असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण, 15 जुलाई। शासकीय विभागों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, डिजिटल अवसंरचना को सुरक्षित बनाने तथा साइबर सुरक्षा संबंधी क्षमताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, दादरा नगर हवेली और दमण-दीव प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (ठीॠऊ), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (टी्र३), भारत सरकार के सहयोग से राज्य डेटा हेतु साइबर सुरक्षा ढाँचे को सुदृढ़ बनाने विषय पर संघ राज्य क्षेत्र स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 15 जुलाई 2026 को शासकीय अभियांत्रिकी महा-विद्यालय दमण के सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यशाला में संघ राज्य क्षेत्र के विभिन्न शासकीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य संबंधित हितधारकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दीव से अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यशाला में सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ अजय कुमार गुप्ता, सचिव (सूचना प्रौद्योगिकी), दादरा नगर हवेली और दमण-दीव प्रशासन द्वारा मुख्य अतिथि के रूप में दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उत्पल मेहता, अतिरिक्त राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, दादरा नगर हवेली और दमण-दीव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अपने उद्घाटन संबोधन में गुप्ता ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा सुशासन की आधारशिला बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह केवल सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक शासकीय विभाग तथा प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नागरिक सेवाओं के बढ़ते डिजिटलीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षित डिजिटल सेवाओं, निरंतर क्षमता निर्माण, साइबर जागरूकता तथा राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन के माध्यम से ही सुरक्षित, विश्वसनीय एवं भविष्य के अनुरूप डिजिटल प्रशासन की स्थापना की जा सकती है। कार्यशाला के प्रारंभिक सत्र में पूजा कांडपाल, उप महाप्रबंधक (क्षमता निर्माण), राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर संचालित साइबर सुरक्षा पहलों का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया। उन्होंने राज्यों एवं संघ राज्य क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ बनाने, संस्थागत क्षमता विकसित करने तथा डिजिटल प्रशासन को अधिक सुरक्षित एवं सक्षम बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। तकनीकी सत्रों में साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. अरुणा गोवाडा, सहायक निदेशक (सूचना प्रौद्योगिकी), दमण ने भारत की साइबर सुरक्षा नीति एवं उभरते साइबर खतरों विषय पर विस्तृत जानकारी देते हुए बदलते साइबर परिदृश्य तथा उससे निपटने के लिए सक्रिय एवं समयबद्ध तैयारियों की आवश्यकता पर बल दिया। प्रशांत शर्मा, वरिष्ठ सलाहकार ने शासकीय डिजिटल अवसंरचना की सुरक्षा विषय पर प्रस्तुति देते हुए सरकारी अनुप्रयोगों, राज्य डेटा केंद्र, स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क, क्लाउड अवसंरचना तथा डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर प्रकाश डाला। सम्राट किशोर, प्रधान सलाहकार (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर एवं साइबर सुरक्षा), ठीॠऊ, टी्र३ ने साइबर घटना प्रतिक्रिया, उएफळ-कल्ल अनुपालन एवं साइबर संकट प्रबंधन विषय पर प्रभावी घटना प्रबंधन, त्वरित रिपोर्टिंग प्रणाली, संस्थागत तैयारी तथा नियामकीय अनुपालन के महत्व को विस्तार से समझाया। अर्शिल खान, टीम लीड (साइबर विधि), ठीॠऊ, टी्र३ ने डेटा संरक्षण, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023 एवं सुरक्षित डिजिटल प्रशासन विषय पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डेटा गोपनीयता, विधिक प्रावधानों, रीू४१ी-ु८-ऊी२्रॅल्ल सिद्धांतों तथा सुरक्षित डिजिटल प्रशासन के विभिन्न आयामों की जानकारी दी। समापन तकनीकी सत्र में किशोर एस. चौधरी, प्रधानाचार्य, ठकएछकळ, दमण ने शासकीय विभागों के लिए साइबर सुरक्षा की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियाँ विषय पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने साइबर स्वच्छता, मजबूत पासवर्ड प्रबंधन, फिशिंग से बचाव, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के महत्व पर विशेष बल दिया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों एवं विशेषज्ञों के बीच उभरते साइबर खतरों, डेटा सुरक्षा, साइबर घटना प्रबंधन, डिजिटल गोपनीयता तथा शासकीय विभागों में प्रभावी साइबर सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन को लेकर सार्थक एवं संवादात्मक चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता व्यक्त की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, उएफळ-कल्ल, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ निरंतर समन्वय एवं सहयोग के माध्यम से संघ राज्य क्षेत्र में साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ बनाने तथा सुरक्षित, सशक्त एवं डिजिटल रूप से सक्षम प्रशासन स्थापित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। डिजिटल सुशासन की सफलता केवल तकनीक पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सुरक्षित एवं विश्वसनीय डिजिटल प्रणालियों पर आधारित होती है। साइबर सुरक्षा को प्रत्येक विभाग की कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बनाना समय की आवश्यकता है।

