- इस सुविधा से मरीजों को उन्नत जांच के लिए मुंबई और सूरत जैसे शहरों में जाने की आवश्यकता कम करने में मदद मिलेगी
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण, 22 अक्टूबर। सिलवासा के नमो अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के हिस्टोपैथोलॉजी सेक्शन में अब अत्याधुनिक उपकरण और आधुनिक तकनीक के साथ अत्याधुनिक ऑनकोपैथोलॉजी सुविधा का 21 अक्टूबर को शुभारंभ किया गया। इन सुविधाओं का उद्देश्य कैंसर की सटीक पहचान सुनिश्चित करना, जांच प्रक्रिया में तेजी लाना और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। पीएम मोदी के दिशानिर्देश और संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव के प्रशासक प्रफुल पटेल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में विगत वर्षों से स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तथा नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है। नमो अस्पताल सिलवासा में इस प्रकार के अत्याधुनिक उपकरण और आधुनिक तकनीक के साथ अत्याधुनिक ऑनकोपैथोलॉजी सुविधा का शुभारंभ इसी व्यापक स्वास्थ्य-केंद्रित दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
अस्पताल में उपलब्ध नई आधुनिक सुविधाओं का प्रदेश के नागरिकों को लाभ मिलेगा। पूर्णत: स्वचालित क्रायोस्टेट माइक्रोटोम: यह मशीन ऑपरेशन के दौरान जांच करने में मदद करती है। इससे डॉक्टर तुरंत पता लगा सकते हैं कि ट्यूमर कैंसर वाला है या नहीं और ऑपरेशन में निकाले गए हिस्से के किनारों पर कैंसर रह तो नहीं गया। इससे ऑपरेशन का सही निर्णय लेने में मदद मिलती है। रोश वेंटाना उन्नत इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री सुविधा: यह कैंसर की जांच की एक आधुनिक तकनीक है। इससे पता चलता है कि कैंसर किस प्रकार का है, जैसे – स्तन कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, प्रोस्टेट, पेट का कैंसर और लिम्फोमा। यह जांच यह तय करने में भी मदद करती है कि मरीज के लिए कौन सी लक्षित दवा ज्यादा असरदार रहेगी। डीपी 200 डिजिटल स्लाइड स्कैनिंग सिस्टम: यह मशीन जांच की स्लाइड को डिजिटल स्कैन करती है और कंप्यूटर से कैंसर के मार्कर की सही मात्रा को नापती है। इससे जांच ज्यादा सटीक होती है। टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई के बाद भारत में यह मशीन लगाने वाला नमो अस्पताल प्रमुख अस्पतालों में से एक है। पूर्णत: स्वचालित टिश्यू प्रोसेसर, एम्बेडिंग स्टेशन एवं एएमएसएस 330 ऑटोमेटेड स्लाइड स्टेनर: ये मशीनें बायोप्सी के सैंपल को तैयार करने और रंगने का काम ऑटोमैटिक करती हैं। इससे लैब का काम तेज होता है, जांच की गुणवत्ता एक जैसी रहती है और रिपोर्ट जल्दी मिलती है। डेका-हेड, पैंटा-हेड एवं ट्राइनोकुलर शिक्षण माइक्रोस्कोप: ये माइक्रोस्कोप विद्यार्थियों को हिस्टोपैथोलॉजी, साइटोलॉजी एवं हेमेटोलॉजी का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे पैथोलॉजी के पीजी छात्र एक साथ एक ही सैंपल को देखकर पढ़ाई कर सकते हैं। इससे उनकी ट्रेनिंग बेहतर होगी। इम्यूनोफ्लोरेसेंस माइक्रोस्कोप: यह मशीन किडनी और चमड़ी की बायोप्सी की खास जांच के लिए है। इससे किडनी और चमड़ी से जुड़ी बीमारियों का पता लगाने में मदद मिलती है। साइटोस्पिन: यह मशीन शरीर के तरल पदार्थों में से कोशिकाओं को अलग कर जांच के लिए स्लाइड बनाती है। इससे तरल पदार्थ में कैंसर कोशिका है या नहीं, इसका पता लगाया जा सकता है।
इन अत्याधुनिक सुविधाओं से कैंसर का सटीक निदान, बायोमार्कर की जांच और समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही, पैथोलॉजी विभाग और सर्जरी करने वाले चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। ये सुविधाएं नमो मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में पैथोलॉजी में टऊ कर रहे पोस्टग्रेजुएट छात्रों के प्रशिक्षण को भी मजबूत करेंगी। क्षेत्र में आधुनिक कैंसर जांच की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: नमो अस्पताल सिलवासा में स्थापित यह अत्याधुनिक सुविधा इस क्षेत्र में कैंसर की जांच के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस प्रकार की नवीनतम तकनीक से युक्त सुविधा इस क्षेत्र में उपलब्ध नहीं है, जिससे नमो अस्पताल कैंसर निदान के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। इससे दादरा नगर हवेली और दमण-दीव के साथ-साथ गुजरात और महाराष्ट्र के मरीजों को भी लाभ मिलेगा, विशेषकर उन लोगों को जिन्हें कैंसर की सटीक जांच एवं बायोमार्कर मूल्यांकन की आवश्यकता है। इस सुविधा से मरीजों को उन्नत जांच के लिए मुंबई और सूरत जैसे शहरों में जाने की आवश्यकता कम करने में मदद मिलेगी।

