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सांसद उमेश पटेल ने शीतकालीन सत्र में राष्ट्रीय और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया

असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 24 दिसंबर। दमण-दीव के निर्दलीय सांसद उमेश पटेल का लोकसभा में शीतकालीन सत्र में प्रदर्शन काफी शानदार रहा। सांसद कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि दमण-दीव के निर्दलीय सांसद उमेश पटेल ने 2025 के शीतकालीन सत्र को एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उपयोग किया। जहां उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं और देश के राष्ट्रीय मुद्दों को मजबूती से उठाया। सत्र कुल 15 दिनों का था, लेकिन व्यवधानों के कारण केवल 11 दिन चला। सांसद उमेश पटेल ने सत्र को उत्पादक बनाने की वकालत की और हंगामे तथा व्यवधानों की कड़ी आलोचना की, क्योंकि इससे करदाताओं के धन की बर्बादी होती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सदन को सुचारू रूप से चलना चाहिए, न कि ड्रामा का केंद्र बनना चाहिए और स्पीकर से इस संबंध में अपील की। कुल मिलाकर, वे सत्र को जनता की सेवा, विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और राष्ट्रहित में योगदान देने के प्लेटफॉर्म के रूप में मानते हैं, हालांकि व्यवधानों से निराशा व्यक्त की। इस सत्र में सांसद उमेश पटेल की भागीदारी काबिले तारीफ रही। सत्र में उनकी 100% उपस्थिति रही, विविध माध्यम से 14 डिबेट्स में हिस्सा लिया और शून्यकाल एवं प्रश्नकाल में कुल 15 मुद्दे उठाए। दमण-दीव सांसद उमेश पटेल ने दमण-दीव से संबंधित मुद्दों में मेडिकल कॉलेज में पीजी छात्रों की बढ़ी फीस कम करने की मांग, शिक्षकों की भर्ती में गुजराती माध्यम के युवाओं के साथ हो रहे अन्याय को उजागर किया, स्थानीय भर्ती में डोमिसाइल को अनिवार्य बनाने की वकालत, वणाकबारा (दीव)में क्रिक ड्रेजिंग और हार्बर का कार्य शुरू करने की मांग, स्मार्ट सिटी के अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता की अपील, पाकिस्तानी जेलों में बंद भारतीय मछुआरों की रिहाई और सुरक्षित वापसी के लिए तत्काल कार्यवाही एवं आदिवासी समाज की समस्याओं का समाधान और दिशा समिति की बैठकों में भागीदारी जैसे मुद्दे उठाये। जबकि सांसद उमेश पटेल ने चुनाव सुधारों पर चर्चा, वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर योगदान, तंबाकू नियंत्रण और युवाओं के रोजगार एवं अधिकारों की रक्षा, विभिन्न विधेयकों पर चर्चा, जैसे स्वास्थ्य सुरक्षा सेस बिल (जिसमें गुजरात की दारूबंदी की पोल खोली), केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन बिल और परमाणु ऊर्जा बिल, एसआईआर जैसी राष्ट्रहित की बातों पर सत्ता पक्ष का समर्थन कि या, लेकिन नशे के व्यापार संबंधी बिल पर खुलकर विरोध किया। सांसद उमेश पटेल ने सदन के खर्च और सांसदों को मिलने वाली मुफ्त सुविधाओं पर सवाल उठाया तथा सांसदों को आईना दिखाया। सत्र के दौरान सांसद उमेश पटेल ने विभिन्न मंत्रालयों के मंत्रियों से मिलकर समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से शिक्षकों की भर्ती और मेडिकल पीजी फीस पर चर्चा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से दीव के विकास परियोजनाओं के लिए सहायता, जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम से आदिवासी समाज की समस्याओं पर चर्चा एवं विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से पाकिस्तानी जेलों में बंद मछुआरों की रिहाई पर चर्चा की।

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