असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दीव 9 अक्टूबर। वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान संवेदना और देखभाल की भावना को साकार करने के उद्देश्य से भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (एनआईएसडी) तथा संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण एवं दीव के प्रशासक प्रफुल पटेल के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन दीव के संयुक्त तत्वावधान में आज केवड़ी स्थित एजुकेशन हब में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल हेतु 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 9 से 13 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांशु पंत ने किया। इस अवसर पर मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. संदीप राठौड, वरिष्ठ नागरिक प्रभाग के संयुक्त सचिव सजीश कुमार, राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान के निदेशक गौरव सिंह राजवत, जिला कलेक्टर राहुल देव बूरा, जिला पंचायत की अध्यक्ष रंजिता कोटिया, नगरपालिका की उपाध्यक्षा करुणा सोलंकी अन्य जनप्रतिनिधि, उप समाहर्ता शिवम मिश्रा सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, प्रशिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, प्रशिक्षणार्थी तथा मीडिया के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। दीव के जिला कलेक्टर राहुल देव बूरा एवं जिला पंचायत की अध्यक्ष रंजिता कोटिया ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का पौधे एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया। इसके पश्चात वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सुधांशु पंत ने इस पहल के लिए संघ प्रदेश दमण एवं दीव के प्रशासक प्रफुल पटेल के साथ-साथ जिला प्रशासन दीव तथा राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रशासक प्रफुल पटेल के कुशल नेतृत्व में जिला कलेक्टर दीव राहुल देव बुरा के प्रयासों से दीव में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय स्तर पर वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की आवश्यकता को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्थानीय महिलाओं एवं अन्य प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करने से वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए कुशल मानव संसाधन उपलब्ध होगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होने तथा परिवारों को अपने बुजुर्ग सदस्यों की बेहतर देखभाल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर सुधांशु पंत ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षित, संवेदनशील एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध ऐसे कार्यकर्ताओं का समूह तैयार करना है, जो वरिष्ठ नागरिकों को बुनियादी देखभाल प्रदान कर सकें, उनकी आवश्यकताओं की समय रहते पहचान कर सकें, उन्हें उपयुक्त सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ सकें तथा भावनात्मक एवं मनोसामाजिक सहयोग उपलब्ध करा सकें। उन्होंने कहा कि दीव जिले के वरिष्ठ नागरिकों की विशिष्ट आवश्यकताओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सहायता प्रणालियों को सुदृढ़ करना है। पंत ने कहा कि वृद्ध होती जनसंख्या की बदलती आवश्यकताओं के मद्देनजर यह कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है। ऐसे वरिष्ठ नागरिक, जो अकेले रहते हैं, दैनिक गतिविधियों के लिए दूसरों की सहायता पर निर्भर हैं अथवा जिन्हें परिवार से पर्याप्त देखभाल नहीं मिल पाती, उनके लिए प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में व्यावहारिक, सहभागितापूर्ण एवं क्षेत्र-आधारित पद्धति अपनाई जाएगी, ताकि प्रतिभागी प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का उपयोग अपने समुदाय में प्रभावी ढंग से कर सकें। पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को वृद्धावस्था के शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, भावनात्मक एवं सामाजिक पहलुओं की जानकारी देने के साथ वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षित, सम्मानजनक एवं संवेदनशील देखभाल के लिए आवश्यक व्यावहारिक दक्षताएँ विकसित की जाएँगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से दीव जिले में लगभग 50 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं तथा जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों को प्रशिक्षित एवं संवेदनशील बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे वरिष्ठ नागरिकों की बुनियादी देखभाल एवं सहायता प्रदान करने की उनकी क्षमता में वृद्धि होने की अपेक्षा है। प्रशिक्षण से वरिष्ठ नागरिकों की अतिरिक्त देखभाल संबंधी आवश्यकताओं की समय पर पहचान करने, आवश्यकता पड़ने पर उन्हें उचित सेवाओं के लिए संदर्भित करने तथा सरकारी योजनाओं और सहायता व्यवस्थाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे विशेष रूप से अकेले रहने वाले अथवा सीमित पारिवारिक सहयोग प्राप्त करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान सुधांशु पंत ने उपस्थित प्रतिभागियों को वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण हेतु शपथ दिलाई। शपथ के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान एवं संवेदनशीलता बनाए रखने, उनके अधिकारों और हितों की रक्षा करने तथा उनके लिए सुरक्षित, सहयोगपूर्ण एवं समावेशी वातावरण तैयार करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। इस अवसर पर अपने संबोधन में जिला कलेक्टर राहुल देव बूरा ने कहा कि किसी समाज की पहचान केवल इस बात से नहीं होती कि वह अपने बच्चों को भविष्य के लिए कितना तैयार करता है, बल्कि इस बात से भी होती है कि वह उन वरिष्ठ नागरिकों की कितनी अच्छी देखभाल करता है, जिन्होंने समाज और परिवार के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दीव में अनेक परिवारों के युवा सदस्य रोजगार एवं आजीविका के लिए पुर्तगाल, लंदन तथा अन्य देशों में रह रहे हैं, जबकि उनके माता-पिता और अन्य बुजुर्ग परिजन दीव में ही रहते हैं। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों की नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण देखभाल सुनिश्चित करना एक महत्वपूर्ण आवश्यकता है। जिला कलेक्टर ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल को केवल घरेलू कार्य या कम कौशल वाले काम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे एक सम्मानजनक, कुशल एवं व्यवस्थित व्यवसाय के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को स्नान करने, भोजन करने, दवाइयाँ लेने, चलने-फिरने तथा दैनिक गतिविधियों में सहायता के लिए प्रशिक्षित, जिम्मेदार और संवेदनशील देखभालकर्ताओं की आवश्यकता होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से स्थानीय प्रतिभागियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, उन्हें रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर मिलेंगे और दीव के वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर देखभाल, सुरक्षा तथा सम्मान प्राप्त होगा। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से इस कार्यक्रम को केवल एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम न मानकर उपयोगी कौशल अर्जित करने और वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं को संवेदनशीलता से समझने का अवसर मानने का आह्वान किया। राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान की वरिष्ठ नागरिक प्रभाग की पाठ्यक्रम समन्वयक आशा शर्मा एवं कनिष्ठ सलाहकार ऋतु दंडरियाल इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कर रही हैं। संस्थान के उपनिदेशक (प्रशिक्षण) एवं वरिष्ठ नागरिक प्रभाग के प्रमुख, जिला कलेक्टर कार्यालय दीव तथा अन्य संबंधित हितधारकों के समन्वय से कार्यक्रम की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं व्यवस्थागत गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के क्षेत्र में स्थानीय क्षमता निर्माण, कुशल देखभालकर्ताओं की उपलब्धता तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे दीव में वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर देखभाल सेवाएँ उपलब्ध कराने तथा उनके जीवन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाने में सहायता मिलने की अपेक्षा है क्योंकि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल केवल परिवार का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उनके अनुभव, योगदान और गरिमा का सम्मान करते हुए उनके लिए संवेदनशील, सुरक्षित और समावेशी वातावरण तैयार करना आवश्यक है।

