– मोदी सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने से पहले लोकसभा की सीटों को मौजूदा 543 से बढाकर 816 सीटें कर सकती है
– 2019 में संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और संघ प्रदेश दमण-दीव के एकीकरण के बाद लोकसभा की सीटों परिसीमन के समय सिर्फ 1 सीट रह जाने की बातें राजनीतिक गलियारों में लगातार चल रही थी – सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मोदी सरकार ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश की महिलाओं को लोकसभा एवं विधानसभाओं में 33% आरक्षण का अधिकार देने के लिए नारी वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक मौजूदा सत्र में ही संसद में पेश करने का बना लिया है मन – सरकार महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित करने के लिए दो विधेयक लाने की बना रही है योजना : परिसीमन अधिनियम में संशोधन करके केंद्र सरकार महिलाओं के लिए 273 नई सीटें सृजित करने की योजना बना रही है – देश के ज्यादातर राज्यों की लोकसभा सीटों में 50% तक की हो सकती है बढोत्तरी : संघ शासित प्रदेशों में सीटों के बढने की कोई संभावना नहीं हालांकि कम करने की भी कोई योजना नहीं
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 29 मार्च। केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी में जुटी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, लोकसभा की सीटों को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 करने की दिशा में कदम उठाने की तैयारी चल रही है। यह प्रस्ताव जनसंख्या के मौजूदा अनुपात को बनाए रखते हुए परिसीमन आयोग के जरिए लागू किया जाएगा, जिसमें कुल सीटों का एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित रहेगा। सरकार इससे जुड़ा हुआ एक बिल नारी वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक मौजूदा सत्र में ही संसद में पेश कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार इस संशोधन विधेयक को लेकर तमाम राजनीतिक दलों (जिनमें एनडीए से जुड़े हुए और विपक्ष से जुड़े हुए राजनीतिक दल शामिल हैं) के साथ एक आम सहमति बनाने की कोशिश में भी लगी हुई है। जानकारी के मुताबिक नए विधेयक में मौजूदा लोकसभा सीटों की संख्या 50 फीसदी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। इस सबके बीच में हमारे संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमण-दीव के लिए राहत भरी खबर आई है। संघ प्रदेश थ्रीडी की दोनों लोकसभा सीटें बरकरार रहने की प्रबल संभावनाएं है। गौरतलब है कि 2019 में संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली और संघ प्रदेश दमण-दीव का एकीकरण किया गया था। उसी वक्त से लोकसभा सीटों के परिसीमन के समय इस संघ प्रदेश में सिर्फ एक ही सीट रह जाने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में अब तक चल रही है। लेकिन मोदी सरकार महिला आरक्षण विधेयक जब लागू करने जा रही है और लोकसभा की सीटें इसके लिए बढाये जाने की दिशा में कदम बढा चुकी है ऐसे में इस छोटे से संघ प्रदेश सीटें कम करने के कोई संकेत नहीं दिये गये है। महिला आरक्षण लागू होने के बाद दो में से एक सीट महिला के लिए आरक्षित हो सकती है। सूत्रों की माने तो मोदी सरकार ने 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश की महिलाओं को लोकसभा एवं विधानसभाओं में 33% आरक्षण का अधिकार देने के लिए नारी वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक मौजूदा सत्र में ही संसद में पेश करने का मन बना लिया है। सरकार महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित करने के लिए दो विधेयक लाने की योजना बना रही है। परिसीमन अधिनियम में संशोधन करके केंद्र सरकार महिलाओं के लिए 273 नई सीटें सृजित करने की योजना बना रही है।

