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लक्षद्वीप में मालदीव की तर्ज पर 800 करोड रुपये के खर्चे से बनेंगे वॉटर विला

– पीएम मोदी के मार्गदर्शन और प्रशासक प्रफुल पटेल के विजन से केन्द्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप की पर्यटन क्षेत्र में उंची उडान
– लक्षद्वीप के मिनिकोय, सुहेली और कदमत टापूओं पर बनने वाले वॉटर विला से प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले पायेंगे पर्यटक: भारत में इस प्रकार का पहला प्रोजेक्ट – वॉटर विला सौर ऊर्जा से संचालित और इको-फ्रेन्डली संसाधनों से बनाये जाएगें – भारत को मिलेगा वर्ल्ड क्लास ट्रावेल डेस्टिनेशन
असली आजादी न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली 04 अगस्त। मोदी सरकार ने केन्द्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप को मालदीव की तर्ज पर पर्यटन के क्षेत्र में विकसित करने के प्रोजेक्ट पर काम शुरु करते हुए मिनिकोय, सुहेली और कदमत टापूओं पर वॉटर विला बनाने की मंजूरी दे दी है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन और प्रशासक प्रफुल पटेल के पर्यटन विजन के कारण 800 करोड रुपये की लागत से लक्षद्वीप में वॉटर विला बनने जा रहे है। लक्षद्वीप में वॉटर विला प्रोजेक्ट को विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की मंजूरी भी मिल गयी है। वॉटर विला प्रोजेक्ट का संचालन पूरी तरह से सौर ऊर्जा (सोलर पावर) से होगा। जबकि वॉटर विला का निर्माण पूरी तरह से ईको-फ्रेन्डली संसाधनों से किया जायेगा। पर्यटन संपदा से भरपूर केन्द्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप के द्वीपों पर बनने वाले वॉटर विला प्रोजेक्ट देश का पहला ऐसा प्रोजेक्ट है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक, प्रशासन की तरफ से प्रीमियम जलमहलों के निर्माण के लिए ग्लोबल टेंडर लाया गया है। कहा गया है कि इनके निर्माण में अपनाया गया वैज्ञानिक दृष्टिकोण पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और लोगों की आजीविका के अवसरों की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाए रखने को सुनिश्चित करेगा। बताया गया है कि लक्षद्वीप के मिनीकॉय (150 कीज, 319 करोड), कदमत (110 कीज, 240 करोड) और सुहेली (110 कीज, 247 करोड) द्वीपों पर काम होना है। प्रीमियम जलमहलों के निर्माण के लिए अलग-अलग विभागों से क्लीयरेंस भी लिया जा चुका है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिसंबर 2020 में केन्द्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप का अतिरिक्त प्रभार केन्द्रशासित प्रदेश थ्रीडी के प्रशासक प्रफुल पटेल को सौंपा था। अतिरिक्त प्रभाव होने के बावजूद प्रशासक प्रफुल पटेल ने थ्रीडी की तरह लक्षद्वीप के नागरिकों को प्राथमिक सुविधाओं, मोदी सरकार की योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टीविटी के साथ पर्यटन विकास पर भी जोर दिया। मोदी सरकार ने केन्द्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप के लिए पर्यटन के क्षेत्र में 800 करोड रुपये का निवेश करने का जो फैसला किया है वह मोदी सरकार का लक्षद्वीप के प्रति लगाव और प्रशासक प्रफुल पटेल का पर्यटन विजन से संभव हुआ है। आनेवाले एक-दो सालों में केन्द्रशासित प्रदेश लक्षद्वीप सभी क्षेत्रों में स्वनिर्भर होगा और इसका सीधा लाभ लक्षद्वीप के स्थानीय नागरिकों को मिलेगा।

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