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दादरा नगर हवेली-अथाल का “हवेली फार्म” अब “श्री सरकार”

– सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने 9.70 एकड जमीन को अपने कब्जे में लिया ल्ल सरकार ने आज हवेली फार्म की जमीन को अपने कब्जे में लिया ल्ल सुप्रीम कोर्ट में पिछले साल 24 सितंबर को ग्रास लैंड को लेकर आया था फैसला: फतेह सिंह चौहाण ने इस आदेश पर 23 अक्टूबर 2025 को दानह जिला कलेक्टर को दिया था आवेदन – दानह जिला कलेक्टर ने अथाल सर्वे नंबर 335/1, 340/2 और 342 की 9.70 एकड जमीन को कब्जे में लेने का आदेश किया था पारित ल्ल प्रशासन ने अब तक दादरा नगर हवेली जिले के विभिन्न गांवों से 272.30 एकड जमीन कब्जे में ले ली है: आज 9.70 एकड जमीन और श्री सरकार के कब्जे में हो गई

असली आजादी न्यूज नेटवर्क, सिलवासा 05 मई। दादरा नगर हवेली जिला प्रशासन ने आज बडी कार्रवाई करते हुए अथाल गांव में स्थित हवेली फार्म से प्रसिद्ध सर्वे नंबर 335/1, 340/2 और 342 वाली 9.70 एकड जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है। ये कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश और समाहर्ता के निर्देश के तहत की गई है। गौरतलब है कि पिछले साल कई दशकों से चल रहे ग्रास लैंड मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट का सरकार के पक्ष में फैसला आया था। 24 सितंबर 2025 को फतेह सिंह चौहाण ने 31 अक्टूबर 2025 को दानह जिला कलेक्टर के सामने आवेदन प्रस्तुत किया था। इसी आधार पर प्रक्रिया को आगे बढाते हुए प्रशासन ने आज अथाल स्थित 9.70 एकड जमीन को कब्जे में ले लिया है। प्रशासन के अनुसार, कब्जे में ली गई कुल भूमि का क्षेत्रफल 9.70 एकड़ है। इसमें वह जमीन भी शामिल है, जिसे स्थानीय स्तर पर ”हवेली फार्म, अथाल” के नाम से जाना जाता है। इस कार्रवाई को प्रशासन ने सरकारी भूमि संरक्षण और न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी दादरा एवं नगर हवेली जिले के विभिन्न गाँवों में प्रशासन द्वारा करीब 272.30 एकड़ ग्रास लैंड का कब्जा लिया जा चुका है। अथाल में की गई यह ताजा कार्रवाई उसी अभियान का हिस्सा मानी जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट में ग्रास लैंड मामला जीतना प्रशासन की मजबूत और प्रमाणिक इच्छा शक्ति का परिणाम है

दमण-दीव के बाद दादरा नगर हवेली की कमान संभालने के साथ प्रशासक प्रफुल पटेल ने सरकारी अधिकार वाली जमीनों को फिर से सरकार के अधीन लेने का अभियान शुरूकर दिया था। 280 एकड से ज्यादा इस ग्रास लैंड का मामला भी उनके संज्ञान में आया था। प्रशासक प्रफुल पटेल ने अपने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिये थे कि सरकारी जमीन मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनानी है। प्रशासक के मार्गदर्शन में दानह जिला प्रशासन ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से रखा। खासकर 2024-25 में वर्तमान प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पूरी जमीन पर श्री सरकार के दावे को मजबूती से पेश किया। परिणाम 24 सितंबर 2025 को देखने को मिला जब माननीय सुप्रीम कोर्ट ने दादरा नगर हवेली प्रशासन के पक्ष में फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दानह जिला प्रशासन ने दादरा नगर हवेली के विभिन्न गांवों की ग्रास लैंड को श्री सरकार के साथ अपने कब्जे में लेने का अभियान शुरू किया। अब तक लगभगएक हजार दो सौ करोड़ रूपये से अधिक की 283 एकड जमीन श्री सरकार की हो गई है।

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