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बिजली के निजीकरण का सबसे ज्यादा नुकसान दादरा नगर हवेली के गरीब आदिवासियों को होगा : गरीब परिवारों को 10 रुपये में पूरे महीने बिजली देने की सुविधा हो सकती है बंद

– केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमण तथा दीव बिजली विभाग/निगम को खरीदने की ऊंची बोली लगाने वाली टोरेंट पावर गुजरात में गरीब (बीपीएल) परिवारों को 50 यूनिट तक 1.50 रुपये प्रति यूनिट और 50 यूनिट से ज्यादा के लिए घरेलू बिजली दर (3.65 रुपये से लेकर 5.05 रुपये तक) से देता है बिजली – वर्तमान में दादरा नगर हवेली के 30000 आदिवासी गरीब परिवारों को प्रशासन के अधीन दादरा नगर हवेली विद्युत वितरण लिमिटेड सिर्फ 10 रुपये में पूरे महीने देता है बिजली – निजीकरण के बाद निजी कंपनी टोरेंट बंद कर देगा 10 रुपये प्रति माह बिजली देने की सुविधा तो 30000 परिवार भारी बिजली का बिल चुकाने में होगा असमर्थ
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, दमण 07 जनवरी। केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमण तथा दीव बिजली विभाग एवं निगम को गुजरात की निजी कंपनी टोरेंट पावर के हाथों में सौंप देने के फैसले के बीच सबसे ज्यादा इसका खामियाजा दादरा नगर हवेली के गरीब आदिवासियों को भुगतना पड सकता है। केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमण तथा दीव में बिजली व्यवस्था की कमान संभालने वाली कंपनी टोरेंट पावर दादरा नगर हवेली में गरीब आदिवासियों को पूरे महीने 10 रुपये में बिजली देने की योजना पर पूर्णविराम लगा सकती है। क्योंकि केंद्रशासित प्रदेश थ्रीडी की बिजली वितरण व्यवस्था एवं खुदरा व्यापार में ऊंची बोली लगाकर टेंडर प्राप्त करने वाली टोरेंट पावर पडोसी राज्य गुजरात में गरीब (बीपीएल) परिवारों को 50 यूनिट तक 1.5 रुपये प्रति यूनिट बिजली देती है और 50 यूनिट से ज्यादा बिजली की खपत वाले गरीब परिवारों को सामान्य एवं अमीर परिवारों के भाव से ही बिजली देती है। सीधे-साधे शब्दों में कहे तो दादरा नगर हवेली के 30000 गरीब परिवार जो आज सिर्फ 10 रुपये प्रति महीने में बिजली की सुविधा प्राप्त कर रहे है उनका कम से कम महीने का बिल 100 रुपये और एवरेज बिल 400 से 500 रुपये आ सकता है। ऐसे में ज्यादातर गरीब परिवार बिजली का बिल भरने में असमर्थ होगें। जिसके कारण गरीब परिवारों के बिजली कनेक्शन धडाधड कटने शुरु हो जायेंगे। गौरतलब है कि भारत सरकार ने गरीब आदिवासियों को बिजली की सुविधा मुहैया कराने के लिए दादरा नगर हवेली में सिर्फ 10 रुपये प्रति माह चुका कर पूरे महीने मनचाही बिजली उपयोग करने की सुविधा दे रखी है। लेकिन निजी कंपनी को संवेदना और सुविधा से कोई लेना-देना नहीं रहता है, क्योंकि उसे तो सिर्फ व्यापार करना होता है। पडोसी राज्य गुजरात में गरीबों को जिस भाव से टोरेंट पावर बिजली देती है उसी तर्ज पर कंपनी केंद्रशासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली और दमण तथा दीव में भी बिजली देगी। इसका सीधा मतलब यह है कि प्रदेश के गरीबों को भी निजी कंपनी टोरेंट पावर के नियम और टैरिफ के तहत पैसा चुकाना होगा।

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