asliazadi
दमण, दानह, दीव की खबरें

गुजरात के उद्योगों के प्रदूषण का दमणगंगा नदी को फिर लगा ग्रहण: सांसद उमेश पटेल ने संघ प्रदेश प्रशासन से प्रदूषण रोकने की मांग की

– सांसद उमेश पटेल ने प्रशासक के सलाहकार अंकुर गर्ग को पत्र लिखकर 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग भी की
– सांसद उमेश पटेल ने आज सुबह समुद्र नारायण मंदिर, नानी दमण पुराना ब्रिज, सांई मंदिर, मोटी दमण लाइट हाउस से मांगेलवाड तक मोटी दमण क्षेत्र में भी किया था निरीक्षण
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 16 अक्टूबर। दमण की जीवनरेखा समान दमणगंगा नदी को फिर एक बार गुजरात के वापी क्षेत्र के प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का ग्रहण लग चुका है। पिछले कुछ दिनों से दमणगंगा नदी का रंग लाल और काला दिखने लगा है। साथ हीसाथ तीव्र दुर्गंध भी आ रही है। दमण-दीव सांसद उमेश पटेल को तटीय क्षेत्र के निवासियों ने इसकी शिकायत की थी। सांसद उमेश पटेल ने आज सुबह समुद्र नारायण मंदिर, नानी दमण पुराना ब्रिज, सांई मंदिर, मोटी दमण लाइट हाउस से मांगेलवाड तक मोटी दमण क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रदूषण की समस्या को नजदीक से समझा। सांसद उमेश पटेल ने प्रशासक के सलाहकार अंकुर गर्ग को पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से दमणगंगा नदी में फैले प्रदूषण को रोकने की मांग की। इतना ही नहीं सांसद ने 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगा है। सांसद उमेश पटेल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि दमणगंगा नदी में रासायनिक प्रदूषण की शिकायतें बार-बार प्रशासन के समक्ष रखी जा रही हैं, तो आज तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं निकला? क्या गुजरात की औद्योगिक इकाइयों को दमणगंगा नदी में रासायनिक अपशिष्ट छोड़ने की खुली छूट दे दी गई है? यदि नहीं, तो प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन की ठोस कार्रवाई जमीन पर दिखाई क्यों नहीं देती? उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी में प्रदूषण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि दमण के नागरिकों के स्वास्थ्य, मछुआरों की आजीविका, जलीय जीवों और आने वाली पीढि़यों के भविष्य से जुड़ा गंभीर जनहित का मुद्दा है। सांसद उमेश पटेल ने दमणगंगा नदी में रासायनिक प्रदूषण के स्रोतों की तत्काल वैज्ञानिक जांच कराने, प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने, संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने, नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और अब तक की गई कार्रवाई, जिम्मेदार इकाइयों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट 15 दिनों में उपलब्ध कराने की मांग की है। सांसद उमेश पटेल ने कहा कि दमणगंगा हमारी जीवनदायिनी नदी है, इसे औद्योगिक कचरे का नाला बनने नहीं दिया जा सकता। जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि साफ नदी और जमीन पर दिखाई देने वाली कार्रवाई चाहिए। उन्होंने चेताया कि यदि प्रशासन द्वारा समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो इस गंभीर विषय को केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालयों और अन्य सक्षम मंचों के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा।

Related posts

भरुच में आयोजित साउथ जोन ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी सम्मेलन में शरीक हुए संघ प्रदेश थ्रीडी प्रशासक प्रफुल पटेल

Asli Azadi

दमण में आज स्व. भावनाबेन प्रफुलभाई पटेल की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन

Asli Azadi

संघ प्रदेश थ्रीडी भाजपा सदस्यता अभियान के प्रदेश प्रभारी भूपेंद्रसिंह चुडासमा ने दीव में की समीक्षा बैठक

Asli Azadi

Leave a Comment