असली आजादी न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली 20 फरवरी। नई दिल्ली संसद भवन एनेक्सी में आज संसद की स्थायी समिति की बैठक आयोजित हुई थी। कृषि, पशुपालन एवं खाद्य प्रसंस्करण संबंधी स्थायी समिति की बैठक में दमण-दीव के सासंद उमेश पटेल ने सक्रिय रूप से भाग लिया। यह बैठक अनुदान मांगों (2026-27) के परीक्षण के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें सहकारिता मंत्रालय, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय (पशुपालन एवं डेयरी विभाग) तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति के समक्ष अपने पक्ष रखे। सांसद कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस बैठक के दौरान सांसद उमेश पटेल ने दमण-दीव सहित केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़े कृषि, पशुपालन, डेयरी, सहकारिता और किसान कल्याण के विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, संसाधनों के न्यायसंगत आवंटन तथा जमीनी स्तर पर आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को मजबूती से उठाया। सांसद उमेश पटेल ने स्पष्ट किया कि किसान, पशुपालक और सहकारी संस्थाएँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था की नींव हैं। उनके हितों की अनदेखी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपेक्षा की कि अनुदान मांगों में क्षेत्रीय आवश्यकताओं, छोटे किसानों और पशुपालकों की वास्तविक समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। सांसद उमेश पटेल ने दोहराया कि दमण एवं दीव सहित सभी केंद्र शासित प्रदेशों के न्यायसंगत अधिकारों, विकास और जनहित के मुद्दों को संसद के हर मंच पर पूरी मजबूती से उठाया जाता रहेगा।

