुचारू क्रियान्वयन, निविदा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी को और अधिक मजबूत करना है। इस प्रशासनिक पुनर्गठन के तहत उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिलावर दाउदे को दादरा नगर हवेली का सहायक शिक्षा निदेशक और कार्यालय प्रमुख नियुक्त किया गया है, जो मुख्य रूप से अनुदान प्राप्त स्कूलों, पीपीपी स्कूलों और छात्रावासों से जुड़े प्रस्तावों की देखरेख करेंगे। हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक राजेश जे. हलपति को दमण का जिला शिक्षा अधिकारी और शिक्षा निदेशालय (संघ प्रदेश थ्रीडी) का सहायक शिक्षा निदेशक (एडमिन) बनाया गया है। उन्हें स्कूली शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण टेंडरों, जैसे कि यूनिफॉर्म, जूते, किताबें और साइकिल की खरीद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही स्नातकोत्तर शिक्षक (पीजीटी) राजेश सिंह को दीव का जिला शिक्षा अधिकारी जिला पंचायत का शिक्षा अधिकारी और समग्र शिक्षा का जिला परियोजना अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही पीएम-पोषण दीव का नोडल अधिकारी बनाया गया है। पीजीटी हरेंद्रकुमार सी. पाठक को दमण जिला पंचायत का सहायक शिक्षा निदेशक, दमण नगरपालिका का शिक्षा अधिकारी और पीएम-पोषण योजना का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही अन्य जिम्मेदारी भी दी गई है। शैक्षणिक मोर्चे पर सुधार के लिए टीजीटी परितोष शुक्ला को संघ प्रदेश का सहायक शिक्षा निदेशक (अकादमिक) बनाया गया है, जो सभी स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों और डेटा प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होंगे। इसके अतिरिक्त टीजीटी राजेंद्र आर. मोहिले को दादरा नगर हवेली का जिला परियोजना अधिकारी (समग्र शिक्षा) और समावेशी शिक्षा का राज्य समन्वयक नियुक्त किया गया है। इस फेरबदल में स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए नए प्रभारियों की भी घोषणा की गई है। टीजीटी दौलतसिंह पी. सोलंकी को सिलवासा नगरपालिका और दानह जिला पंचायत का शिक्षा अधिकारी नियुक्त करते हुए पीएम-पोषण के तहत सेंट्रलाइज्ड किचन के प्रस्तावों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही अन्य जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। सहायक जिला शिक्षा निरीक्षक (एडीईआई) स्मिता थॉमस को दमण का अकादमिक शिक्षा अधिकारी और समग्र शिक्षा का जिला परियोजना अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों के मामलों को संभालेंगी। एडीईआई पीयूष मारू को दानह का जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें दीव में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके साथ ही प्राथमिक शिक्षक डॉ. सतीश पटेल को समग्र शिक्षा का सहायक राज्य परियोजना निदेशक बनाया गया है, जो समग्र शिक्षा और पीएम-श्री योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे। इनके अलावा पीजीटी बलवंत पाटील और टीजीटी जयेश ए. भंडारी को अगले आदेश तक प्रतिक्षा सूची में रखा गया है। साथ ही पीजीटी गौरांग एच. वोरा को दानह के दादरा में जीएचएसएस का हेड मास्टर के साथ एनसीसी/एनएसएस यूनिट दानह की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जबकि उन्हे दानह खेल शिक्षा अधिकारी के पद से कार्यमुक्त किया गया है। पीजीटी उमेश एन. हलपति को झरी जीएचएसएस के प्रभारी प्राचार्य का पदभार मिला है। पीजीटी अरविंद पी. सोलंकी को जेठीबाई हायर सेकेंडरी स्कूल एवं जीएचएसएस घोघला के प्रभारी प्राचार्य का पदभार मिला है। जबकि एडीईआई अरविंद पटेल को कचीगाम जीएचएसएस का प्रभारी प्राचार्य का पदभार मिला है। शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि इन सभी पदों पर कार्यरत अधिकारियों को इस अतिरिक्त प्रभार के लिए कोई अतिरिक्त पारिश्रमिक या भत्ता नहीं दिया जाएगा। इस आदेश के जारी होने से ठीक पहले संबंधित पदों का प्रभार संभाल रहे सभी अधिकारियों और शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है। विभाग को उम्मीद है कि इस बड़े प्रशासनिक बदलाव से संघ प्रदेश में चल रही विभिन्न केंद्रीय और स्थानीय शैक्षणिक परियोजनाओं में तेजी आएगी और छात्र कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ सीधे जमीन स्तर पर मिल सकेगा।

