असली आजादी न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली 17 मार्च। दमण-दीव सांसद उमेश पटेल ने लोकसभा में डिमांड ऑफ ग्रांट्स पर चर्चा के दौरान दमण-दीव के विकास के लिए 2000 करोड रूपये के अनुदान की मांग की। सांसद उमेश पटेल ने कहा कि अध्यक्ष महोदय मैं इस महत्वपूर्ण डिमांड ऑफ ग्रांट्स पर चर्चा के अवसर पर इस सदन में मेरे प्रदेश के लोगों की आवाज रखने के लिए खड़ा हुआ हूं। बजट केवल सरकार का वित्तीय दस्तावेज नहीं होता, बजट देश की दिशा, दशा और भविष्य तय करने वाला नीति-पत्र होता है। मैं इस सदन का ध्यान भारत के एक छोटे लेकिन अत्यंत रणनीतिक महत्व वाले केंद्रशासित प्रदेश दमण-दीव की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। उमेश पटेल ने कहा कि दमण केवल औद्योगिक हब नहीं है और दीव केवल पर्यटन स्थल नहीं है यह क्षेत्र भारत की इ’४ी एूङ्मल्लङ्मे८ का प्रवेश द्वार बन सकता है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन हब बन सकता है और लाखों युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकता है। हमारे प्रशासन के कई सकारात्मक प्रयासों के बावजूद आज भी सच्चाई यह है कि बेहतर इलाज के लिए हमारे लोगों को सूरत, मुंबई, राजकोट और अहमदाबाद जाना पड़ता है। आज भी हमारे प्रदेश का कोई विश्वविद्यालय तो छोड़ो शिक्षा बोर्ड तक नहीं है। आज हमारे प्रदेश की सरकारी नौकरी में डोमिसाइल अनिवार्य न होने से सरकारी नौकरी हमारे युवाओं को नहीं मिलती। हमारा प्रदेश औद्योगिक हब होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को स्थायी रोजगार नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति आत्मनिर्भर भारत के सपने के साथ न्याय नहीं करती। हमारे दीव के मछुआरों की समस्याओं के समाधान के लिए दीव के ड्रेजिंग प्रोजेक्ट एवं हार्बर प्रोजेक्ट जल्द शुरू कराए जाएं। साथ ही स्मार्ट सिटी के अधूरे कार्य के लिए जरूरी फंड देकर प्रोजेक्ट पूर्ण करवाए जाएं। तटीय पर्यटन और समुद्री अर्थव्यवस्था का विकास, कोस्टल टूरिज्म और ब्लू इकोनॉमी हब, दमण-दीव को नेशनल कोस्टल टूरिज्म और ब्लू इकोनॉमी हब घोषित किया जाए। इसके लिए 2000 करोड़ रूपये का विशेष पैकेज दिया जाए। जिसमें इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल, मरीन फिशिंग हार्बर, वॉटर स्पोर्ट्स हब, सी-फूड प्रोसेसिंग पार्क, कोस्टल रिसर्च सेंटर, गोवा की तर्ज़ पर कैसीनो लाइसेंस शामिल हैं। यदि सही नीति बने तो यह क्षेत्र गोवा से भी बड़ा पर्यटन केंद्र बन सकता है। सूरत से मुंबई के बीच आज तक एम्स स्तर का कोई अस्पताल नहीं है। मैं सरकार से मांग करता हूँ कि दमण में एम्स की स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाए। यह केवल दमण-दीव ही नहीं बल्कि दक्षिण गुजरात और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों के लिए जीवन रक्षक होगा। दमण-दीव में एजुकेशन, मैरीटाइम और टूरिज्म सेंट्रल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाए। हमारे प्रदेश की मेडिकल कॉलेज में पीजी कोर्स के लिए जो फीस वसूली जा रही है, वह बहुत ज्यादा है, जिसको दिल्ली की सरकारी मेडिकल कॉलेज के पीजी के कोर्स की तरह कम रखा जाए। इसके साथ ही केवीके आईसीएआर संस्थान-समुद्री अनुसंधान केंद्र, यह क्षेत्र समुद्री अर्थव्यवस्था और पर्यटन शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बन सकता है। दमण में ट्रैफिक और कनेक्टिविटी एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। इसलिए मैं केंद्र सरकार से नानी दमण-मोटी दमण ब्रिज, नेशनल हाईवे को जोड़ने के लिए नानी दमण वड़ चौकी से मोटी दमण आम्बावाडी तक दमणगंगा नदी पर नया ब्रिज बनाने की मांग करता हूं। इससे ट्रैफिक की समस्या का स्थायी समाधान होगा। 2️ नए कोस्टल ब्रिज, बढ़ते पर्यटन और ट्रैफिक को देखते हुए जम्पोर (मोटी दमण) से फणसा (गुजरात) ब्रिज, कडैया (नानी दमण) से कोलक (गुजरात) ब्रिज के लिए केन्द्र सरकार फंड दें। उड़वाड़ा रेलवे स्टेशन से समुद्र के ऊपर सी-लिंक मॉडल पर मोनोरेल, जो नानी दमण और मोटी दमण को जोडते हुए वापी रेलवे स्टेशन से जुड़े, या फिर वाटर मेट्रो सेवा शुरू की जाए। यह परियोजना पूरे क्षेत्र के परिवहन और पर्यटन को नई दिशा दे सकती है। अध्यक्ष महोदय विकास ऐसा नहीं होना चाहिए जो विनाश बन जाए। आज सच्चाई यह है कि वापी के केमिकल उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण के कारण दमणगंगा नदी और कोलक नदी गंभीर रूप से प्रदूषित हो चुकी हैं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि नमामि गंगे मिशन की तर्ज पर दमणगंगा और कोलक नदी पुनर्जीवन मिशन शुरू किया जाए। इसके लिए विशेष बजटीय पैकेज दिया जाए। आज मध्यम वर्ग महंगाई से परेशान है। सरकार को चाहिए कि टैक्स में राहत दे, पेट्रोल और डीजल सस्ता हो और जीएसटी प्रणाली सरल बने। दमण-दीव से उद्योग पलायन रोकने के लिए मैं सुझाव देता हूं कि केंद्र सरकार 50% जीएसटी ले और राज्य हिस्से की 50% जीएसटी में विशेष छूट के रूप में माफ़ की जाए। आज भी देश का किसान कर्ज़ में डूबा है। मेरी सरकार से मांग है कि एमएसपी को कानूनी गारंटी मिले, फसल बीमा पारदर्शी बने, सिंचाई और कोल्ड स्टोरेज पर निवेश बढ़े, किसानों की आय सहायता बढ़े और हमारे प्रदेश में बंद ग्रामीण विकास योजनाएँ फिर से शुरू की जाएं। यदि किसान सुरक्षित नहीं है तो देश भी सुरक्षित नहीं है। महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़ा पैकेज मिले, आंगनवाड़ी और आशा वर्करों का वेतन बढ़े, वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन बढ़े, दिव्यांग पेंशन की पात्रता सीमा घटाई जाए ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को सहायता मिल सके। आज देश का युवा अवसर ढूंढ रहा है। इसलिए हर जिले में स्किल सेंटर बनें, एमएसएमई को टैक्स राहत मिले, स्टार्टअप को सस्ता लोन मिले, अप्रेंटिसशिप बढ़े। स्थानीय रोजगार सृजन हेतु विशेष पहल के लिए खाली सरकारी पद जल्द भरे जाएं, जिनमें स्थानीय युवाओं को डोमिसाइल नियम अनिवार्य किया जाए। स्थानीय रोजगार के लिए कोस्टल एमएसएमई मिशन शुरू किया जाए। इसके तहत बोट मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, फिश प्रोसेसिंग क्लस्टर, टूरिज्म स्टार्टअप फंड, हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट जोन, स्थापित किए जाएं। यदि सरकार दमन-दीव को टङ्मिी’ उङ्मं२३ं’ ऊी५ी’ङ्मस्रेील्ल३ फीॅ्रङ्मल्ल के रूप में विकसित करती है तो यह क्षेत्र हजारों युवाओं को रोजगार देगा, देश को विदेशी मुद्रा दिलाएगा और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बनेगा। मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि यह बजट अमीरों का नहीं, आम आदमी का बजट बने, मुनाफे का नहीं, मानवता का बजट बने, सत्ता का नहीं, संविधान का बजट बने। यही सच्चे राष्ट्र निर्माण का मार्ग है।

