असली आजादी न्यूज नेटवर्क, सिलवासा 17 मई। फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सिलवासा ने दादरा नगर हवेली के सभी उद्योग सदस्यों से अपील करने के लिए एक बैठक बुलाई। इस बैठक का उद्देश्य ज़म्मिेदार ईंधन खपत के लिए उद्योगों में मितव्ययिता के उपाय लागू करना था। पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न हो रही बदलती वैश्विक स्थिति की पृष्ठभूमि में और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और दमण-दीव के प्रशासक प्रफुल पटेल की अपील के जवाब में जिसमें उन्होंने संसाधनों के कुशल उपयोग और ज़म्मिेदार ईंधन खपत पर सामूहिक कार्रवाई का आ”ान किया था यह बैठक आयोजित की गई। फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन सिलवासा के अध्यक्ष ने उद्योगों के तीनों संघों एसआईए, डीएनएचआईए और सीमा की ओर से सभी उद्योगों, संस्थानों और हितधारकों से अपील की है कि वे ज़म्मिेदार ईंधन खपत और सतत जीवन शैली की दिशा में चलाए जा रहे। इस आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लें। ऐसा करके, वे निम्नलिखित उपायों को अपनाते हुए, चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के दौरान राष्ट्रीय लचीलेपन की भावना को और मज़बूत करेंगे। पीएनजी को ऊर्जा के पसंदीदा स्रोत के रूप में अपनाएं।उद्योगों को सक्रिय रूप से ‘पाइप्ड नेचुरल गैस’ (पीएनजी) की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह एक स्वच्छ, सुरक्षित और अधिक कुशल ईंधन है, जो एलपीजी / एफओ जैसे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता को कम करता है। मासिक ईंधन खपत कम करें: उद्योगों और नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे सचेत रूप से अपनी औसत मासिक ईंधन खपत को कम करें और सोच-समझकर उपयोग करके इसे यथासंभव न्यूनतम स्तर तक लाने का प्रयास करें।सार्वजनिक परिवहन का अधिकतम उपयोग करें: उद्योगों को उन बस मार्गों पर सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों का उपयोग करने के लिए कहा गया है जो गांवों को कवर करते हैं, साथ ही निजी वाहनों के बजाय ‘स्टाफ बस’ के उपयोग को प्रोत्साहित करने की सलाह दी गई है। कारपूलिंग को बढ़ावा दें: उद्योग के कर्मचारियों को कारपूलिंग (एक ही गाड़ी में कई लोगों का सफ़र करना) की प्रथा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो सके और ईंधन का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।अनावश्यक खर्च / यात्राओं से बचें: आर्थिक समझदारी के एक उपाय के तौर पर लोगों को सलाह दी जाती है कि वे विदेश यात्राओं से बचें या उन्हें कुछ समय के लिए टाल दें।जहां संभव हो, ‘वर्क फ्रॉम होम’ करें: संस्थानों और उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाता है कि जहां भी संभव हो, वे ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ (घर से काम करने) की प्रथा को अपनाएं, ताकि दैनिक आवागमन और ईंधन की खपत को कम किया जा सके। इले्ट्रिरक मोबिलिटी (विद्युत चालित वाहनों) की ओर बढ़ें: उद्योगों से आग्रह किया जाता है कि वे पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों के एक सतत विकल्प के रूप में धीरे-धीरे इले्ट्रिरक वाहनों की ओर अपना रुख करें। कार्यालय परिसर में ही भोजन करने की संस्कृति को बढ़ावा दें: उद्योग के अधिकारियों से अनुरोध किया जाता है कि वे कार्यालय के समय के दौरान अनावश्यक आवागमन को कम करने के लिए, अपना दोपहर का भोजन कार्यालय परिसर के भीतर ही करें। सरकारी यात्रा का युक्तिसंगत बनाना: उद्योग प्रबंधन / कर्मचारियों को बाहरी स्थानों की हवाई यात्रा से बचने और अधिक ईंधन-कुशल विकल्प के रूप में रेलवे के उपयोग को अधिकतम करने की सलाह दी गई है।वर्चुअल बैठकों को प्रोत्साहन: उद्योग प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकों का आयोजन करें और उन्हें प्राथमिकता दें, विशेष रूप से बाहरी स्थानों से होने वाली बातचीत के लिए, जिससे यात्रा की आवश्यकताएं कम हो सकें। स्वच्छ ऊर्जा पीएनजी को बढ़ावा: केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन इस क्षेत्र में पाइप वाली प्राकृतिक गैस पाइपलाइन के विस्तार के प्रयासों को तेज करेगा और उसने उद्योगों से अपील की है कि जहां भी कनेक्शन उपलब्ध हों, वहां वे स्वच्छ और अधिक कुशल ऊर्जा स्रोत के विकल्प के रूप में सक्रिय रूप से पीएनजी को अपनाएं।सप्ताह में कम से कम एक दिन ईंधन-मुक्त दिवस / ‘वाहन-मुक्त दिवस’ अपनाएं। सभी उद्योग सदस्यों को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन को ईंधन-मुक्त दिवस / वाहन-मुक्त दिवस के रूप में अपनाएं, जिसके लिए वे केवल साइकिल, सार्वजनिक परिवहन और इले्ट्रिरक वाहनों का उपयोग करें। ये उपाय दानह के उद्योगों के उस अटूट समर्पण को दर्शाते हैं, जिसके तहत वे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ तालमेल बिठाते हैं और ऊर्जा संरक्षण के प्रयासों में सार्थक योगदान देते हैं। माननीय प्रशासक के दूरदर्शी मार्गदर्शन में, प्रशासन पूरी ईमानदारी और सामूहिक भागीदारी के साथ इस जिम्मेदारी को निभाने के अपने संकल्प पर अडिग है। इस बैठक में फेडरेशन और 3 उद्योग संघ के प्रमुख प्रतिनिधियों में अतुल शाह, अजीत यादव, संजीव कपूर, कल्पेश सोलंकी, आर. के. नायर और आयोजन सचिव परेश गज्जर ने भाग लिया।

