– प्रशासक के सलाहकार अंकुर गर्ग और केन्द्रीय वस्तु एवं सेवा कर तथा केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दमण के आयुक्त डॉ. सतीश कुमार ने जीएसटी कौशल केंद्र एवं जीएसटी मित्र सुविधा केन्द्र का किया उद्घाटन
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 26 अक्टूबर। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आयुक्तालय दमण ने आज स्वामी विवेकानंद सभागार दमण में करदाताओं के लिए एक दिवसीय आउटरीच कैंप का आयोजन किया। यह आयोजन केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के सौ-दिवसीय राष्ट्रव्यापी आउटरीच कार्यक्रम सहज कर संवाद के तहत किया गया। इसे करदाता सेवा महानिदेशालय के साथ मिलकर आयोजित किया गया था और इसमें केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन का सहयोग रहा। इस कैंप में एक ही मंच पर वस्तु एवं सेवा कर, आयकर और संस्थागत ऋण के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। यह कैंप सुबह 10:00 बजे शुरू हुआ और पूरे दिन पंजीकृत एवं अपंजीकृत करदाताओं तथा आम जनता के लिए खुला रहा। यहां नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों, किसानों, मत्स्य पालन से जुड़े लोगों, महिला स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, स्टार्टअप्स, कारीगरों, सड़क विक्रेताओं, एमएसएमई और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के लिए विशेष सहायता डेस्क मौजूद थे। जीएसटी और आयकर मार्गदर्शन काउंटरों पर अधिकारी तैनात थे। इसके अलावा, सार्वजनिक और निजी बैंकों के बैंक कॉर्नर, केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के विभिन्न विभागों, जीएसटी कार्यालय, स्वयं सहायता समूहों, कॉमन सर्विस सेंटर्स, एसआईडीबीआई और नेशनल कैडेट कोर ने ऋण परामर्श और विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में डीजीटीएस टेव के प्रधान अतिरिक्त महानिदेशक सुमित कुमार और डीजीटीएस अहमदाबाद के अतिरिक्त महानिदेशक एम. के. सारंगी उपस्थित थे। सीजीएसटी दमण के आयुक्त सतीश कुमार ने स्वागत भाषण दिया। इस कार्यक्रम में उद्योग जगत का प्रतिनिधित्व करने के लिए डीआईए प्रेसिडेंट पवन अग्रवाल और सिलवासा औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अजीत यादव उपस्थित रहे। इस मौके पर सुमित कुमार ने उपस्थित लोगों को 57वीं परिषद के निर्णयों और इस क्षेत्र के व्यापार एवं उद्योग के लिए उनके महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक अधिकारी की दोहरी भूमिका—सुविधा प्रदाता और प्रवर्तक—एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। प्रवर्तन का सबसे मजबूत आधार वह करदाता है, जिसे कानून समझने में मदद की गई हो। सुमित कुमार ने कहा कि आपके क्षेत्र में जीएसटी से जुड़े मुख्य मुद्दे विषय पर जानकारी दी। इसमें जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में लिए गए निर्णयों और उनमें हुए बदलावों पर चर्चा की गई—जैसे कि क्या बदला है, यह कब से लागू होगा, यह किन पर लागू होता है, करदाताओं को अब क्या करना चाहिए, और वे कहाँ से मदद ले सकते हैं। साथ ही उन्होंने करदाताओं से आग्रह किया कि वे 57वीं जीएसटी काउंसिल के निर्णयों के तहत लागू किए गए नए उपायों के बारे में अपने अनुभव साझा करें। कमिश्नरेट ने शाम 5:00 बजे सीजीएसटी दमण कार्यालय, आरसीपी कंपाउंड वापी में जीएसटी कौशल केंद्र और जीएसटी मित्र सुविधा केंद्र (रिटर्न मित्र) का उद्घाटन किया। छोटे और मध्यम व्यवसायों के साथ-साथ उन करदाताओं को, जिन्हें नियमों का पालन करने में कठिनाई होती है, यहाँ जीएसटी रिटर्न दाखिल करने, पंजीकरण कराने और अन्य प्रक्रियात्मक कार्यों के लिए मुफ्त सहायता मिल सकती है। यह केंद्र एमएस एक्सल, टैली प्राइम, जीएसटी बिलिंग, ई-वे बिल बनाने और जीएसटी रिकॉर्ड रखने के लिए प्रशिक्षण देकर लोगों की क्षमता भी बढ़ाएगा। यह केंद्र हर शनिवार शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे तक खुला रहेगा और कोई भी नागरिक जो ये कौशल सीखना चाहता है, यहाँ आ सकता है। कार्यक्रम के आदर्श वाक्य सहज कर संवाद: सरल अनुपालन, सशक्त करदाता— को दोहराते हुए, कमिश्नरेट ने कहा कि कर प्रशासन तब सबसे बेहतर तरीके से काम करता है, जब करदाता केवल नियमों का पालन ही न करे, बल्कि कानून को समझे भी। क्षेत्र के करदाताओं, व्यापारियों, एमएसएमई, टैक्स प्रोफेशनल्स और नागरिकों को वापी स्थित जीएसटी कौशल केंद्र का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

