असली आजादी न्यूज नेटवर्क सिलवासा 7 मई। सिलवासा के उल्टन फलिया रिंग रोड पर मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार और जल्द से जल्द मंजिल तक पहुंचने की बेसब्री ने एक और युवा जिंदगी को निगल लिया। हादसे में 19 वर्षीय युवक प्रथम राजेश बरफ की मौके पर ही मौत हो गई, जिसके बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साई भीड़ ने कार चालक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी और बाद में कार को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया। मिली जानकारी के अनुसार योगी मिलन सोसायटी के पास यात्री निवास से पीपरिया की ओर एक तेज रफ्तार कार जा रही थी। इसी दौरान कार ने बाइक सवार युवक प्रथम बरफ, निवासी उल्टन फलिया, को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि युवक सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर चोटों के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। जैसे ही लोगों को मृत युवक की पहचान पता चली, माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों ने कार चालक को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। कार चालक की पहचान रमेश, निवासी महाराष्ट्र, के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद लोगों का गुस्सा इस कदर फूट पड़ा कि उन्होंने कार में तोड़फोड़ शुरू कर दी और देखते ही देखते वाहन को आग लगा दी। कुछ ही मिनटों में कार आग की ऊंची लपटों में घिर गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सिलवासा के उल्टन फलिया रिंग रोड की खतरनाक स्थिति को उजागर कर दिया है। लोगों का कहना है कि इस सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन यहां हादसे होते हैं और कई परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके हैं। नागरिकों का कहना है कि सड़क पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी संकेत और नियमित ट्रैफिक जांच की व्यवस्था नहीं होने के कारण वाहन चालक बेलगाम रफ्तार से गाड़ियां दौड़ाते हैं। खासकर रात के समय यह सड़क मौत का रास्ता बन जाती है। कई बार प्रशासन से शिकायतें और मांगें किए जाने के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। बता दें कि सड़क दुर्घटनाओं के पीछे सबसे बड़ा कारण तेज रफ्तार के साथ लोगों की जल्दबाजी और असहिष्णुता बनती जा रही है। कुछ मिनट पहले पहुंचने की होड़ में लोग अपनी और दूसरों की जिंदगी को खतरे में डाल रहे हैं। मोबाइल फोन का इस्तेमाल, लापरवाही से ओवरटेक करना और यातायात नियमों की अनदेखी हादसों को और बढ़ा रही है। प्रथम बरफ की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक सड़कें युवाओं की जिंदगी निगलती रहेंगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि उल्टन फलिया रिंग रोड पर सख्त ट्रैफिक नियंत्रण लागू किया जाए, स्पीड मॉनिटरिंग कैमरे लगाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।

